सादिया खतीब ने नीतू कपूर और कपिल शर्मा के साथ काम करने का अनुभव शेयर किया, '10 मिनट में ही सीखने को मिला बहुत कुछ'
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 5 मई (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेत्री सादिया खतीब आगामी पारिवारिक नाटक फिल्म 'दादी की शादी' के लिए सुर्खियों में हैं। राष्ट्र प्रेस के साथ एक विशेष साक्षात्कार में, खतीब ने फिल्म में अनुभवी कलाकारों के साथ काम करने के दौरान अर्जित अनुभवों और सीखों को साझा किया।
फिल्म चुनाव के पीछे की कहानी
सादिया ने कहा कि 'दादी की शादी' की कथा उनके हृदय के इतने निकट थी कि उन्होंने इसे स्वीकार करने में न्यूनतम समय लगाया। उन्होंने बताया, "जब मैंने पहली बार यह कहानी सुनी, तो मुझे हाँ करने में मुश्किल से एक मिनट लगा होगा। वास्तव में, मैंने यह फिल्म अपनी पिछली रिलीज 'डिप्लोमैट' से काफी पहले ही स्वीकार कर ली थी।" उन्होंने आगे कहा कि वह लगातार गहन भूमिकाओं के बाद विविधता की इच्छा रखती थीं। "एक कलाकार के रूप में मेरे लिए यह बदलाव आवश्यक था। यह फिल्म परिवार, रिश्तों और माता-पिता के साथ जुड़ाव की एक ऐसी कहानी है, जिसे मैं व्यक्तिगत रूप से दुनिया को साझा करना चाहती थी।"
व्यक्तिगत जुड़ाव और दादी की स्मृति
खतीब ने अपनी दादी के साथ अपने रिश्ते और उनकी स्मृति के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने साझा किया, "कुछ साल पहले रक्षाबंधन के मौके पर मैंने अपनी दादी को खो दिया था। मैं उनके बेहद करीब थी। मेरे दादाजी का निधन भी बहुत पहले हो गया था।" जब उन्होंने 'दादी की शादी' की पटकथा सुनी, तो उन्हें लगा कि यह कहानी दर्शकों के साथ गहराई से जुड़ेगी। "मेरी अपनी दादी के साथ बहुत सुंदर यादें हैं और आज भी जब मैं उनके बारे में सोचती हूँ, तो ऐसा लगता है जैसे कल की ही बात हो। वही पवित्र रिश्ता मुझे स्क्रीन पर निभाने का अवसर मिला।"
फिल्म की विशेषता और सार्वभौमिक अपील
सादिया के अनुसार, 'दादी की शादी' का शीर्षक और विषय-वस्तु आज के समय में दुर्लभ हैं। उन्होंने कहा, "यह एक ऐसी पारिवारिक फिल्म है, जिसमें कॉमेडी, उदासी और भावनाओं का पूरा पैकेज देखने को मिलेगा। सबसे खास बात यह है कि फिल्म किसी को भी ठेस नहीं पहुंचाएगी।" उन्होंने जोर दिया कि फिल्म में कोई राजनीतिक विवाद नहीं है और इसे सभी आयु समूहों के साथ देखा जा सकता है। "आप इसे बच्चों, बुजुर्गों के साथ देख सकते हैं।"
नीतू कपूर और कपिल शर्मा के साथ काम करने का अनुभव
फिल्म में सादिया को नीतू कपूर और कपिल शर्मा जैसे प्रतिष्ठित कलाकारों के साथ काम करने का सुयोग मिला। उन्होंने इस अनुभव को 'शिक्षणीय' बताया। सादिया ने कहा, "जब आप ऐसे दिग्गजों के साथ होते हैं, तो उनके साथ बिताए 10 मिनट भी आपको बहुत कुछ सिखा देते हैं।" उन्होंने सेट के माहौल की प्रशंसा की, कहा कि वह सरल और आरामदायक था। "मुझे कभी तनाव महसूस नहीं हुआ। वे इतने महान इंसान हैं कि उन्होंने काम को बहुत आसान बना दिया। उनके साथ काम करना ऐसा था जैसे हम किसी काम के बोझ तले नहीं, बल्कि एक सुखद माहौल का हिस्सा हों।"
आगे की योजनाएँ
सादिया खतीब अपनी आगामी परियोजनाओं के लिए उत्सुक हैं और इस फिल्म को दर्शकों के साथ साझा करने का इंतज़ार कर रहीं। उनका मानना है कि 'दादी की शादी' दर्शकों के हृदय को स्पर्श करेगी और एक स्थायी प्रभाव छोड़ेगी।