रोनिशा सत्ती ने अस्पताल से लगाए पुलिस पर आरोप: फर्जी सोशल मीडिया पेज से बदनामी, कार्रवाई नहीं हुई
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रोनिशा सत्ती ने 29 मई को आत्महत्या की कोशिश के बाद अस्पताल से बयान जारी करते हुए पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनके कथित मंगेतर प्रशांत शर्मा द्वारा बनाए गए फर्जी सोशल मीडिया पेजों के ज़रिए उन्हें और उनके परिवार को लगातार परेशान किया गया, लेकिन जम्मू पुलिस और साइबर क्राइम विभाग ने एक महीने तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
क्या है पूरा मामला
रोनिशा सत्ती का कहना है कि वह प्रशांत शर्मा के साथ रिश्ते में थीं और दोनों की शादी तय थी। बाद में दोनों के बीच विवाद उत्पन्न हुआ। उनके अनुसार, इस विवाद के बाद उनके खिलाफ फर्जी सोशल मीडिया पेज बनाए गए, जिन पर उनकी निजी तस्वीरें और वीडियो अपलोड किए गए। रोनिशा ने कहा, 'बिना किसी सुनवाई और फैसले के मुझे ही दोषी की तरह पेश किया जा रहा है। फर्जी पेज बनाकर मेरी पूरी प्रतिष्ठा बर्बाद कर दी गई।'
उन्होंने यह भी बताया कि उनकी 12 वर्षीय छोटी मौसी की बेटी को भी सोशल मीडिया पर निशाना बनाया गया। रोनिशा ने कहा, 'मेरे परिवार को निशाना बनाया गया — यहाँ तक कि एक बच्ची को भी नहीं बख्शा गया।'
पुलिस निष्क्रियता के आरोप
रोनिशा का आरोप है कि पिछले एक महीने से वह लगातार पुलिस और साइबर क्राइम विभाग के दफ्तरों के चक्कर काटती रहीं। उन्होंने कहा कि पुलिस चाहती तो आईपी एड्रेस ट्रैक करके आरोपी की पहचान की जा सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने सवाल उठाया, 'अगर पुलिस कार्रवाई नहीं करेगी तो लड़कियाँ कहाँ जाएंगी?'
गौरतलब है कि रोनिशा के अनुसार एफआईआर दर्ज होने के बावजूद जाँच में कोई प्रगति नहीं हुई और उन्होंने पुलिस को सभी सबूत सौंपे थे।
मानसिक दबाव और आत्मघाती कदम
रोनिशा ने बताया कि लगातार ऑनलाइन उत्पीड़न और पुलिस की निष्क्रियता के कारण वह मानसिक रूप से टूट गईं। उन्होंने कहा, 'मैं एक महीने तक यह सब सहती रही, लेकिन जब बर्दाश्त नहीं हुआ तो मैंने यह खौफनाक कदम उठा लिया।' उन्होंने यह भी चेताया कि इस तरह की स्थिति में कोई भी व्यक्ति ऐसा कदम उठाने पर मजबूर हो सकता है।
अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, रोनिशा की हालत अब पहले से बेहतर है, हालाँकि वह अभी भी चिकित्सकीय निगरानी में हैं।
साइबर उत्पीड़न का व्यापक सवाल
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर महिलाओं के उत्पीड़न के मामले बढ़ रहे हैं। रोनिशा ने इस घटना को एक व्यापक चेतावनी के रूप में पेश किया — कि कोई भी व्यक्ति किसी के खिलाफ फर्जी पेज बनाकर उसकी छवि नष्ट कर सकता है, और अगर तंत्र समय पर हस्तक्षेप न करे तो परिणाम घातक हो सकते हैं।
आने वाले दिनों में जम्मू पुलिस की जाँच की दिशा और साइबर क्राइम विभाग की कार्रवाई पर सबकी नज़र रहेगी।