नाना पाटेकर के निधन पर भावुक हुईं स्मृति ईरानी, 'दादा' ने हाथों से बनाया था फिश फ्राई
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता स्मृति ईरानी ने दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद 8 अक्टूबर 2026 को इंस्टाग्राम पर एक भावुक वीडियो साझा किया, जिसमें नाना उनके लिए अपने हाथों से फिश फ्राई बनाते नजर आ रहे हैं। ईरानी ने लिखा कि जहाँ पूरी दुनिया उन्हें नाना पाटेकर के नाम से जानती थी, वहीं उनके लिए वह हमेशा 'दादा' रहे।
यादों को किया साझा
इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो के कैप्शन में स्मृति ईरानी ने लिखा, 'दादा, मैं उन्हें इसी नाम से बुलाती थी, जबकि पूरी दुनिया उन्हें नाना पाटेकर के नाम से जानती थी। वह मुझे कभी भी फोन कर लेते थे, उनमें किसी तरह की फॉर्मैलिटी नहीं होती थी। वह सीधे पूछते थे, 'कहाँ है रे?'' ईरानी ने बताया कि उन्होंने नाना के साथ बिताए पलों की बहुत कम तस्वीरें खींची थीं, और उस समय कभी यह सोचा नहीं था कि एक दिन वही तस्वीरें यादों का एकमात्र सहारा बन जाएंगी।
हाथ से बनाया खाना — बेवजह, सिर्फ प्यार से
स्मृति ईरानी ने नाना पाटेकर से जुड़ी एक विशेष स्मृति का जिक्र करते हुए बताया, 'एक बार नाना ने मेरे लिए अपने हाथों से खाना बनाया था। इसके पीछे कोई खास मौका नहीं था — बस नाना अपने अंदाज में मेरे लिए खाना बना रहे थे।' यह वीडियो उसी दुर्लभ पल का दस्तावेज है जो ईरानी ने वर्षों बाद सार्वजनिक किया। गौरतलब है कि नाना पाटेकर परदे पर सख्त और रूखे व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे, लेकिन ईरानी के अनुसार उनके इस कठोर बाहरी रूप के पीछे एक अत्यंत गर्मजोशी भरा दिल था।
आखिरी बातचीत — 'जल्द पुणे आऊंगी'
स्मृति ईरानी ने नाना पाटेकर के साथ हुई अंतिम बातचीत को याद करते हुए भावुक होकर लिखा कि नाना ने उनसे पूछा था कि वह पुणे कब आ रही हैं, और उन्होंने जवाब दिया था कि जल्द ही आएंगी। ईरानी ने लिखा, 'अब उनकी यही बात बार-बार याद आ रही है।' उन्होंने यह भी बताया कि वह कभी-कभी अचानक नाना को फोन कर देती थीं और उन युवा कलाकारों से उनकी बात कराती थीं जो उन्हें अपना आदर्श मानते थे। नाना भी हमेशा उसी गर्मजोशी से उनसे बात करते थे।
नाना पाटेकर का निधन — 75 वर्ष की आयु में
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन गुरुवार को 75 वर्ष की आयु में हुआ। बताया जा रहा है कि गोवा के डोना पाउला स्थित उनके आवास पर तड़के उन्हें तबीयत खराब होने और बेचैनी की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें तत्काल मणिपाल अस्पताल ले जाया गया। लगभग 45 मिनट तक सीपीआर दिए जाने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके जाने से भारतीय सिनेमा जगत को एक अपूरणीय क्षति हुई है।
फिल्मी दुनिया से परे था रिश्ता
यह ऐसे समय में आया है जब फिल्म उद्योग और राजनीतिक जगत दोनों से नाना पाटेकर को श्रद्धांजलियों का ताँता लगा हुआ है। स्मृति ईरानी की यह पोस्ट इस बात की गवाही है कि नाना पाटेकर का व्यक्तित्व फिल्मी परदे की सीमाओं से कहीं आगे था — वह उन लोगों के लिए 'दादा' जैसी अपनत्व भरी भूमिका निभाते थे जिनसे उनका जुड़ाव गहरा था। उनकी विरासत न केवल उनकी यादगार फिल्मों में, बल्कि ऐसे ही अनगिनत निजी पलों में जीवित रहेगी।