राम गोपाल वर्मा का माइकल जैक्सन पर भावुक खुलासा: 'नफरत' के पीछे छुपा गहरा प्यार
सारांश
मुख्य बातें
फिल्म निर्माता राम गोपाल वर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावुक पोस्ट के ज़रिए दिवंगत अमेरिकी पॉप आइकन माइकल जैक्सन के प्रति अपनी गहरी भावनाएँ साझा कीं। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि वे माइकल जैक्सन से 'नफरत' करते हैं — लेकिन इस 'नफरत' के पीछे असल में एक असाधारण प्रेम और दर्द की कहानी है।
इंजीनियरिंग के दिनों में पहली मुलाकात
राम गोपाल वर्मा ने याद किया कि 2 जनवरी 1984 को विजयवाड़ा में एक मित्र उन्हें एक छोटे, अँधेरे वीडियो पार्लर में ले गया। वहाँ पहली बार उन्होंने माइकल जैक्सन का प्रतिष्ठित 'थ्रिलर' वीडियो देखा। उस अनुभव को याद करते हुए उन्होंने लिखा, 'वह महज गाना या डांस नहीं था, बल्कि एक हमला था।'
उन्होंने आगे लिखा कि माइकल का डांस, एनर्जी और स्क्रीन पर उपस्थिति उन्हें अलौकिक लगी। उनके अनुसार, 'बीट इट', 'बिली जीन', 'स्मूथ क्रिमिनल' और 'ब्लैक ऑर व्हाइट' जैसे वीडियो उनके लिए बाइबिल की तरह थे और उनके फिल्म निर्माण के दौरान हमेशा प्रेरणा का स्रोत बने रहे।
25 जून 2009 — वह 'भयानक' सुबह
राम गोपाल वर्मा ने बताया कि 25 जून 2009 की सुबह जब उन्होंने टीवी स्क्रीन पर 'माइकल जैक्सन नहीं रहे' की खबर देखी, तो पहले उन्हें लगा कि यह कोई बुरा सपना है। लेकिन खबरें लगातार चलती रहीं और यह सच साबित हुआ।
उन्होंने स्वीकार किया कि माइकल जैक्सन से जुड़ी कोई भी फिल्म देखने पर उनकी यादें उस भयावह दिन पर लौट आती हैं। यह पीड़ा आज भी उतनी ही ताज़ी है।
विवादों से परे था उनका सम्मान
राम गोपाल वर्मा ने स्पष्ट किया कि माइकल जैक्सन के जीवनकाल में उठे तमाम विवादों ने उनकी नज़र में माइकल की छवि को कभी प्रभावित नहीं किया। उनके लिए माइकल एक 'गुरुत्वाकर्षण बल' थे — एक ऐसी शक्ति जिसे नकारना संभव नहीं था।
उन्होंने लिखा, 'मैं उनसे नफरत करता हूँ क्योंकि उन्होंने साबित कर दिया कि वे भी इंसान थे। उन्हें भी ऑक्सीजन और खून की ज़रूरत थी। उनका दिल भी रुक सकता था।' यह 'नफरत' दरअसल उस दुख की अभिव्यक्ति है जो किसी अजेय को नश्वर पाने पर होती है।
प्रेम जो शब्दों से परे है
पोस्ट के अंत में राम गोपाल वर्मा ने लिखा, 'मैं उनसे इतना प्यार करता हूँ कि शब्दों में बयाँ नहीं कर सकता। मैं मानता हूँ कि माइकल अब आकाशगंगाओं में मूनवॉक कर रहे होंगे।' यह पोस्ट सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बन गई है, जो दर्शाती है कि माइकल जैक्सन का जादू भारतीय रचनाकारों की पीढ़ियों पर आज भी उतना ही गहरा है।