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संदीपा धर ने श्रीनगर में शंकराचार्य मंदिर के किए दर्शन, 250 सीढ़ियाँ चढ़कर पाया आध्यात्मिक अनुभव

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संदीपा धर ने श्रीनगर में शंकराचार्य मंदिर के किए दर्शन, 250 सीढ़ियाँ चढ़कर पाया आध्यात्मिक अनुभव

सारांश

श्रीनगर पहुँचते ही संदीपा धर ने सीधे शंकराचार्य मंदिर का रुख किया — 250 सीढ़ियाँ, पहाड़ी हवा और काँपते पैर, फिर भी वह रुकीं नहीं। चोटी पर पवित्र शिवलिंग के दर्शन और आदि शंकराचार्य की ध्यान-भूमि पर खड़े होने का अनुभव उन्होंने 'अवर्णनीय' बताया।

मुख्य बातें

अभिनेत्री संदीपा धर ने श्रीनगर पहुँचते ही शंकराचार्य मंदिर में दर्शन किए।
मंदिर तक पहुँचने के लिए उन्होंने करीब 250 सीढ़ियाँ चढ़ीं; मंदिर कश्मीर घाटी से लगभग 1,000 फीट की ऊँचाई पर है।
उन्होंने पवित्र शिवलिंग के दर्शन किए और उस स्थान पर प्रार्थना की जहाँ आदि शंकराचार्य ने कथित तौर पर ध्यान किया था।
यह उनकी इस मंदिर की पहली यात्रा थी; उन्होंने इसे 'सौभाग्यशाली दर्शन' बताया।
संदीपा जल्द ही नेटफ्लिक्स की मूल सीरीज 'चुंबक' में नज़र आएँगी।

अभिनेत्री संदीपा धर ने अपनी कश्मीर यात्रा की शुरुआत श्रीनगर स्थित ऐतिहासिक शंकराचार्य मंदिर में दर्शन करके की। शंकराचार्य पहाड़ी की चोटी पर बने इस प्राचीन मंदिर तक पहुँचने के लिए उन्होंने करीब 250 सीढ़ियाँ चढ़ीं और पवित्र शिवलिंग के दर्शन कर प्रार्थना की। यह उनकी इस मंदिर की पहली यात्रा थी।

चढ़ाई का अनुभव

संदीपा ने इंस्टाग्राम पर अपनी यात्रा की झलकियाँ साझा करते हुए बताया कि श्रीनगर पहुँचते ही उनकी सबसे पहली इच्छा इसी मंदिर में जाने की थी। उन्होंने कहा, 'ऊंचाई पर चढ़ते हुए पहाड़ की हवा और खड़ी चढ़ाई ने मुश्किलों को बढ़ा दिया। बीच रास्ते में मेरे पैर कांपने तक लगे थे, लेकिन मैंने चढ़ाई जारी रखी।'

यह चढ़ाई निःसंदेह आसान नहीं थी — कश्मीर घाटी से करीब 1,000 फीट की ऊँचाई पर स्थित इस मंदिर तक का सफर श्रद्धालुओं की परीक्षा लेता है। लेकिन संदीपा ने हिम्मत नहीं हारी।

शिखर पर आध्यात्मिक अनुभव

मंदिर की चोटी पर पहुँचने के बाद संदीपा ने अपनी भावनाएँ साझा करते हुए कहा, 'आखिरकार जब मैं मंदिर की चोटी तक पहुँचीं तो ऐसा लगा, जैसे मेरी मेहनत सफल हो गई हो। वहाँ मैंने पवित्र शिवलिंग के दर्शन किए और कुछ समय प्रार्थना की। मंदिर का शांत माहौल और आसपास का आध्यात्मिक वातावरण काफी खास था।'

उन्होंने उस स्थान पर खड़े होने का अनुभव भी बताया जहाँ मान्यता है कि आदि शंकराचार्य ने सदियों पहले ध्यान किया था। अभिनेत्री के अनुसार, उस जगह की ऊर्जा को शब्दों में बयाँ करना आसान नहीं है। उन्होंने अपनी पोस्ट में 'ॐ नमः शिवाय' लिखकर इस दर्शन को बेहद सौभाग्यशाली बताया।

मंदिर का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व

शंकराचार्य मंदिर कश्मीर के प्राचीनतम मंदिरों में गिना जाता है। इसकी उत्पत्ति कथित तौर पर करीब 200 ईसा पूर्व के आसपास मानी जाती है, हालाँकि इतिहासकारों में इसे लेकर अलग-अलग मत हैं। कुछ इतिहासकारों का मानना है कि इस स्थान का उपयोग प्रारंभिक काल में बौद्ध उपासना के लिए होता था और बाद में यह हिंदू धार्मिक स्थल के रूप में विकसित हुआ।

मंदिर की चोटी से श्रीनगर शहर और डल झील का विहंगम दृश्य दिखाई देता है, जो इसे धार्मिक महत्व के साथ-साथ एक अनूठा पर्यटन स्थल भी बनाता है।

संदीपा का आगामी काम

मनोरंजन जगत में संदीपा धर जल्द ही नेटफ्लिक्स की मूल वेब सीरीज 'चुंबक' में नज़र आने वाली हैं। कश्मीर की वादियों से उनकी तस्वीरें और आध्यात्मिक यात्रा के किस्से सोशल मीडिया पर उनके प्रशंसकों के बीच खासी चर्चा बटोर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो वर्षों तक पर्यटन के लिहाज से संवेदनशील रहा, अब सेलिब्रिटी डेस्टिनेशन के रूप में तेज़ी से उभर रहा है — और यह पोस्ट उसी ट्रेंड का हिस्सा है। हालाँकि, इस तरह की यात्राएँ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देती हैं, मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह नहीं पूछती कि इस ध्यान-भूमि की ऐतिहासिक बहुलता — जिसमें बौद्ध परंपरा भी शामिल है — को किस तरह संरक्षित किया जा रहा है।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शंकराचार्य मंदिर श्रीनगर में कहाँ स्थित है?
शंकराचार्य मंदिर श्रीनगर में शंकराचार्य पहाड़ी की चोटी पर स्थित है, जो कश्मीर घाटी से करीब 1,000 फीट की ऊँचाई पर है। चोटी से श्रीनगर शहर और डल झील का विहंगम दृश्य दिखाई देता है।
संदीपा धर ने शंकराचार्य मंदिर में क्या किया?
संदीपा धर ने करीब 250 सीढ़ियाँ चढ़कर मंदिर पहुँचीं, पवित्र शिवलिंग के दर्शन किए और प्रार्थना की। उन्होंने उस स्थान पर भी समय बिताया जहाँ मान्यता है कि आदि शंकराचार्य ने ध्यान किया था।
शंकराचार्य मंदिर का इतिहास क्या है?
शंकराचार्य मंदिर कश्मीर के प्राचीनतम मंदिरों में से एक माना जाता है और इसकी उत्पत्ति कथित तौर पर करीब 200 ईसा पूर्व के आसपास मानी जाती है। कुछ इतिहासकारों का मत है कि इस स्थान का उपयोग पहले बौद्ध उपासना के लिए होता था और बाद में यह हिंदू धार्मिक स्थल बना।
संदीपा धर की आगामी परियोजना कौन सी है?
संदीपा धर जल्द ही नेटफ्लिक्स की मूल वेब सीरीज 'चुंबक' में नज़र आने वाली हैं। इसके अलावा वह इन दिनों कश्मीर यात्रा की तस्वीरें और अनुभव सोशल मीडिया पर साझा कर रही हैं।
शंकराचार्य मंदिर तक पहुँचना कितना कठिन है?
मंदिर तक पहुँचने के लिए करीब 250 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं और यह कश्मीर घाटी से लगभग 1,000 फीट ऊँचाई पर है। खड़ी चढ़ाई और पहाड़ी हवा इसे शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण बनाती है, हालाँकि यह मार्ग श्रद्धालुओं के लिए खुला है।
राष्ट्र प्रेस
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