नोरा फतेही सुकेश चंद्रशेखर केस में आरोपी नहीं, गवाह हैं — लीगल टीम का स्पष्टीकरण
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री नोरा फतेही की कानूनी टीम ने 3 नवंबर 2026 को स्पष्ट किया कि कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े ₹200 करोड़ के जबरन वसूली मामले में अभिनेत्री को आरोपी नहीं बनाया गया है, बल्कि उन्हें केवल अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में अदालती कार्यवाही में शामिल किया गया है। यह स्पष्टीकरण 2 नवंबर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद जारी किया गया।
अदालत में क्या हुआ
2 नवंबर 2026 को राउज एवेन्यू कोर्ट में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) से जुड़े इस मामले में नोरा फतेही को गवाही देने के लिए समन भेजा गया था। हालाँकि, उनके वकील अदालत में उपस्थित हुए और बताया कि नोरा को बहुत कम समय पहले समन प्राप्त हुआ था और पहले से तय प्रोफेशनल प्रतिबद्धताओं के कारण वे व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हो सकीं।
इसके बाद नोरा की ओर से व्यक्तिगत पेशी से छूट के लिए आवेदन दाखिल किया गया। अदालत ने आवेदन पर सुनवाई के बाद मामले को 6 नवंबर 2026 तक के लिए स्थगित कर दिया और अभिनेत्री को नया समन जारी किया।
लीगल टीम का आधिकारिक बयान
नोरा की कानूनी टीम ने मीडिया को दिए बयान में कहा, 'सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा ईओडब्ल्यू का मामला 2 नवंबर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई के लिए आया था। इस मामले में नोरा फतेही को गवाह के तौर पर समन भेजा गया था।'
बयान में यह भी कहा गया, 'यह स्पष्ट किया जाता है कि नोरा फतेही न तो इस मामले में आरोपी हैं और न ही उन पर किसी अपराध में शामिल होने का आरोप है। उन्हें केवल गवाह के तौर पर अदालत की कार्यवाही में सहयोग करने के लिए बुलाया गया है।'
सुकेश चंद्रशेखर का मामला क्या है
यह मामला कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है। आरोप है कि सुकेश ने दिल्ली की रोहिणी जेल में बंद रहने के दौरान करीब ₹200 करोड़ की जबरन वसूली का रैकेट संचालित किया। कथित तौर पर उसने खुद को वरिष्ठ सरकारी अधिकारी बताकर पीड़ितों को ठगा।
जाँच के बाद दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) के तहत चार्जशीट दाखिल की। गौरतलब है कि यह देश के उन चुनिंदा मामलों में से एक है जिसमें एक विचाराधीन कैदी पर जेल के भीतर से बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी चलाने का आरोप है।
नोरा फतेही की भूमिका की पृष्ठभूमि
जाँच के दौरान नोरा फतेही से सुकेश चंद्रशेखर और उनकी पत्नी लीना मारिया पॉलोस के साथ कथित संपर्कों को लेकर पूछताछ की गई थी। इसके अलावा, मजिस्ट्रेट के समक्ष दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 164 के तहत उनका बयान भी दर्ज किया गया था।
बाद में पुलिस ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट में नोरा को अभियोजन पक्ष के गवाह के तौर पर शामिल किया। इस प्रकार उनकी भूमिका मामले में आरोपी नहीं, बल्कि राज्य की ओर से गवाही देने वाले साक्षी की है।
अब आगे क्या
अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 6 नवंबर 2026 तय की है और नोरा को नया समन जारी किया गया है। यह देखना होगा कि अभिनेत्री उस तारीख पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होती हैं या उनकी ओर से कोई अन्य आवेदन दाखिल किया जाता है।