रेसुल पुकुट्टी का कानूनी नोटिस: नाम, आवाज और डीपफेक के अनधिकृत उपयोग पर सख्त चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
ऑस्कर विजेता साउंड डिजाइनर रेसुल पुकुट्टी ने 9 जून 2026 को एक सार्वजनिक कानूनी नोटिस जारी किया, जिसमें उन सभी व्यक्तियों, संस्थाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म को कड़ी चेतावनी दी गई है जो बिना अनुमति उनके नाम, ट्रेडमार्क, तस्वीरों, वीडियो या आवाज का व्यावसायिक उपयोग कर रहे हैं। यह नोटिस उनके वकील की ओर से जारी किया गया और पुकुट्टी ने इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए लोगों से इसका संज्ञान लेने की अपील की।
नोटिस में क्या कहा गया
वकील ने नोटिस में स्पष्ट किया कि 'रेसुल पुकुट्टी', 'कैनरीज पोस्ट साउंड' और 'रेसुल पुकुट्टी फाउंडेशन' — ये तीनों नाम उनके आधिकारिक ट्रेडमार्क हैं और संबंधित श्रेणियों में ट्रेडमार्क आवेदन दर्ज किए जा चुके हैं। नोटिस के अनुसार, कुछ व्यक्ति और संगठन उनसे जुड़े होने का झूठा दावा कर जनता को गुमराह कर रहे हैं, जिससे उनकी प्रतिष्ठा और साख को नुकसान पहुँच रहा है।
एआई और डीपफेक कंटेंट पर विशेष चिंता
नोटिस में विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार कंटेंट को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई है। इसमें डीपफेक वीडियो, मॉर्फ की गई तस्वीरें, एआई-जनित आवाज, सिंथेटिक मीडिया, कंप्यूटर जनरेटेड इमेज और वर्चुअल अवतार जैसे डिजिटल रूप से तैयार या बदले गए कंटेंट को भी इस चेतावनी के दायरे में रखा गया है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत में सार्वजनिक हस्तियों की पहचान से जुड़े एआई दुरुपयोग के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं।
किन प्लेटफॉर्म को निशाना बनाया गया
वकील ने नोटिस में उन सभी माध्यमों का उल्लेख किया जहाँ यह उल्लंघन हो रहा है — इनमें वेबसाइट, यूट्यूब चैनल, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म शामिल हैं। नोटिस में माँग की गई है कि इन सभी माध्यमों पर रेसुल पुकुट्टी के नाम, पहचान या कंटेंट के ज़रिए हो रहे किसी भी प्रकार के व्यावसायिक उपयोग और मॉनेटाइजेशन को तत्काल बंद किया जाए।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
वकील ने स्पष्ट किया कि नोटिस का पालन न करने की स्थिति में रेसुल पुकुट्टी अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संबंधित अदालतों और सक्षम प्राधिकरणों के समक्ष सिविल, क्रिमिनल और अन्य कानूनी कार्रवाई शुरू करने के लिए बाध्य होंगे। गौरतलब है कि यह नोटिस केवल भविष्य की गतिविधियों तक सीमित नहीं है — इसमें अब तक हुई कमाई और उपयोग को भी रोकने की माँग की गई है।
व्यापक संदर्भ
रेसुल पुकुट्टी को 2009 में फिल्म 'स्लमडॉग मिलियनेयर' के लिए ऑस्कर पुरस्कार मिला था और वे भारत के सबसे प्रतिष्ठित साउंड डिजाइनरों में गिने जाते हैं। उनका यह कदम उन तमाम भारतीय हस्तियों के लिए एक मिसाल बन सकता है जो डिजिटल पहचान की चोरी और एआई-आधारित दुरुपयोग से जूझ रही हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भारतीय अदालतें व्यक्तित्व अधिकारों और एआई-जनित कंटेंट से जुड़े ऐसे मामलों को किस तरह परिभाषित करती हैं।