'सरबजीत' के 10 साल: रणदीप हुड्डा ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया दर्दभरा वीडियो, दलबीर कौर को किया याद
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता रणदीप हुड्डा ने 20 मई 2025 को इंस्टाग्राम पर एक भावुक वीडियो साझा करते हुए फिल्म 'सरबजीत' की रिलीज़ के 10 साल पूरे होने का जश्न मनाया। 2016 में प्रदर्शित इस बायोग्राफिकल ड्रामा में रणदीप ने पंजाब के किसान सरबजीत सिंह की सच्ची और मार्मिक जीवनगाथा को पर्दे पर जीया था, जिसे पाकिस्तानी जेल में वर्षों तक कैद रहना पड़ा था।
वीडियो में क्या दिखा
रणदीप द्वारा साझा किए गए वीडियो में फिल्म के कुछ अहम दृश्य हैं — शुरुआत में सरबजीत अपने परिवार के साथ खुशहाल जीवन जीता नज़र आता है, और फिर दिखाया जाता है कि किस तरह नशे की हालत में अनजाने में सीमा पार कर पाकिस्तान पहुँचने पर उन्हें भारतीय जासूस मानकर गिरफ्तार कर लिया गया और जेल में अमानवीय यातनाएँ झेलनी पड़ीं। रणदीप ने पोस्ट के साथ लिखा, "फिल्म सरबजीत के रिलीज को 10 साल पूरे।"
फिल्म की पृष्ठभूमि
निर्देशक ओमंग कुमार द्वारा बनाई गई यह फिल्म पंजाब के किसान सरबजीत सिंह की वास्तविक जीवन कहानी पर आधारित है। फिल्म के अनुसार, एक रात नशे की हालत में भटककर वे अनजाने में भारत-पाकिस्तान सीमा पार कर गए थे, जहाँ उन्हें जासूसी के आरोप में पकड़कर पाकिस्तानी जेल में डाल दिया गया। फिल्म में ऐश्वर्या राय बच्चन ने उनकी बहन दलबीर कौर और ऋचा चड्ढा ने उनकी पत्नी सुखप्रीत की भूमिका निभाई थी।
अभिनय और बॉक्स ऑफिस
रणदीप हुड्डा ने इस भूमिका के लिए अपना काफी वज़न घटाया था, जिसकी दर्शकों और आलोचकों ने खूब सराहना की। ऐश्वर्या राय बच्चन के अभिनय को भी व्यापक प्रशंसा मिली। बॉक्स ऑफिस पर भी फिल्म सफल रही और इसे दर्शकों का भरपूर प्यार मिला।
दलबीर कौर से भावनात्मक रिश्ता
रणदीप हुड्डा के लिए 'सरबजीत' सिर्फ एक फिल्म नहीं थी — यह एक गहरे मानवीय रिश्ते की शुरुआत भी थी। दलबीर कौर, जिन्होंने अपने भाई को पाकिस्तानी जेल से छुड़ाने के लिए दशकों तक संघर्ष किया, रणदीप के अभिनय से इतनी प्रभावित हुईं कि उन्होंने उन्हें वास्तविक भाई की तरह प्यार दिया। दलबीर कौर की इच्छा थी कि उनके निधन के बाद रणदीप ही उनके पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दें — और अभिनेता ने यह दायित्व निभाया भी। रणदीप अक्सर सोशल मीडिया पर सरबजीत सिंह और दलबीर कौर को याद करते हैं।
आगे क्या
फिल्म की यह दसवीं वर्षगाँठ न केवल एक सिनेमाई यात्रा को याद करने का अवसर है, बल्कि उस वास्तविक इंसान की पीड़ा को भी रेखांकित करती है जिसकी कहानी आज भी भारत-पाकिस्तान संबंधों के संदर्भ में प्रासंगिक बनी हुई है। रणदीप की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर व्यापक भावनात्मक प्रतिक्रिया उत्पन्न कर रही है।