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शशि थरूर का खुलासा: मलयालम फिल्म 'अचप्पा एल्बम' की शूटिंग मुंदरथ हाउस में हुई

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शशि थरूर का खुलासा: मलयालम फिल्म 'अचप्पा एल्बम' की शूटिंग मुंदरथ हाउस में हुई

सारांश

शशि थरूर का खुलासा कि उनके पैतृक मुंदरथ हाउस में मलयालम फिल्म 'अचप्पा एल्बम' की शूटिंग हुई, यह पारिवारिक बंधन और समय-यात्रा की कहानी को एक व्यक्तिगत आयाम देता है। थरूर ने फिल्म को 'दुर्लभ रत्न' बताया जो आधुनिक ब्लॉकबस्टर दौर में सहानुभूति और भावनात्मक गहराई का प्रमाण है।

मुख्य बातें

सांसद शशि थरूर ने 27 अप्रैल को मलयालम फिल्म 'अचप्पा एल्बम' की समीक्षा साझा की।
फिल्म की शूटिंग थरूर के पैतृक निवास मुंदरथ हाउस में हुई थी।
कहानी एक किशोर और उसके पिता के 48 घंटों की समय-यात्रा के इर्द-गिर्द घूमती है।
दीप्ति पिल्ले सिवान द्वारा निर्देशित, फिल्म हास्य और भावनाओं का संतुलन बनाती है।
थरूर ने इसे पारिवारिक बंधन और पीढ़ियों की समझ का एक शक्तिशाली प्रतीक बताया।

सांसद शशि थरूर ने 27 अप्रैल को सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट के माध्यम से खुलासा किया कि हाल ही में रिलीज़ हुई मलयालम ड्रामा फिल्म 'अचप्पा एल्बम' की शूटिंग उनके प्रसिद्ध पैतृक निवास मुंदरथ हाउस में हुई थी। थरूर ने फिल्म को "एक दुर्लभ रत्न" बताया जो समय-यात्रा की रोमांचकारी कहानी के साथ पारिवारिक बंधनों की गहरी भावनात्मक पड़ताल करती है।

फिल्म की कथानक और संदेश

अपनी पोस्ट में थरूर ने फिल्म की कहानी विस्तार से साझा की। कहानी एक शरारती 14 वर्षीय लड़के के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने जादूगर दादाजी से एक अनोखा सुधार पाता है। जादू के एक स्पर्श से, यह किशोर अपने पिता के 14 वर्षीय रूप से स्थान बदल लेता है, जो वर्तमान समय में एक कठोर और काम के प्रति समर्पित व्यक्ति है। 48 घंटों के लिए, पिता और पुत्र एक-दूसरे के युग में रहते हैं, अपनी-अपनी किशोरावस्था की चुनौतियों, खुशियों और दुखों का सामना करते हैं। गौरतलब है कि यह अनूठी व्यवस्था उन्हें पीढ़ियों के बीच की खाई को पाटने का अवसर देती है।

निर्देशन और तकनीकी उत्कृष्टता

थरूर ने दीप्ति पिल्ले सिवान के कुशल निर्देशन की प्रशंसा की, जिन्होंने हास्य और भावनाओं का बेहतरीन संतुलन बनाए रखा है। उन्होंने नोट किया कि फिल्म कभी भी बोझिल नहीं लगती, फिर भी दर्शकों को अपने पारिवारिक इतिहास पर विचार करने के लिए प्रेरित करती है। सांसद ने छायांकन शैली की विशेष प्रशंसा की, जिसे उन्होंने "मनमोहक और स्मृतियों से भरी" बताया।

मुंदरथ हाउस का महत्व और गर्व का पल

थरूर ने स्वीकार किया कि वे इस प्रोजेक्ट के प्रति "थोड़े पक्षपाती" हो सकते हैं, लेकिन फिल्म के कुछ हिस्सों को अपने पैतृक निवास मुंदरथ हाउस में फिल्माते हुए देखना एक "अविश्वसनीय और गर्व का क्षण" था। उन्होंने कहा कि घर खुद एक किरदार की तरह महसूस हुआ, जो पीढ़ियों के बीच की खाई को पाट रहा था। यह खुलासा फिल्म के थीम और थरूर के व्यक्तिगत जीवन के बीच एक गहरा संबंध स्थापित करता है।

भावनात्मक प्रभाव और सार्वभौमिक अपील

अपनी समीक्षा का निष्कर्ष निकालते हुए, थरूर ने कहा कि फिल्म "बेहद मनमोहक और कई बार बेहद मजेदार" है, लेकिन इसके मार्मिक क्षण—एक पिता के अतीत के बोझ का शांत अहसास या एक बेटे की छिपी प्रतिभा—"वास्तव में दिल को छू लेते हैं।" वे इसे शोर-शराबे वाली ब्लॉकबस्टर फिल्मों के इस दौर में एक ताज़ी साँस बताते हैं। उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि "महान यात्राओं के लिए अंतरिक्ष यान की आवश्यकता नहीं होती; बस थोड़ा सा जादू और बहुत सारी सहानुभूति चाहिए।"

फिल्म की स्वीकृति

थरूर ने 'अचप्पा एल्बम' की पूरी कास्ट और क्रू को बधाई दी, जिससे यह स्पष्ट है कि फिल्म ने एक प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्तित्व और साहित्यकार को गहराई से प्रभावित किया है। यह समर्थन मलयालम सिनेमा में एक महत्वपूर्ण क्षण का प्रतिनिधित्व करता है, जहाँ व्यक्तिगत कनेक्शन और कलात्मक उत्कृष्टता एक साथ आते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ व्यक्तिगत विरासत और कलात्मक अभिव्यक्ति एक साथ आती हैं। थरूर की समीक्षा केवल एक प्रशंसा नहीं है, बल्कि एक सांस्कृतिक बयान है — यह दर्शाता है कि कैसे एक फिल्म न केवल एक परिवार की कहानी बताती है, बल्कि एक घर के माध्यम से पीढ़ियों के बीच की खाई को पाटती है। मलयालम सिनेमा के अक्सर सीमित दर्शकों के विपरीत, यह व्यक्तिगत समर्थन फिल्म को एक व्यापक दर्शकों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। थरूर के शब्दों में 'जादू और सहानुभूति' की बात करना आधुनिक हिंदी और मलयालम सिनेमा में एक ताज़ी बयार लाता है, जहाँ बड़े बजट की फिल्मों का दबदबा है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'अचप्पा एल्बम' फिल्म की कहानी क्या है?
फिल्म एक शरारती 14 वर्षीय लड़के और उसके पिता की कहानी है जो जादू के माध्यम से एक-दूसरे के साथ 48 घंटों के लिए अपनी-अपनी किशोरावस्था में रहते हैं, जिससे वे एक-दूसरे को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं। यह पारिवारिक बंधन और पीढ़ियों के बीच की खाई को पाटने की कहानी है।
शशि थरूर ने 'अचप्पा एल्बम' के बारे में क्या कहा?
थरूर ने फिल्म को 'एक दुर्लभ रत्न' बताया जो हास्य और भावनाओं का बेहतरीन संतुलन बनाती है। उन्होंने इसकी छायांकन शैली को 'मनमोहक और स्मृतियों से भरी' बताया और कहा कि यह आधुनिक ब्लॉकबस्टर दौर में एक ताज़ी साँस है।
'अचप्पा एल्बम' की शूटिंग कहाँ हुई?
फिल्म की शूटिंग का एक हिस्सा सांसद शशि थरूर के पैतृक निवास 'मुंदरथ हाउस' में हुआ था। थरूर ने कहा कि घर खुद एक किरदार की तरह महसूस हुआ, जो पीढ़ियों के बीच की खाई को पाट रहा था।
'अचप्पा एल्बम' के निर्देशक कौन हैं?
फिल्म का निर्देशन दीप्ति पिल्ले सिवान ने किया है। शशि थरूर ने उनके कुशल निर्देशन की विशेष प्रशंसा की है, जिन्होंने हास्य और भावनाओं का संतुलन बनाए रखा है।
राष्ट्र प्रेस
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