1 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नयनतारा और विघ्नेश ने श्री वेंकटेश्वर के मंदिर में की भक्ति में लीन पूजा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नयनतारा और विघ्नेश ने श्री वेंकटेश्वर के मंदिर में की भक्ति में लीन पूजा

सारांश

नयनतारा और उनके पति विघ्नेश शिवन ने तिरुमाला के प्रसिद्ध श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भक्ति भाव से पूजा की। यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है और प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु यहाँ आते हैं।

मुख्य बातें

नयनतारा और विघ्नेश ने तिरुमाला में भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन किए।
यह मंदिर 2000 साल पुराना है और भगवान विष्णु को समर्पित है।
यहाँ हर दिन हजारों श्रद्धालु आते हैं।
मंदिर में पारंपरिक पूजा विधियाँ आयोजित की जाती हैं।
विशेष पूजा में 108 स्वर्ण कमल अर्पित किए जाते हैं।

मुंबई, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दक्षिण भारतीय सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्री नयनतारा अपने निर्देशक और निर्माता पति विघ्नेश शिवन के साथ गुरुवार को आंध्र प्रदेश के तिरुमाला में स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर गईं। यहाँ उन्होंने भगवान वेंकटेश्वर (बालाजी) के दर्शन और पूजा-अर्चना की।

अभिनेत्री और उनके पति मंदिर के परिसर में पारंपरिक वेशभूषा में दिखाई दिए। वे दोनों एक-दूसरे से संवाद करते हुए मंदिर के अंदर जा रहे थे और उन्होंने पूरे मन से पूजा की। दर्शन के उपरांत मंदिर के अधिकारियों ने उन्हें एक सुंदर रेशमी शॉल भेंट की, जिसे मंदिर का विशेष आशीर्वाद माना जाता है।

नयनतारा जल्द ही यश के साथ 'टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' में नजर आएंगी। इस फिल्म में नयनतारा एक महत्वपूर्ण किरदार निभाने वाली हैं, जिसमें कहा जा रहा है कि वह 'गंगा' का लुक धारण करेंगी।

आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में तिरुमाला पहाड़ियों पर स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर (तिरुपति बालाजी) भगवान विष्णु के अवतार भगवान वेंकटेश्वर को समर्पित विश्व के सबसे अधिक देखे जाने वाले हिंदू तीर्थ स्थलों में से एक है। यह मंदिर सात पहाड़ियों पर स्थित है और इसे 'कलियुग वैकुंठ' कहा जाता है, जहाँ प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं और प्रसिद्ध 'तिरुपति लड्डू' का प्रसाद ग्रहण करते हैं।

यह मंदिर 2000 साल से अधिक पुराना है और इसे चोल, पांड्य और विजयनगर राजाओं ने विकसित किया था। द्रविड़ शैली में निर्मित इस मंदिर में मंगलवार को 'अस्थला अष्टदल पदपद्माराधना' सेवा का आयोजन होता है। यह सेवा सुबह 6 से 7 बजे के बीच होती है, जिसमें भगवान वेंकटेश्वर की विधि-विधान से आराधना की जाती है। भक्त इस विशेष पूजा में भाग लेते हैं, जहाँ मंत्रोच्चार के साथ 108 स्वर्ण कमल भगवान श्रीनिवास के चरणों में अर्पित किए जाते हैं।

इस सेवा की परंपरा 1984 में टीटीडी के स्वर्ण जयंती वर्ष में एक भक्त द्वारा स्वर्ण कमल अर्पित करने के बाद शुरू हुई थी। इस सेवा में भाग लेने के लिए टीटीडी की वेबसाइट से ऑनलाइन बुकिंग या स्पेशल एंट्री टिकट की आवश्यकता होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, बल्कि भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की गहराई को भी उजागर करती है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नयनतारा ने किस मंदिर में पूजा की?
नयनतारा ने तिरुमाला के श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में पूजा की।
विघ्नेश शिवन का पेशा क्या है?
विघ्नेश शिवन एक निर्देशक और निर्माता हैं।
श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर का महत्व क्या है?
यह मंदिर भगवान विष्णु के अवतार भगवान वेंकटेश्वर को समर्पित है और यह विश्व के सबसे अधिक देखे जाने वाले हिंदू तीर्थ स्थलों में से एक है।
यह मंदिर कब से अस्तित्व में है?
यह मंदिर 2000 साल से अधिक पुराना है।
तिरुपति लड्डू का क्या महत्व है?
तिरुपति लड्डू विशेष प्रसाद है जिसे श्रद्धालु दर्शन के बाद ग्रहण करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 12 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले