न्यूयॉर्क इंडिया डे परेड 2026: 'विरासत में सद्भाव' थीम पर 2 लाख लोगों का जमावड़ा, 44वां संस्करण
सारांश
मुख्य बातें
न्यूयॉर्क में 17 अगस्त 2026 को आयोजित इंडिया डे परेड के 44वें संस्करण में करीब 2 लाख लोग शामिल हुए — जिससे यह भारतीय स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में दुनिया का सबसे बड़ा प्रवासी भारतीय आयोजन बन गया। इस वर्ष की परेड की थीम 'विरासत में सद्भाव' रही, जो भारत की विविधतापूर्ण सांस्कृतिक एकता को समर्पित थी।
मैडिसन एवेन्यू पर लहराया तिरंगा
परेड मैडिसन एवेन्यू पर निकली, जहाँ फुटपाथों पर खड़ी भीड़ ने तिरंगा लहराते हुए जश्न में हिस्सा लिया। 36 झाँकियाँ भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता के साथ-साथ भारतीय-अमेरिकी व्यवसायों, मीडिया संस्थानों और स्वयंसेवी संगठनों (NGO) का प्रतिनिधित्व कर रही थीं। परेड के रास्ते में नर्तकों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया, जबकि न्यूयॉर्क पुलिस विभाग से लेकर स्कूलों और सांस्कृतिक संगठनों के बैंड ने पश्चिमी मार्चिंग धुनों से लेकर भारतीय संगीत तक की प्रस्तुतियाँ दीं।
गवर्नर होचुल और मुख्य अतिथि
न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल परेड में सबसे आगे चलीं। उन्होंने कहा कि उन्हें 'इस जीवंत समुदाय द्वारा न्यूयॉर्क में लाई गई समृद्ध संस्कृति का जश्न मनाने' पर गर्व है। मुख्य अतिथि के रूप में अभिनेत्री पूजा हेगड़े और अभिनेता अदिवि शेष झाँकियों पर सवार रहे और रास्ते में मौजूद प्रशंसकों ने उनका उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
आयोजक का बयान और ऐतिहासिक महत्त्व
फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन्स (FIA) के आयोजक अविनाश गुप्ता ने कहा, 'यह परेड हर साल बेहतर और बड़ी होती गई है। यह गर्व के साथ दिखाती है कि प्रवासी भारतीयों ने न सिर्फ न्यूयॉर्क और अमेरिका में, बल्कि पूरी दुनिया में कितना योगदान दिया है।' उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष की परेड इसलिए भी विशेष थी क्योंकि यह एक ही औपनिवेशिक शासक — ब्रिटेन — से मुक्ति की भारत की 80वीं और अमेरिका की 250वीं स्वतंत्रता वर्षगाँठ का प्रतीक है।
प्रवासी भारतीयों की वैश्विक पहचान
गौरतलब है कि FIA द्वारा आयोजित यह परेड हर वर्ष स्वेच्छा से उमड़ने वाली भीड़ के लिहाज से दुनिया का सबसे बड़ा भारतीय आयोजन मानी जाती है। यह ऐसे समय में आई है जब भारतीय-अमेरिकी समुदाय अमेरिकी राजनीति, प्रौद्योगिकी और व्यवसाय में अपनी उपस्थिति तेज़ी से दर्ज करा रहा है। परेड के बाद संगीत और नृत्य का विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
आगे क्या
आयोजकों के अनुसार, अगले वर्ष परेड का 45वाँ संस्करण और भी बड़े स्तर पर आयोजित करने की योजना है। यह आयोजन वैश्विक मंच पर भारतीय संस्कृति और प्रवासी समुदाय की एकजुटता का प्रतीक बनता जा रहा है।