शिल्पा शिंदे का 9 साल बाद बड़ा खुलासा, ‘भाबीजी घर पर हैं’ के निर्माता पर लगाया गया यौन उत्पीड़न आरोप झूठा
सारांश
मुख्य बातें
टीवी अभिनेत्री शिल्पा शिंदे ने नौ साल बाद यह स्वीकार किया है कि लोकप्रिय धारावाहिक ‘भाबीजी घर पर हैं’ के निर्माता पर उन्होंने जो यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था, वह झूठा था। मुंबई में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में शिंदे ने कहा कि उस समय अनुबंध की बाध्यताओं से बाहर निकलने का उनके पास कोई और रास्ता नहीं था, इसलिए उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
मुख्य खुलासा
‘अंगूरी भाभी’ के किरदार से घर-घर पहचान बनाने वाली शिल्पा शिंदे ने कहा कि वह उसी समय पूरी सच्चाई सार्वजनिक करना चाहती थीं, लेकिन निर्माताओं के साथ एक आपसी सहमति बनी थी कि दोनों पक्ष इस मामले पर मीडिया से बात नहीं करेंगे।
शिंदे ने कहा, ‘मैं उस समय ही सब कुछ बताना चाहती थी, लेकिन हमारी यह प्रतिबद्धता थी कि हम मीडिया में इस मुद्दे पर बात नहीं करेंगे। ऐसा नहीं था कि मैं डरी हुई थी। मुझे कभी डर नहीं लगा। मेरे साथ पहले भी ऐसी परिस्थितियाँ आई हैं क्योंकि मैंने कभी पैसे को प्राथमिकता नहीं दी।'
पॉडकास्ट में पहली बार जताया था इशारा
हाल ही में भारती सिंह और हर्ष लिंबाचिया के पॉडकास्ट में अभिनेत्री ने पहली बार इस ओर इशारा किया था। वहाँ उन्होंने कहा था, ‘यह बात किसी को नहीं पता। मैं सच बोलने से नहीं डरती। मैंने अपने निर्माता पर यौन उत्पीड़न का केस किया था क्योंकि मेरे पास कोई दूसरा रास्ता नहीं था। उसी के जरिए मैं उस स्थिति से बाहर निकल पाई और बाद में मामला सुलझ गया।'
अनुबंध में बाँधे रखने की कोशिश का आरोप
शिंदे ने कथित तौर पर दावा किया कि विवाद के दौरान उन पर कई तरह के आरोप लगाए गए और यह सब उन्हें एक अनुबंध में बाँधे रखने की कोशिश का हिस्सा था, क्योंकि शो उस समय बेहद लोकप्रिय था। गौरतलब है कि ‘भाबीजी घर पर हैं’ उन वर्षों के सबसे अधिक देखे जाने वाले हिंदी टीवी कॉमेडी शो में शामिल था।
करियर पर असर
अभिनेत्री ने कहा कि जब भी उन्हें कुछ गलत दिखता है, वह आवाज उठाने से नहीं हिचकतीं और सेट पर भी अपना पक्ष रखती हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि किसी स्थिति में ठेस पहुँचने पर वह स्वयं को अलग कर लेती हैं, और इसी वजह से उन्हें कई प्रोजेक्ट्स गँवाने पड़े।
आगे क्या
शिंदे के इस खुलासे ने इंडस्ट्री में अनुबंधीय बाध्यताओं और कलाकारों के अधिकारों पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। यह देखना अहम होगा कि निर्माता पक्ष इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या यह मामला कानूनी रूप से फिर से चर्चा में आएगा।