पूजा हेगड़े न्यूयॉर्क इंडिया डे परेड में 'गेस्ट ऑफ ऑनर', तिरंगा थामे मैडिसन एवेन्यू पर लहराया जज़्बा
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री पूजा हेगड़े को न्यूयॉर्क के मैडिसन एवेन्यू पर आयोजित 44वीं वार्षिक इंडिया डे परेड में 'गेस्ट ऑफ ऑनर' के रूप में सम्मानित किया गया। 18 अगस्त 2026 को हुए इस समारोह में उन्होंने हाथ में तिरंगा थामे भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ देशप्रेम का जश्न मनाया।
मैडिसन एवेन्यू पर भारतीय रंग
फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशंस (FIA) द्वारा आयोजित यह परेड भारत की सीमाओं से बाहर होने वाली सबसे बड़ी इंडिया डे परेड मानी जाती है। हर वर्ष हज़ारों भारतीय और भारतीय मूल के लोग मैनहट्टन की सड़कों पर उमड़ते हैं और भारतीय संस्कृति, परंपराओं तथा राष्ट्रीय गौरव को जीवंत रूप देते हैं। इस बार का आयोजन विशेष रूप से भव्य रहा।
पूजा हेगड़े का अनुभव और भावुक पल
पूजा ने सोशल मीडिया पर परेड की कई तस्वीरें साझा करते हुए अपना अनुभव विस्तार से बताया। एक तस्वीर में वह कार की छत पर खड़ी होकर तिरंगा लहराती दिखीं, जबकि उनके कंधे पर 'चीफ गेस्ट' का पटका सुशोभित था। अभिनेत्री ने लिखा, 'न्यूयॉर्क में इंडिया डे परेड में गेस्ट ऑफ ऑनर बनना मेरे लिए बेहद सम्मान और गर्व की बात है। न्यूयॉर्क में रह रहे भारतीयों को एक साथ अपने देश, अपनी संस्कृति और अपनी जड़ों का जश्न मनाते देखना मेरे लिए भावुक कर देने वाला पल रहा।'
FIA और न्यूयॉर्क प्रशासन को आभार
पूजा ने फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशंस और न्यूयॉर्क के अधिकारियों को इस शानदार आयोजन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, 'इस आयोजन का हिस्सा बनना मेरे लिए किसी विशेषाधिकार से कम नहीं है। यह पल मुझे हमेशा याद रहेगा। जय हिंद।' उनके इन शब्दों ने प्रवासी भारतीय समुदाय में गहरी भावनात्मक प्रतिध्वनि उत्पन्न की।
अदिवी शेष भी रहे आयोजन का हिस्सा
पूजा हेगड़े के साथ अभिनेता अदिवी शेष भी इस प्रतिष्ठित परेड में शामिल हुए। उन्हें 'चीफ गेस्ट' और 'ग्रैंड मार्शल' की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी। दोनों अभिनेताओं की उपस्थिति ने इस वर्ष की परेड को भारतीय फिल्म जगत के नज़रिए से भी विशेष बना दिया।
44 वर्षों की गौरवशाली परंपरा
यह परेड 44 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रही है और प्रवासी भारतीयों की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बन चुकी है। गौरतलब है कि यह आयोजन ऐसे समय में और अधिक प्रासंगिक हो जाता है जब वैश्विक स्तर पर भारतीय डायस्पोरा की उपस्थिति और प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में भी यह परेड भारत और उसके प्रवासी समुदाय के बीच सांस्कृतिक सेतु का काम करती रहेगी।