लता मंगेशकर जयंती 2026: जैकी श्रॉफ, कुमार सानु, CM सरमा ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई में 28 सितंबर को भारत रत्न और महान गायिका लता मंगेशकर की जयंती पर बॉलीवुड और संगीत जगत के दिग्गजों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। अभिनेता जैकी श्रॉफ, गायक नितिन मुकेश, कुमार सानु, रूप कुमार राठौड़ और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने-अपने अंदाज़ में स्वर-साम्राज्ञी को याद किया।
कलाकारों की श्रद्धांजलि
अभिनेता जैकी श्रॉफ ने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर लता मंगेशकर की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'लता जी आप हमारे दिलों में हमेशा रहेंगी।' गायक नितिन मुकेश ने भी इंस्टाग्राम पर उनकी तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, 'हर पल मैं आपको सामने से सुनने के लिए तरसता हूं। जब तक हम फिर से नहीं मिलते, तब तक भगवान भी आपके संगीत का आनंद लें।'
गायक रूप कुमार राठौड़ ने एक पुरानी तस्वीर के साथ इंस्टाग्राम पर लिखा, 'भारत रत्न लता मंगेशकर जी को उनकी जयंती पर याद कर रहा हूं। उनकी आवाज़ सिर्फ संगीत से बढ़कर थी। यह एक ऐसा एहसास था जिसने पीढ़ियों को छुआ और जो आज भी लाखों दिलों में ज़िंदा है। एक ऐसी कालजयी लीजेंड, जिनकी आवाज़ हमेशा भारत की आत्मा का हिस्सा रहेगी।'
कुमार सानु का भावुक संदेश
गायक कुमार सानु ने इंस्टाग्राम पर लिखा, 'लता दीदी… आपकी आवाज़ ने हर दिल को छुआ और भावनाओं को शब्दों से परे एक मतलब दिया। मैं खुद को खुशनसीब मानता हूं कि मैं आपको सुनते हुए बड़ा हुआ, आपसे सीखा और आपके साथ गाने का सम्मान हासिल किया।' सानु ने यह भी कहा कि लता जी की सादगी, पवित्रता और संगीत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
CM सरमा ने याद किया असमिया संगीत का अनमोल रिश्ता
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लता मंगेशकर और असम के महान गायक-संगीतकार डॉ. भूपेन हजारिका के बीच के संगीत-संबंध को याद किया। उन्होंने लिखा, 'उनका पहला असमिया गाना 'जोनाकोरे राती, असोमिरे माटी', जिसे डॉ. भूपेन हजारिका ने 1956 में फिल्म 'एरा बाटोर सुर' के लिए कंपोज किया था, असम की संगीत यादों का एक अहम हिस्सा बन गया।'
सरमा ने आगे लिखा कि लता जी ने एक बार कहा था कि 'आई' शब्द में कुछ बहुत खूबसूरत है — मराठी और असमिया दोनों में इसका अर्थ 'मां' होता है, जो दो संस्कृतियों को खूबसूरती से जोड़ता है। गौरतलब है कि लता मंगेशकर और डॉ. भूपेन हजारिका का यह संगीत का बंधन कई दशकों तक कायम रहा।
लता मंगेशकर की विरासत
लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर 1929 को हुआ था और उन्होंने सात दशकों से अधिक समय तक भारतीय संगीत को अपनी अद्वितीय आवाज़ से समृद्ध किया। उन्हें भारत रत्न सहित अनेक सर्वोच्च सम्मानों से नवाज़ा गया था। फरवरी 2022 में उनके निधन के बाद भी उनकी आवाज़ करोड़ों श्रोताओं के दिलों में ज़िंदा है। यह ऐसे समय में और भी प्रासंगिक है जब नई पीढ़ी के संगीतकार और कलाकार उनसे प्रेरणा लेते हुए भारतीय संगीत को नई ऊँचाइयाँ दे रहे हैं।