मृणाल ठाकुर का डीपफेक बनाने वालों को अल्टीमेटम: 'पहचान के दुरुपयोग पर होगी कानूनी कार्रवाई'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री मृणाल ठाकुर ने 4 अगस्त 2026 को इंस्टाग्राम स्टोरीज के ज़रिए डीपफेक कंटेंट बनाने वालों को कड़ी चेतावनी दी — स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी तस्वीर या आवाज़ का बिना अनुमति इस्तेमाल करना गैरकानूनी है और आगे ऐसा हुआ तो वे कानूनी कार्रवाई करेंगी। यह कदम बॉलीवुड में डीपफेक के बढ़ते खतरे के बीच आया है, जहाँ कई अभिनेत्रियाँ पहले भी इस समस्या का सामना कर चुकी हैं।
मृणाल ने क्या लिखा
अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर साझा किए गए नोट में लिखा, 'मेरी तस्वीर या आवाज़ का इस्तेमाल करके डीपफेक वीडियो या फोटो बनाना और शेयर करना गैरकानूनी और गलत है।' उन्होंने आगे लिखा, 'इस पोस्ट के ज़रिए मैं सभी को चेतावनी दे रही हूँ — इसे तुरंत बंद कर दें। अगर मेरी पहचान का आगे कोई गलत इस्तेमाल हुआ, तो मैं कानूनी कार्रवाई करूँगी।' उन्होंने ऐसे सभी वीडियो और तस्वीरें तत्काल हटाने की माँग भी की।
डीपफेक और सेलिब्रिटी: बढ़ती चिंता
यह ऐसे समय में आया है जब डीपफेक तकनीक का दुरुपयोग भारतीय मनोरंजन जगत में तेज़ी से बढ़ रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले भी कई प्रमुख अभिनेत्रियाँ इस तरह की फ़र्ज़ी सामग्री का शिकार हो चुकी हैं और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर कार्रवाई की माँग उठती रही है। भारत में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत किसी की पहचान का बिना सहमति के डिजिटल दुरुपयोग罚 罚दंडनीय अपराध है।
मृणाल ठाकुर की फ़िल्मी पारी
मृणाल ठाकुर इन दिनों अपने करियर के व्यस्ततम दौर में हैं। वर्ष की शुरुआत में वे रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म 'दो दीवाने सहर में' में सिद्धांत चतुर्वेदी के साथ नज़र आईं, जो मुंबई में रहने वाले दो किरदारों की आत्म-संदेह और प्रेम की कहानी है। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया।
इसके बाद वे निर्देशक डेविड धवन की रोमांटिक-कॉमेडी 'है जवानी तो इश्क होना है' में वरुण धवन और पूजा हेगड़े के साथ दिखीं। अभी हाल ही में वे एक्शन-ड्रामा 'डकैत — एक प्रेम कथा' में अदिवी शेष के साथ परदे पर उतरीं, जिसका निर्देशन शनेल देव ने किया है।
इस फिल्म में मृणाल ने 'सरस्वती' का किरदार निभाया है — जो महज़ एक रोमांटिक लव-इंटरेस्ट नहीं, बल्कि कहानी के मुख्य संघर्ष और शक्ति का प्रतीक है। फिल्म में अनुराग कश्यप एक खतरनाक खलनायक/पुलिस अधिकारी की भूमिका में हैं।
आगे क्या
मृणाल ठाकुर की इस चेतावनी के बाद यह देखना होगा कि संबंधित प्लेटफ़ॉर्म्स और अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। डीपफेक के खिलाफ कानूनी लड़ाई की यह पहल अन्य कलाकारों के लिए भी एक मिसाल बन सकती है।