3 नवंबर 2026
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नोरा फतेही सुकेश चंद्रशेखर केस में आरोपी नहीं, गवाह हैं — लीगल टीम का स्पष्टीकरण

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नोरा फतेही सुकेश चंद्रशेखर केस में आरोपी नहीं, गवाह हैं — लीगल टीम का स्पष्टीकरण

सारांश

नोरा फतेही की लीगल टीम ने साफ किया — सुकेश चंद्रशेखर के ₹200 करोड़ जबरन वसूली मामले में वे आरोपी नहीं, केवल अभियोजन पक्ष की गवाह हैं। राउज एवेन्यू कोर्ट ने अगली सुनवाई 6 नवंबर को तय की है।

मुख्य बातें

नोरा फतेही की लीगल टीम ने 3 नवंबर 2026 को स्पष्ट किया कि वे सुकेश चंद्रशेखर केस में आरोपी नहीं, बल्कि अभियोजन पक्ष की गवाह हैं।
2 नवंबर को राउज एवेन्यू कोर्ट में नोरा की पेशी नहीं हो सकी; वकीलों ने कम समय पहले समन मिलने और प्रोफेशनल प्रतिबद्धता का हवाला दिया।
अदालत ने व्यक्तिगत पेशी से छूट का आवेदन सुनने के बाद मामला 6 नवंबर 2026 तक स्थगित किया और नया समन जारी किया।
सुकेश चंद्रशेखर पर आरोप है कि उसने रोहिणी जेल में बंद रहते हुए करीब ₹200 करोड़ की जबरन वसूली का रैकेट चलाया।
दिल्ली पुलिस की ईओडब्ल्यू ने मकोका के तहत चार्जशीट दाखिल की; सीआरपीसी धारा 164 के तहत नोरा का बयान पहले ही दर्ज हो चुका है।

अभिनेत्री नोरा फतेही की कानूनी टीम ने 3 नवंबर 2026 को स्पष्ट किया कि कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े ₹200 करोड़ के जबरन वसूली मामले में अभिनेत्री को आरोपी नहीं बनाया गया है, बल्कि उन्हें केवल अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में अदालती कार्यवाही में शामिल किया गया है। यह स्पष्टीकरण 2 नवंबर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद जारी किया गया।

अदालत में क्या हुआ

2 नवंबर 2026 को राउज एवेन्यू कोर्ट में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) से जुड़े इस मामले में नोरा फतेही को गवाही देने के लिए समन भेजा गया था। हालाँकि, उनके वकील अदालत में उपस्थित हुए और बताया कि नोरा को बहुत कम समय पहले समन प्राप्त हुआ था और पहले से तय प्रोफेशनल प्रतिबद्धताओं के कारण वे व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हो सकीं।

इसके बाद नोरा की ओर से व्यक्तिगत पेशी से छूट के लिए आवेदन दाखिल किया गया। अदालत ने आवेदन पर सुनवाई के बाद मामले को 6 नवंबर 2026 तक के लिए स्थगित कर दिया और अभिनेत्री को नया समन जारी किया।

लीगल टीम का आधिकारिक बयान

नोरा की कानूनी टीम ने मीडिया को दिए बयान में कहा, 'सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा ईओडब्ल्यू का मामला 2 नवंबर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई के लिए आया था। इस मामले में नोरा फतेही को गवाह के तौर पर समन भेजा गया था।'

बयान में यह भी कहा गया, 'यह स्पष्ट किया जाता है कि नोरा फतेही न तो इस मामले में आरोपी हैं और न ही उन पर किसी अपराध में शामिल होने का आरोप है। उन्हें केवल गवाह के तौर पर अदालत की कार्यवाही में सहयोग करने के लिए बुलाया गया है।'

सुकेश चंद्रशेखर का मामला क्या है

यह मामला कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है। आरोप है कि सुकेश ने दिल्ली की रोहिणी जेल में बंद रहने के दौरान करीब ₹200 करोड़ की जबरन वसूली का रैकेट संचालित किया। कथित तौर पर उसने खुद को वरिष्ठ सरकारी अधिकारी बताकर पीड़ितों को ठगा।

जाँच के बाद दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) के तहत चार्जशीट दाखिल की। गौरतलब है कि यह देश के उन चुनिंदा मामलों में से एक है जिसमें एक विचाराधीन कैदी पर जेल के भीतर से बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी चलाने का आरोप है।

नोरा फतेही की भूमिका की पृष्ठभूमि

जाँच के दौरान नोरा फतेही से सुकेश चंद्रशेखर और उनकी पत्नी लीना मारिया पॉलोस के साथ कथित संपर्कों को लेकर पूछताछ की गई थी। इसके अलावा, मजिस्ट्रेट के समक्ष दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 164 के तहत उनका बयान भी दर्ज किया गया था।

बाद में पुलिस ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट में नोरा को अभियोजन पक्ष के गवाह के तौर पर शामिल किया। इस प्रकार उनकी भूमिका मामले में आरोपी नहीं, बल्कि राज्य की ओर से गवाही देने वाले साक्षी की है।

अब आगे क्या

अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 6 नवंबर 2026 तय की है और नोरा को नया समन जारी किया गया है। यह देखना होगा कि अभिनेत्री उस तारीख पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होती हैं या उनकी ओर से कोई अन्य आवेदन दाखिल किया जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे सार्वजनिक धारणा तथ्य से आगे निकल जाती है। सीआरपीसी धारा 164 के तहत दर्ज बयान और सप्लीमेंट्री चार्जशीट में गवाह के रूप में नाम दर्ज होना कानूनी रूप से महत्वपूर्ण अंतर है — यह अदालत द्वारा दोषसिद्धि की प्रक्रिया नहीं, बल्कि अभियोजन को मज़बूत करने का साधन है। असली सवाल यह है कि जेल के भीतर से ₹200 करोड़ का रैकेट आखिर चला कैसे — और इस मामले में जवाबदेही की चर्चा किसी एक सेलेब्रिटी पर नहीं, सिस्टम की विफलता पर केंद्रित होनी चाहिए।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोरा फतेही सुकेश चंद्रशेखर केस में आरोपी हैं या गवाह?
नोरा फतेही इस मामले में आरोपी नहीं हैं — उन्हें अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में सप्लीमेंट्री चार्जशीट में शामिल किया गया है। उनकी लीगल टीम ने 3 नवंबर 2026 को यह स्पष्टीकरण जारी किया।
राउज एवेन्यू कोर्ट में 2 नवंबर को क्या हुआ?
2 नवंबर को नोरा फतेही को गवाही के लिए राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश होना था, लेकिन बहुत कम समय पहले समन मिलने और पूर्व-निर्धारित प्रोफेशनल प्रतिबद्धताओं के चलते वे उपस्थित नहीं हो सकीं। अदालत ने मामला 6 नवंबर 2026 तक स्थगित कर नया समन जारी किया।
सुकेश चंद्रशेखर पर क्या आरोप हैं?
सुकेश चंद्रशेखर पर आरोप है कि उसने दिल्ली की रोहिणी जेल में बंद रहते हुए खुद को वरिष्ठ सरकारी अधिकारी बताकर करीब ₹200 करोड़ की जबरन वसूली का रैकेट चलाया। दिल्ली पुलिस की ईओडब्ल्यू ने मकोका के तहत चार्जशीट दाखिल की है।
नोरा फतेही से इस मामले में पहले क्या हुआ था?
जाँच के दौरान नोरा फतेही से सुकेश चंद्रशेखर और उनकी पत्नी लीना मारिया पॉलोस के साथ कथित संपर्कों को लेकर पूछताछ की गई थी। इसके अलावा मजिस्ट्रेट के सामने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत उनका बयान भी दर्ज किया गया था।
अगली सुनवाई कब होगी और क्या उम्मीद है?
अदालत ने अगली सुनवाई 6 नवंबर 2026 को तय की है। नोरा को नया समन जारी किया गया है और उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति या किसी नए आवेदन पर अदालत का निर्णय इस तारीख को स्पष्ट होगा।
राष्ट्र प्रेस
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