8 जुलाई 2026
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रिद्धि डोगरा की युवाओं को सलाह: 'शादी परी-कथा नहीं, 2026 में हकीकत समझें'

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रिद्धि डोगरा की युवाओं को सलाह: 'शादी परी-कथा नहीं, 2026 में हकीकत समझें'

सारांश

ट्विशा शर्मा केस की पृष्ठभूमि में अभिनेत्री रिद्धि डोगरा ने इंस्टाग्राम पर युवाओं को खरी-खरी सुनाई — शादी परी-कथा नहीं है, आत्मनिर्भरता जरूरी है, और सच्चा नारीवाद समानता है, वर्चस्व नहीं।

मुख्य बातें

रिद्धि डोगरा ने 22 मई 2026 को इंस्टाग्राम पर युवाओं को शादी के प्रति यथार्थवादी नजरिया अपनाने की सलाह दी।
अभिनेत्री ने कहा कि 2026 में शादी आर्थिक मजबूरी नहीं, बल्कि प्यार और इच्छा का विषय है।
डोगरा ने जोर दिया कि आज की लड़कियां आत्मनिर्भर हैं और हर बात आंख मूंदकर नहीं मानेंगी।
उन्होंने सच्चे नारीवाद को केवल समानता बताया — पुरुषों को नीचा दिखाना इसका उद्देश्य नहीं।
यह पोस्ट ट्विशा शर्मा केस सहित हालिया घटनाओं के सामाजिक संदर्भ में आई।

अभिनेत्री रिद्धि डोगरा ने 22 मई 2026 को इंस्टाग्राम पर एक विस्तृत नोट साझा करते हुए युवा पीढ़ी को शादी के प्रति अपनी सोच बदलने की अपील की। ट्विशा शर्मा केस जैसी हालिया घटनाओं के सामाजिक संदर्भ में डोगरा ने कहा कि आज के दौर में शादी को 'सपनों की कहानी' की तरह देखना बंद करना होगा।

क्या कहा रिद्धि डोगरा ने

अभिनेत्री ने अपने नोट में लिखा, 'सभी को बता दूं कि यह साल 2026 है। लड़के और लड़कियां कृपया शादी को किसी सपनों की कहानी की तरह देखना बंद करें।' उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस दुनिया में हमारे माता-पिता बड़े हुए, वह आज की दुनिया से बिल्कुल अलग थी और शादी के मायने अब पूरी तरह बदल चुके हैं।

डोगरा ने लड़कों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि आज की लड़कियां हर बात आंख मूंदकर नहीं मानेंगी। उनके अनुसार, 'कानून और समाज ने मिलकर महिलाओं को पहले से कहीं अधिक मजबूत और स्वतंत्र बनाया है। आज की लड़कियां आत्मनिर्भर हैं — वे खुद नौकरी कर सकती हैं, अपना घर चला सकती हैं और स्वाभिमान के साथ जी सकती हैं।'

शादी: मजबूरी नहीं, इच्छा का विषय

रिद्धि ने अपनी पोस्ट में यह भी रेखांकित किया कि आज के समय में शादी कोई आर्थिक या सामाजिक सहारे की मजबूरी नहीं, बल्कि प्यार और इच्छा का विषय है। उन्होंने लड़कियों से भी अपील की कि वे यह समझें कि लड़के भी इंसान हैं और बदलती दुनिया को समझने की कोशिश कर रहे हैं।

अभिनेत्री ने लिखा, 'परी-कथा जैसी शादी की उम्मीद मत रखिए। खुद को शिक्षित बनाइए, अपने लिए जीना सीखिए और अपनी आवाज खुद उठाइए। यह उम्मीद मत कीजिए कि हमेशा कोई दूसरा आपके लिए खड़ा होगा।'

सम्मानजनक शादी और नारीवाद पर विचार

डोगरा ने शादी के मूल आधार को समझाते हुए कहा कि यह फैसला केवल प्यार और आपसी आदर के लिए होना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि शादीशुदा जिंदगी में जरूरत से ज्यादा दूसरों का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए — 'एक सम्मानजनक शादी दो लोगों के बीच का रिश्ता है, भीड़ का नहीं।'

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब वे मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवाज उठाती हैं, तो वह महिला और पुरुष दोनों के लिए समान रूप से होती है। उनके अनुसार, 'सच्चा नारीवाद सिर्फ समानता है।'

नारीवाद का उद्देश्य: समानता, वर्चस्व नहीं

रिद्धि ने स्पष्ट किया कि नारीवाद का उद्देश्य कभी भी पुरुषों को नीचा दिखाना नहीं रहा। उन्होंने माना कि इस आंदोलन की शुरुआत गुस्से और संघर्ष से हुई थी, जैसा हर सामाजिक क्रांति में होता है, लेकिन आज हालात बदल चुके हैं।

गौरतलब है कि यह पोस्ट ऐसे समय में आई है जब ट्विशा शर्मा केस सहित कई हालिया घटनाओं ने विवाह संस्था, रिश्तों में हिंसा और सामाजिक अपेक्षाओं पर राष्ट्रीय बहस छेड़ दी है। डोगरा की यह अपील उसी व्यापक सामाजिक विमर्श का हिस्सा है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस तरह की सार्वजनिक आवाजें युवाओं की सोच और विवाह संबंधी निर्णयों पर कितना असर डालती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि क्या सेलेब्रिटी इंस्टाग्राम नोट्स उस गहरी सामाजिक जड़ता को बदल सकते हैं जो विवाह संस्था में सदियों से पैठी है। ट्विशा शर्मा जैसे केस केवल 'गलत उम्मीदों' का नतीजा नहीं हैं — वे कानूनी खामियों, पारिवारिक दबाव और आर्थिक असमानता के जटिल जाल का परिणाम हैं। डोगरा की 'आत्मनिर्भरता' की सलाह उन लाखों लड़कियों के लिए व्यावहारिक नहीं है जो अभी भी शिक्षा और रोजगार से वंचित हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो चूकती है वह यह है कि समस्या केवल 'मानसिकता' की नहीं, ढांचागत है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रिद्धि डोगरा ने शादी को लेकर क्या कहा?
रिद्धि डोगरा ने 22 मई 2026 को इंस्टाग्राम पर लिखा कि युवा पीढ़ी को शादी को परी-कथा की तरह देखना बंद करना चाहिए। उनके अनुसार आज शादी आर्थिक मजबूरी नहीं, बल्कि प्यार और आपसी आदर का विषय है।
रिद्धि डोगरा की पोस्ट किस संदर्भ में आई?
यह पोस्ट ट्विशा शर्मा केस सहित पिछले कुछ समय में सामने आई ऐसी घटनाओं के बाद आई जिन्होंने विवाह संस्था और रिश्तों में हिंसा पर राष्ट्रीय बहस छेड़ दी। डोगरा ने इन्हीं घटनाओं को 'दिल तोड़ देने वाला' बताया।
रिद्धि डोगरा ने नारीवाद के बारे में क्या कहा?
डोगरा ने स्पष्ट किया कि नारीवाद का उद्देश्य पुरुषों को नीचा दिखाना नहीं, बल्कि समानता है। उन्होंने कहा कि जब वे मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवाज उठाती हैं तो वह महिला और पुरुष दोनों के लिए होती है।
रिद्धि डोगरा ने लड़कों को क्या सलाह दी?
उन्होंने लड़कों से कहा कि आज की लड़कियां हर बात आंख मूंदकर नहीं मानेंगी क्योंकि कानून और समाज ने उन्हें आत्मनिर्भर और मजबूत बनाया है। साथ ही उन्होंने यह भी माना कि लड़कों के लिए भी बदलती दुनिया को समझना नया अनुभव है।
रिद्धि डोगरा के अनुसार एक अच्छी शादी कैसी होनी चाहिए?
डोगरा के अनुसार शादी का फैसला केवल प्यार और आपसी आदर पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक सम्मानजनक शादी दो लोगों के बीच का रिश्ता है और उसमें जरूरत से ज्यादा बाहरी हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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