बिग बॉस 20 में मैरी कॉम का खुलासा: 'सब कुछ खत्म करने की सोची थी, बच्चों ने बचाया'
सारांश
मुख्य बातें
छह बार की विश्व मुक्केबाजी चैंपियन मैरी कॉम ने 24 सितंबर 2026 को रियलिटी शो 'बिग बॉस 20' में एक भावुक और अप्रत्याशित खुलासा किया — कि उनकी जिंदगी में एक ऐसा दौर आया था जब उन्होंने सब कुछ खत्म कर लेने के बारे में सोचा था, लेकिन अपने छोटे बच्चों की वजह से वह हिम्मत नहीं हारीं। बॉक्सिंग रिंग में अजेय दिखने वाली इस खिलाड़ी ने कैमरे के सामने स्वीकार किया कि उनका असली संघर्ष रिंग से बाहर, ज़िंदगी की चुनौतियों में था।
मैरी कॉम ने साथी कंटेस्टेंट्स के सामने क्या कहा
शो में मैरी कॉम ने साथी प्रतियोगियों ईशा रिखी, रीति तिवारी और कनिका मान के साथ अपने व्यक्तिगत संघर्षों को साझा किया। उन्होंने कहा, 'मैंने बचपन से ही बहुत कुछ झेला है। मैंने अपने परिवार, राज्य और देश के लिए बहुत कुर्बानियां दी हैं।'
उन्होंने अपनी खेल भावना और अतृप्त जीत की चाहत को भी उजागर किया। उनके शब्दों में, 'मैं एक एथलीट हूं, जो मेडल जीतना चाहती है, मेरे लिए एक-दो मेडल काफी नहीं है। मेरे अंदर अभी भी जीतने की भूख है लेकिन उम्र ज़्यादा होने की वजह से अब हिस्सा नहीं ले सकती।'
आँसुओं की वह कहानी जो दुनिया ने नहीं देखी
मैरी कॉम ने बताया कि भावनाओं को जाहिर करना अब उनके लिए मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा, 'मैं बहुत रोई हूं। अब धीरे-धीरे मुझे आंसू अंदर खींचने होंगे।' यह बयान उस स्त्री की कहानी बयान करता है जो बाहर से फौलादी दिखती हैं, लेकिन भीतर से गहरे दर्द को संजोए हुई हैं।
गौरतलब है कि मैरी कॉम ने इससे पहले कभी सार्वजनिक मंच पर इतनी व्यक्तिगत पीड़ा को इस तरह खुलकर साझा नहीं किया था। यह खुलासा ऐसे समय में आया है जब मानसिक स्वास्थ्य और खिलाड़ियों की भावनात्मक चुनौतियाँ राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बन रही हैं।
मैरी कॉम की असाधारण उपलब्धियाँ
मैरी कॉम भारत की सबसे सफल बॉक्सर्स में से एक हैं। उन्होंने महिला विश्व मुक्केबाजी प्रतियोगिता में 6 स्वर्ण पदक जीते हैं — 2002, 2005, 2006, 2008, 2010 और 2018 में। वह विश्व चैंपियनशिप में 8 पदक जीतने वाली एकमात्र मुक्केबाज हैं और पाँच बार एशियाई मुक्केबाजी चैंपियन भी रह चुकी हैं।
उनकी प्रेरणा मणिपुर के बॉक्सर डिंग्को सिंह रहे, जिनसे प्रभावित होकर उन्होंने बॉक्सिंग को चुना। शुरुआती दिनों में उनके पिता इसके खिलाफ थे, जिसके चलते उन्हें छुप-छुपकर प्रशिक्षण लेना पड़ा और कई आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
बिग बॉस 20 में भावनात्मक उपस्थिति का असर
रियलिटी शो में मैरी कॉम की यह भावुक स्वीकारोक्ति दर्शकों और सोशल मीडिया पर गहरी प्रतिक्रिया पैदा कर रही है। यह ऐसे समय में और भी महत्वपूर्ण है जब कई पूर्व खिलाड़ी रिटायरमेंट के बाद की मानसिक और भावनात्मक यात्रा से जूझते दिखते हैं।
मैरी कॉम का यह संस्करण — जो ट्रॉफियों और पदकों से परे, एक माँ और एक इंसान के रूप में खड़ा है — उनकी जनता के बीच विरासत को और गहरा करता है।