राजकुमार राव ने सौरव गांगुली के 54वें जन्मदिन पर 'दादा' बायोपिक का पहला पोस्टर किया जारी
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल अवॉर्ड विजेता अभिनेता राजकुमार राव ने 8 जुलाई 2026 को भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली के 54वें जन्मदिन पर बहुप्रतीक्षित बायोपिक 'दादा: द सौरव गांगुली स्टोरी' का पहला आधिकारिक पोस्टर सार्वजनिक किया। यह फिल्म अगले साल 14 मई को देशभर के सिनेमाघरों में दस्तक देगी।
पोस्टर में क्या है खास
जारी किए गए पोस्टर में राजकुमार राव मशहूर लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड की ऐतिहासिक बालकनी पर शर्ट उतारे खड़े नजर आ रहे हैं — यह दृश्य 2002 की नेटवेस्ट ट्रॉफी जीत के बाद सौरव गांगुली द्वारा किए गए उस जश्न को फिर से जीवंत करता है जो भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के जेहन में आज भी ताज़ा है। राजकुमार के पीछे लहराता विशाल भारतीय तिरंगा पोस्टर को भावनात्मक गहराई देता है।
फिल्म का शीर्षक 'दादा' नीले अक्षरों में अंकित है, जिसके ऊपर उपशीर्षक 'द सौरव गांगुली स्टोरी' लिखा गया है। पोस्टर पर टैगलाइन भी दर्ज है: 'उन्होंने सिर्फ गेम नहीं खेला, उन्होंने इसे बदल दिया।' राजकुमार ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट साझा करते हुए कैप्शन में लिखा, 'हमारे प्यारे दादा को जन्मदिन की बधाई।'
वह ऐतिहासिक लम्हा जिसे पर्दे पर उतारा जाएगा
13 जुलाई 2002 को लॉर्ड्स के मैदान पर सौरव गांगुली की कप्तानी में टीम इंडिया ने इंग्लैंड के खिलाफ नेटवेस्ट ट्राई सीरीज का फाइनल जीतकर इतिहास रचा था। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 325 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था, जिसे भारत ने 2 विकेट और 3 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया। उस जीत के बाद गांगुली ने कहा था, 'मुझे कभी यकीन नहीं था कि हम यह मैच जीत पाएंगे।'
फिल्म की टीम और स्टारकास्ट
'दादा: द सौरव गांगुली स्टोरी' का निर्देशन प्रतिष्ठित फिल्मकार विक्रमादित्य मोटवानी ने किया है। फिल्म का निर्माण लव रंजन और अंकुर गर्ग ने लव फिल्म्स के बैनर तले किया है। राजकुमार राव गांगुली की मुख्य भूमिका में हैं, जबकि अभिनेत्री तान्या मानिकतला उनकी पत्नी डोना गांगुली का किरदार निभाएंगी।
सौरव गांगुली की विरासत
भारतीय क्रिकेट में 'महाराजा' के नाम से विख्यात सौरव गांगुली की कप्तानी में टीम इंडिया ने 2002 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का संयुक्त खिताब जीता और 2003 क्रिकेट विश्व कप, 2000 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी तथा 2004 एशिया कप के फाइनल तक का सफर तय किया। अपने वनडे करियर में उन्होंने 11,363 रन बनाए। 2008 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद 2012 में उन्होंने क्रिकेट के सभी प्रारूपों को अलविदा कहा। भारत सरकार ने उनके अतुलनीय योगदान के लिए 2004 में उन्हें देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से नवाजा। यह बायोपिक उस युग को सिनेमाई रूप देने का प्रयास है जब गांगुली ने भारतीय क्रिकेट को आक्रामकता और आत्मविश्वास का नया पाठ पढ़ाया।