क्या मिलिंद सोमन ने मुंबई मैराथन में हिस्सा लेकर सफलता की कुंजी को उजागर किया?
सारांश
Key Takeaways
- कंसिस्टेंसी सफलता की कुंजी है।
- फिटनेस के प्रति समर्पण आवश्यक है।
- प्रकृति में व्यायाम करना महत्वपूर्ण है।
- स्वस्थ जीवनशैली अपनाना चाहिए।
- दौड़ना एक प्रकार का ध्यान है।
मुंबई, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेता और फिटनेस के प्रतीक मिलिंद सोमन हमेशा स्वास्थ्य के प्रति सजग रहते हैं। इसलिए, वह अक्सर ऐसे कई इवेंट्स में भाग लेते हैं, जो फिटनेस से जुड़े होते हैं। मुंबई मैराथन में उन्होंने एक बार फिर अपनी अद्भुत फिटनेस और समर्पण का प्रदर्शन किया।
उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किया कि यह उनका 21वां मुंबई मैराथन और 14वां फुल मैराथन है। मिलिंद ने इसे साल का सबसे खास और शानदार दिन बताया। इस इवेंट में उनकी पत्नी अंकिता कोंवर भी शामिल हुईं। मिलिंद ने अपने समय के अनुसार फुल मैराथन 4 घंटे 54 मिनट में पूरा किया, जबकि अंकिता ने अपने एक दोस्त को पहले फुल मैराथन के लिए पेस देते हुए 4 घंटे 40 मिनट में दौड़ पूरी की।
इस उपलब्धि पर मिलिंद ने कहा, “मैं मुंबई मैराथन में 21वीं बार दौड़ रहा हूं और यह मेरा 14वां फुल मैराथन है। यह एक शानदार इवेंट बन गया है। यह शायद साल की एकमात्र तारीख है, जो निश्चित और विशेष है।”
मिलिंद ने कंसिस्टेंसी को सफलता की कुंजी बताते हुए इवेंट के आयोजकों, विशेषकर अनिल, विवेक और उनकी पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। साथ ही, सभी दौड़ने वाले प्रतिभागियों को धन्यवाद देते हुए कहा, “कंसिस्टेंसी ही कुंजी है, दोस्तों। यहीं से मैंने दौड़ना शुरू किया और हर साल अपना आभार व्यक्त करता हूं! आप सभी अद्भुत हैं!”
मिलिंद सोमन लंबे समय से फिटनेस और मैराथन के प्रति अपने समर्पण के लिए प्रसिद्ध हैं। वे नियमित रूप से दौड़ते हैं, योग करते हैं और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते रहते हैं। हाल ही में उन्होंने गोवा के समुद्र तट पर 15 किलोमीटर की तैराकी पूरी की, जिसे उन्होंने अपनी अब तक की सबसे लंबी तैराकी बताया।
वे अक्सर प्रकृति से जुड़े अनोखे वर्कआउट करते हैं, जैसे खुली छत पर बारिश में व्यायाम, पहाड़ों पर ट्रेकिंग, या जंगलों में दौड़ते हुए 20 हजार स्टेप्स पूरा करना। उनका मानना है कि दौड़ना सिर्फ व्यायाम नहीं, बल्कि एक प्रकार का ध्यान है। मिलिंद ने सैंडल पहनकर 80 किमी साइकिलिंग भी की है।