29 जुलाई 2026
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शहनाज गिल: 'इश्कनामा' में गंभीर किरदार पर बोलीं — 'कुछ साबित नहीं करना, किस्मत खुद बोलती है'

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शहनाज गिल: 'इश्कनामा' में गंभीर किरदार पर बोलीं — 'कुछ साबित नहीं करना, किस्मत खुद बोलती है'

सारांश

शहनाज गिल अपनी फिल्म 'इश्कनामा' में पहली बार एक गंभीर, सत्य-आधारित किरदार में हैं — और वह साफ कहती हैं कि यह छवि बदलने की कोशिश नहीं, बल्कि किस्मत और मेहनत का नतीजा है। भारत-पाकिस्तान सीमा पर 1981-88 की प्रेम कहानी पर आधारित यह फिल्म उनके करियर का नया अध्याय है।

मुख्य बातें

शहनाज गिल की फिल्म 'इश्कनामा' हाल ही में रिलीज हुई है, जिसमें वह एक गंभीर भूमिका में नज़र आ रही हैं।
शहनाज ने स्पष्ट किया कि वह कोई छवि बदलने की कोशिश नहीं कर रहीं — 'किस्मत और भगवान की कृपा से अच्छी स्क्रिप्ट मिल रही हैं।' फिल्म 1981 से 1988 के बीच भारत-पाकिस्तान सीमा पर निर्मल निम्मा और नसीमा की सत्य प्रेम कहानी पर आधारित है।
फिल्म किताब 'हिंद पाक बॉर्डरनामा' से प्रेरित; निर्देशन अरविंद्र एस.
निर्माण सौरभ राणा और रवनीत कौर चहल ने किया है।

अभिनेत्री शहनाज गिल इन दिनों अपनी नई फिल्म 'इश्कनामा' को लेकर चर्चा में हैं, जिसमें वह अपने अब तक के करियर से बिल्कुल अलग — एक गंभीर और भावनात्मक रूप से जटिल — किरदार में नज़र आ रही हैं। 29 जुलाई को एक विशेष बातचीत में शहनाज ने स्पष्ट किया कि यह बदलाव किसी सुनियोजित रणनीति का हिस्सा नहीं, बल्कि उनके सफर और किस्मत का स्वाभाविक विस्तार है।

'साबित करने की ज़रूरत नहीं' — शहनाज का बेबाक जवाब

जब उनसे पूछा गया कि क्या वह अपनी पुरानी चुलबुली छवि को तोड़ने के लिए जानबूझकर ऐसे किरदार चुन रही हैं, तो शहनाज ने साफ इनकार किया। उन्होंने कहा, 'मैं कुछ साबित करने की कोशिश नहीं कर रही हूं। मेरी किस्मत इसे साबित कर रही है। भगवान मुझे ताकत दे रहे हैं। उनकी कृपा से मुझे अच्छी स्क्रिप्ट मिल रही हैं।'

उन्होंने आगे जोड़ा, 'जो भी मुझे मौके मिल रहे हैं, उन्हें मैं पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ निभाने की कोशिश कर रही हूं। एक कलाकार का सफर लगातार सीखने और खुद को बेहतर करने का होता है। मैं किसी एक छवि में बंधकर काम नहीं करना चाहती, बल्कि अलग-अलग तरह की कहानियों का हिस्सा बनना चाहती हूं।'

सच्ची घटनाओं पर आधारित किरदार की ज़िम्मेदारी

'इश्कनामा' एक सत्य घटना पर आधारित फिल्म है, जो 1981 से 1988 के बीच भारत-पाकिस्तान सीमा की पृष्ठभूमि में निर्मल निम्मा और नसीमा की प्रेम कहानी को केंद्र में रखती है। शहनाज ने इस संदर्भ में कहा, 'जब किसी सच्ची कहानी पर फिल्म बनाई जाती है, तो जिम्मेदारी लेना बहुत ज़रूरी होता है। मैंने अपनी तरफ से इस जिम्मेदारी को पूरी क्षमता के साथ निभाने की कोशिश की है। मुझे विश्वास है कि मेरे किरदार को लोग ज़रूर पसंद करेंगे।'

यह फिल्म किताब 'हिंद पाक बॉर्डरनामा' से प्रेरित बताई जा रही है। इसका निर्देशन अरविंद्र एस. खैरा ने किया है, जबकि निर्माण की बागडोर सौरभ राणा और रवनीत कौर चहल ने संभाली है।

जिंदगी की 'इश्कनामा' पर रहस्यमय जवाब

बातचीत में एक दिलचस्प सवाल यह भी था — अगर उनकी अपनी जिंदगी पर कोई प्रेम कहानी बने, तो उसका शीर्षक क्या होगा? इस पर शहनाज ने मुस्कुराते हुए कहा, 'जब मेरी जिंदगी पर फिल्म बनेगी, तो मुझे लगता है कि वह बहुत दिलचस्प होगी। और जब ऐसा होगा, तब मैं उसका टाइटल भी बताऊंगी।' यह जवाब उनके स्वभाव की उसी स्वाभाविकता को दर्शाता है जो उन्हें दर्शकों से जोड़ती है।

करियर का सफर: चुलबुलेपन से संजीदगी तक

शहनाज गिल ने अपने करियर की शुरुआत अपनी बेफिक्र और चुलबुली अदाओं से की थी, जिसने उन्हें लाखों दर्शकों का चहेता बनाया। यह ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड में रियलिटी शो से आए कलाकारों को अक्सर एक सीमित छवि में देखा जाता है। गौरतलब है कि 'इश्कनामा' उनके लिए उस परंपरागत सोच को चुनौती देने का अवसर है। आगे उनकी फिल्मों की पाइपलाइन और दर्शकों की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि यह नई पहचान कितनी गहरी जड़ें जमाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे मीडिया और दर्शक दोनों मिलकर बनाते हैं। असली सवाल यह है कि 'इश्कनामा' जैसी सत्य-आधारित, सीमा-पार प्रेम कहानियाँ हिंदी सिनेमा में कितनी जगह पाती हैं — और क्या दर्शक किसी कलाकार को उसकी पिछली छवि से अलग देखने को तैयार हैं। शहनाज की असली परीक्षा बॉक्स ऑफिस पर होगी, इंटरव्यू में नहीं।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शहनाज गिल की फिल्म 'इश्कनामा' किस बारे में है?
'इश्कनामा' एक सत्य घटना पर आधारित फिल्म है, जो 1981 से 1988 के बीच भारत-पाकिस्तान सीमा की पृष्ठभूमि में निर्मल निम्मा और नसीमा की प्रेम कहानी को दर्शाती है। यह फिल्म किताब 'हिंद पाक बॉर्डरनामा' से प्रेरित बताई जा रही है।
शहनाज गिल ने 'इश्कनामा' में गंभीर किरदार क्यों चुना?
शहनाज ने स्पष्ट किया कि यह कोई सोची-समझी रणनीति नहीं है। उनके अनुसार उन्हें अच्छी स्क्रिप्ट किस्मत और मेहनत की बदौलत मिल रही हैं, न कि छवि बदलने की इच्छा से।
'इश्कनामा' का निर्देशन और निर्माण किसने किया है?
फिल्म का निर्देशन अरविंद्र एस. खैरा ने किया है। निर्माण सौरभ राणा और रवनीत कौर चहल ने किया है।
क्या शहनाज गिल अपनी पुरानी छवि बदलना चाहती हैं?
शहनाज ने खुद कहा है कि वह किसी एक छवि में बंधकर काम नहीं करना चाहतीं। वह अलग-अलग तरह की कहानियों का हिस्सा बनना चाहती हैं, लेकिन यह किसी पुरानी छवि को तोड़ने की कोशिश नहीं है।
'इश्कनामा' किस किताब पर आधारित है?
यह फिल्म 'हिंद पाक बॉर्डरनामा' किताब से प्रेरित बताई जा रही है, जो भारत-पाकिस्तान सीमा से जुड़ी सत्य घटनाओं पर आधारित है।
राष्ट्र प्रेस
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