15 अक्टूबर 2026
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प्रकाश राज बोले — गांधीवादी तरीके से होगा सत्ता परिवर्तन, हर घर बनेगा जंतर-मंतर

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प्रकाश राज बोले — गांधीवादी तरीके से होगा सत्ता परिवर्तन, हर घर बनेगा जंतर-मंतर

सारांश

तिरंगा थामे प्रदर्शनकारियों की हिरासत और सत्ता परिवर्तन की बहस के बीच प्रकाश राज ने एक बड़ा आह्वान किया — भारत में बदलाव गांधीजी के रास्ते पर होगा, हिंसा के रास्ते पर नहीं। उनका संदेश था: हर घर को जंतर-मंतर बनना होगा।

मुख्य बातें

अभिनेता प्रकाश राज ने 15 अक्टूबर 2026 को सत्ता परिवर्तन की बहस और सीजेपी की अपील पर खुलकर प्रतिक्रिया दी।
सौरभ दास और आशुतोष रंका को जंतर-मंतर पर तिरंगा लेकर प्रदर्शन करने के बाद पाँच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
राज ने कहा — भारत में राजनीतिक बदलाव गांधीजी के मार्ग पर, शांतिपूर्ण तरीके से होगा; इसे हिंसा से न जोड़ें।
ज्ञानेश कुमार प्रकरण में सरकार से स्पष्टीकरण माँगते हुए कहा — आरोप गलत हैं तो सबूत दें।
देशवासियों से अपील की — 'हर घर जंतर-मंतर बनेगा' ; सवाल पूछना जारी रहेगा।

अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज ने 15 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में सत्ता परिवर्तन की बहस, सीजेपी (Citizens for Justice and Peace) प्रमुख की 16 अक्टूबर को समर्थकों से तिरंगा लेकर सामने आने की अपील, तथा सौरभ दास और आशुतोष रंका की पाँच दिन की न्यायिक हिरासत पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत में राजनीतिक बदलाव गांधीजी के मार्ग पर — पूर्णतः शांतिपूर्ण तरीके से — होगा, और आगाह किया कि पूरे देश की आवाज़ को दबाना संभव नहीं है।

तिरंगा और हिरासत — मूल विवाद

प्रकाश राज ने कहा कि आशुतोष रंका को जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय ध्वज लेकर प्रदर्शन करने के कारण पाँच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया — यह घटनाक्रम उनके अनुसार गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने पूछा, 'क्या तिरंगा हाथ में रखना अपराध है? क्या शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोग आतंकवादी हैं?' उन्होंने सौरभ दास और आशुतोष रंका, दोनों की हिरासत को अनुचित बताते हुए इससे जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

गांधीवादी बदलाव की वकालत

नेहा वोहरा और प्रशांत भूषण की सत्ता परिवर्तन संबंधी टिप्पणियों तथा बांग्लादेश-नेपाल के उदाहरणों के संदर्भ में प्रकाश राज ने कहा कि भारत में कोई भी राजनीतिक बदलाव हिंसा के रास्ते पर नहीं, बल्कि महात्मा गांधी के सिद्धांतों पर चलकर होगा। उन्होंने युवाओं की भूमिका को अहिंसक प्रतिरोध से जोड़ते हुए कहा कि सत्ता परिवर्तन की बात को हिंसा से जोड़कर पेश करना गलत है।

निर्वाचन आयोग और ज्ञानेश कुमार प्रकरण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए कार्रवाई किए जाने के कथित आरोपों पर राज ने कहा कि यदि आरोप गलत हैं, तो संबंधित लोगों को सामने आकर सबूतों के साथ जवाब देना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि सरकार इस मामले में स्पष्टीकरण देने से क्यों बच रही है, और आरोप लगाया कि सवाल पूछने वालों को दबाने की कोशिश हो रही है।

सशस्त्र बल और नागरिक जवाबदेही

यूट्यूबर ध्रुव राठी की सशस्त्र बलों और पुलिस से संबंधित अपील पर प्रकाश राज ने कहा कि सेना और पुलिस के जवान भी इस देश के नागरिक हैं — वे किसी सरकार या दल के नहीं। उन्होंने जोड़ा कि सत्ता में बैठे लोग हमेशा सत्ता में नहीं रहते और एक दिन उनसे भी जवाब माँगा जाएगा।

आगे की रणनीति — 'हर घर जंतर-मंतर'

सौरभ दास और आशुतोष रंका की हिरासत के बाद आगे के प्रदर्शनों की रणनीति पूछे जाने पर प्रकाश राज ने कहा कि उनकी कोई अलग योजना नहीं है — वे सवाल पूछते रहेंगे। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि जहाँ भी हों, वहीं से तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखें। उनका नारा था — 'पूरा देश जंतर-मंतर बनेगा, हर घर जंतर-मंतर बनेगा।' यह बयान ऐसे समय आया है जब सरकार समर्थक और विपक्षी दोनों खेमों में सत्ता परिवर्तन की भाषा और उसके निहितार्थ को लेकर बहस तेज़ हो रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका संदर्भ व्यापक है — तिरंगे को लेकर हिरासत की घटना ने असहमति की सीमाओं पर राष्ट्रीय बहस छेड़ दी है। गौरतलब है कि 'सत्ता परिवर्तन' की भाषा पर सरकार और विपक्ष दोनों तरफ से जो आरोप-प्रत्यारोप हो रहे हैं, उनमें गांधीवादी अहिंसा की दुहाई एक सधी हुई राजनीतिक चाल भी है — जो किसी को भी हिंसा का ठप्पा लगाने से रोकती है। असली सवाल यह है कि क्या शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए हिरासत की कार्रवाई विधिसम्मत थी — और इस पर न्यायपालिका की निगाह ही अंतिम कसौटी होगी।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रकाश राज ने सत्ता परिवर्तन पर क्या कहा?
प्रकाश राज ने कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन गांधीजी के रास्ते पर — शांतिपूर्ण तरीके से — होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं की भूमिका और राजनीतिक बदलाव की बात को हिंसा से जोड़कर पेश करना गलत है।
सौरभ दास और आशुतोष रंका को क्यों हिरासत में लिया गया?
कथित तौर पर सौरभ दास और आशुतोष रंका को जंतर-मंतर पर तिरंगा लेकर प्रदर्शन करने के बाद पाँच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। प्रकाश राज ने इस हिरासत की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और इसे शांतिपूर्ण नागरिक अभिव्यक्ति पर दमन बताया।
सीजेपी प्रमुख ने 16 अक्टूबर को क्या अपील की थी?
सीजेपी (Citizens for Justice and Peace) प्रमुख ने 16 अक्टूबर को समर्थकों से तिरंगा लेकर सामने आने की अपील की थी। इसी अपील के संदर्भ में प्रकाश राज ने अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि राष्ट्रीय ध्वज लेकर प्रदर्शन करना किसी भी नागरिक का अधिकार है।
प्रकाश राज ने ज्ञानेश कुमार मामले पर क्या कहा?
प्रकाश राज ने कहा कि यदि ज्ञानेश कुमार से जुड़े आरोप गलत हैं, तो सरकार और संबंधित लोगों को सबूतों के साथ सामने आकर जवाब देना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि आवाज़ें उठाने वालों को दबाने के लिए इतनी ताकत का इस्तेमाल क्यों हो रहा है।
प्रकाश राज ने आगे के प्रदर्शनों के बारे में क्या संकेत दिया?
प्रकाश राज ने कहा कि उनकी कोई अलग रणनीति नहीं है — वे सवाल पूछते रहेंगे। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि जहाँ भी हों, वहीं से तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करें, और कहा कि 'हर घर जंतर-मंतर बनेगा।'
राष्ट्र प्रेस
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