पंकज त्रिपाठी बोले — 'मिमिक्री में बहुत खराब हूं', 'मैं अटल हूं' में वाजपेयी का किरदार निभाना क्यों था मुश्किल
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने खुलासा किया है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पर आधारित बायोपिक 'मैं अटल हूं' में उनकी भूमिका निभाना उनके करियर की सबसे कठिन चुनौतियों में से एक थी। शेखर सुमन के चैट शो 'शेखर टुनाइट' में त्रिपाठी ने बेबाकी से स्वीकार किया कि वह मिमिक्री में कमज़ोर हैं — और यही बात उन्हें सबसे ज़्यादा परेशान करती थी।
किरदार की तैयारी और भीतरी डर
पंकज त्रिपाठी ने शो में कहा, 'अटल बिहारी वाजपेयी के किरदार को निभाने के लिए मुझे काफी तैयारी करनी पड़ी थी। इसके लिए मैंने अटल जी के बारे में कई किताबें पढ़ीं, उनके पुराने भाषण सुने और उनकी सोच को समझने की कोशिश की — लेकिन इसके बावजूद मन में एक डर बना हुआ था कि मैं अटल जी के अंदाज और बोलने के तरीके को पर्दे पर सही तरीके से दिखा पाऊंगा या नहीं।'
उन्होंने जोड़ा, 'मेरी सबसे बड़ी परेशानी यह थी कि मैं मिमिक्री में बहुत खराब हूं, इसलिए मन में यह सवाल बना रहता था कि मैं अटल बिहारी वाजपेयी की आवाज़, हाव-भाव और बोलने के अंदाज को कितना पकड़ पाऊंगा।'
शूटिंग के पहले दिन का वह डरावना पल
त्रिपाठी ने एक दिलचस्प किस्सा साझा किया — फिल्म के ट्रेलर में दिखाया गया एक सीन दरअसल उनकी शूटिंग के पहले दिन का था। उन्होंने कहा, 'इस सीन को देख मैं थोड़ा घबरा गया था। मैं अपना सिर पकड़कर बैठ गया था और सोचा कि मेकर्स ने इसे ट्रेलर में क्यों डाल दिया।'
हालाँकि, समय के साथ उनकी सोच बदली। उन्होंने महसूस किया कि किसी भी इंसान को सिर्फ उसके बाहरी रूप से नहीं समझा जा सकता — असली पहचान उसके विचारों, सोच और जीवन-यात्रा से होती है।
बायोपिक को लेकर अभिनेता का नज़रिया
पंकज त्रिपाठी ने कहा, 'अटल बिहारी वाजपेयी की कहानी सिर्फ उनके दिखने या बोलने के अंदाज की कहानी नहीं है, बल्कि उनके विचारों और देश के लिए उनके योगदान की कहानी है। जब किसी लोकप्रिय व्यक्ति पर बायोपिक बनाई जाती है तो दर्शकों की उम्मीद होती है कि कलाकार बिल्कुल उसी व्यक्ति जैसा दिखाई दे — लेकिन मेरे हिसाब से किसी किरदार को निभाने का मतलब केवल चेहरा और आवाज़ मिलाना नहीं होता।'
उन्होंने आगे कहा, 'ज़रूरी यह है कि उस व्यक्ति की भावनाओं, सोच और जीवन के संघर्षों को समझा जाए।'
वाजपेयी के अनदेखे पहलू
अभिनेता ने यह भी बताया कि वाजपेयी के जीवन के कई ऐसे पहलू हैं जिन्हें आम जनता ने कभी नहीं देखा। 'हमने उनके भाषण और सार्वजनिक जीवन को देखा है, लेकिन उनके निजी पलों में वह क्या सोचते थे — यह हमने नहीं देखा। यही चीज़ इस किरदार को निभाने के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी।'
फिल्म के बारे में
निर्देशक रवि जाधव द्वारा बनाई गई फिल्म 'मैं अटल हूं' 19 जनवरी 2024 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी। यह फिल्म पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन, उनके राजनीतिक सफर और व्यक्तित्व को केंद्र में रखती है। पंकज त्रिपाठी की यह स्वीकारोक्ति बताती है कि बायोपिक में ऐतिहासिक शख्सियतों को जीवंत करना तकनीकी नकल से कहीं अधिक गहरी प्रक्रिया है।