13 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नायला ग्रेवाल बोलीं — सिनेमा में महिलाओं के मुद्दों को जगह मिलनी चाहिए, 'थप्पड़' से मिली प्रेरणा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नायला ग्रेवाल बोलीं — सिनेमा में महिलाओं के मुद्दों को जगह मिलनी चाहिए, 'थप्पड़' से मिली प्रेरणा

सारांश

नायला ग्रेवाल ने बॉलीवुड में महिला-केंद्रित सिनेमा की घटती संख्या पर चिंता जताई और कहा कि 'थप्पड़' जैसी फिल्मों ने समाज में असली बदलाव की राह दिखाई है। उनका सवाल सीधा है — अगर महिलाएँ एक-दूसरे का साथ नहीं देंगी, तो बदलाव की शुरुआत कहाँ से होगी?

मुख्य बातें

नायला ग्रेवाल ने कहा कि पिछले कुछ सालों में महिला-केंद्रित फिल्मों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है।
'थप्पड़' में काम करने के अनुभव को उन्होंने अपने करियर का अहम पड़ाव बताया और तापसी पन्नू व निर्देशक अनुभव सिन्हा की प्रशंसा की।
तापसी पन्नू की आने वाली फिल्म 'गांधारी' , जो बच्चों की तस्करी पर आधारित है, को नायला ने ज़रूरी सिनेमा का उदाहरण बताया।
नायला ने महिलाओं की आपसी एकजुटता को बदलाव की बुनियाद बताते हुए कहा — 'अगर महिलाएँ एक-दूसरे को सपोर्ट नहीं करेंगी, तो बदलाव की शुरुआत कौन करेगा?' उन्होंने फिल्म निर्माताओं से अपील की कि महिला मुद्दों पर बनी फिल्मों को केवल बॉक्स ऑफिस की कसौटी पर न तौला जाए।

अभिनेत्री नायला ग्रेवाल, जो अनुभव सिन्हा निर्देशित फिल्म 'थप्पड़' में अपनी भूमिका के लिए पहचानी जाती हैं, ने 13 सितंबर 2026 को मुंबई में खुलकर बात की कि बॉलीवुड को महिलाओं से जुड़े ज़रूरी सामाजिक मुद्दों पर लगातार फिल्में बनाते रहना चाहिए। उनका कहना है कि जब पर्दे पर महिलाओं की ज़िंदगी, उनके संघर्ष और उनके अधिकारों की बात होती है, तो समाज में एक ज़रूरी बातचीत की शुरुआत होती है।

सिनेमा और महिला-केंद्रित कहानियाँ

नायला ने कहा, 'महिलाओं से जुड़े मुद्दे मेरे लिए काफी मायने रखते हैं। मैं इस विषय को लेकर खुद काफी जागरूक हूँ और ऐसी फिल्म में काम करना चाहती हूँ, जो महिलाओं से जुड़े मुद्दों को विस्तार से दिखाए।' उन्होंने चिंता जताई कि पिछले कुछ सालों में इस तरह की फिल्मों की संख्या में कमी आई है और पहले की तरह महिलाओं के ज़रूरी विषयों पर पर्याप्त सिनेमा नहीं बन रहा।

उनके अनुसार, महत्त्वपूर्ण कहानियों को बॉक्स ऑफिस के आँकड़ों की कसौटी पर नहीं तौला जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'यह सवाल नहीं होना चाहिए कि फिल्म में कौन सा बड़ा पुरुष स्टार है या फिल्म कितना कमा पाएगी — अगर कहानी ज़रूरी है, तो उसे सामने आना चाहिए।'

तापसी पन्नू की तारीफ और 'गांधारी' का ज़िक्र

नायला ने अपनी को-स्टार तापसी पन्नू की प्रशंसा करते हुए कहा, 'मैं खुद को खुशकिस्मत मानती हूँ कि मुझे 'थप्पड़' में काम करने का मौका मिला। तापसी ने घरेलू हिंसा और रिश्ते में सम्मान व बराबरी जैसे मुद्दों को बेहद संवेदनशीलता से पर्दे पर उतारा था।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि तापसी ने अपने करियर में महिलाओं के मुद्दों को सामने लाने की लगातार कोशिश की है।

नायला ने तापसी की आने वाली फिल्म 'गांधारी' का भी उल्लेख किया, जो बच्चों की तस्करी जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दे को केंद्र में रखती है। उन्होंने कहा कि ऐसी फिल्में समाज को इन समस्याओं के बारे में सोचने पर मजबूर करती हैं और वे खुद भी इस सोच को आगे बढ़ाने वाली परियोजनाओं का हिस्सा बनना चाहती हैं।

महिलाओं की एकजुटता पर बल

अभिनेत्री ने महिलाओं की आपसी एकजुटता को बदलाव की कुंजी बताया। उनके शब्दों में, 'महिलाओं को दूसरी महिलाओं का साथ देना चाहिए और उन्हें आगे बढ़ने का मौका देना चाहिए। अगर महिलाएँ ही एक-दूसरे को सपोर्ट नहीं करेंगी, तो फिर इस बदलाव की शुरुआत कौन करेगा?'

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह ज़िम्मेदारी केवल फिल्म इंडस्ट्री तक सीमित नहीं है — समाज में महिलाओं के लिए बेहतर माहौल बनाना सबकी सामूहिक ज़िम्मेदारी है। यह ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड में महिला-केंद्रित सिनेमा को लेकर बहस एक बार फिर तेज़ हो रही है।

कहानी बनाम कमाई: असली सवाल

नायला ने एक महत्त्वपूर्ण बिंदु उठाया कि फिल्म निर्माताओं को ऐसी कहानियाँ चुनते वक्त केवल व्यावसायिक गणनाओं से परे सोचना होगा। उन्होंने कहा, 'महिलाओं से जुड़े ज़रूरी मुद्दों पर फिल्म बनाने से पहले सिर्फ बॉक्स ऑफिस के बारे में सोचना सही नहीं है। ऐसी कहानियों की अहमियत उनकी कमाई से कहीं ज़्यादा होती है।'

गौरतलब है कि 'थप्पड़' (2020) को दर्शकों और समीक्षकों दोनों से सराहना मिली थी और इसे घरेलू हिंसा पर बनी सबसे प्रभावशाली हिंदी फिल्मों में गिना जाता है। नायला की यह बातें बताती हैं कि वे भविष्य में भी उद्देश्यपूर्ण सिनेमा को प्राथमिकता देने की सोच रखती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो निर्माता फिर भी ऐसी परियोजनाओं से दूरी क्यों बनाए रखते हैं। बॉक्स ऑफिस को एकमात्र पैमाना मानने की प्रवृत्ति उन कहानियों को हाशिये पर धकेलती है जिनकी सामाजिक ज़रूरत सबसे ज़्यादा है। नायला की यह अपील तब और प्रासंगिक हो जाती है जब 'गांधारी' जैसी फिल्म बच्चों की तस्करी जैसे कठिन विषय को मुख्यधारा में लाने की कोशिश कर रही है।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नायला ग्रेवाल कौन हैं और उन्होंने किस फिल्म में काम किया है?
नायला ग्रेवाल एक हिंदी फिल्म अभिनेत्री हैं, जो निर्देशक अनुभव सिन्हा की फिल्म 'थप्पड़' (2020) में अपनी भूमिका के लिए जानी जाती हैं। इस फिल्म में तापसी पन्नू ने मुख्य भूमिका निभाई थी और यह घरेलू हिंसा व रिश्तों में सम्मान के मुद्दे पर केंद्रित थी।
नायला ग्रेवाल ने महिला-केंद्रित सिनेमा पर क्या कहा?
नायला ने कहा कि पिछले कुछ सालों में महिलाओं के ज़रूरी मुद्दों पर बनने वाली फिल्मों की संख्या घटी है। उनका मानना है कि ऐसी कहानियाँ समाज में बातचीत शुरू करती हैं और इन्हें केवल बॉक्स ऑफिस की कमाई के नज़रिये से नहीं देखा जाना चाहिए।
तापसी पन्नू की फिल्म 'गांधारी' किस विषय पर है?
'गांधारी' बच्चों की तस्करी जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दे पर आधारित फिल्म है। नायला ग्रेवाल ने इसे उद्देश्यपूर्ण सिनेमा का उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसी फिल्में लोगों को इन समस्याओं पर सोचने के लिए प्रेरित करती हैं।
नायला ग्रेवाल ने महिलाओं की एकजुटता पर क्या संदेश दिया?
नायला ने कहा कि महिलाओं को एक-दूसरे का साथ देना चाहिए और आगे बढ़ने के अवसर देने चाहिए। उन्होंने कहा, 'अगर महिलाएँ ही एक-दूसरे को सपोर्ट नहीं करेंगी, तो इस बदलाव की शुरुआत कौन करेगा?' — यह ज़िम्मेदारी उन्होंने पूरे समाज की बताई, न केवल फिल्म इंडस्ट्री की।
क्या नायला ग्रेवाल भविष्य में ऐसी फिल्में करना चाहती हैं?
हाँ, नायला ने स्पष्ट किया कि वे ऐसी फिल्मों का हिस्सा बनना चाहती हैं जो महिलाओं के मुद्दों को विस्तार से दिखाएँ और समाज में सोच बदलने में मदद करें। उन्होंने कहा कि अगर कहानी ज़रूरी है, तो उसे पर्दे पर आना ही चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 35 मिनट पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले