सोना मोहपात्रा का सवाल: अमेरिका में भेदभाव गलत, तो भारत में अपनों से भेदभाव क्यों सही?
सारांश
मुख्य बातें
गायिका सोना मोहपात्रा ने बुधवार, 10 जून को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा कर भारत के भीतर चल रहे अंतर-राज्यीय भेदभाव और नस्लवाद पर तीखा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जो लोग अमेरिका में भारतीयों के साथ होने वाले नस्लभेद पर आक्रोश जताते हैं, उन्हें पहले अपने ही देश में हो रहे भेदभाव की तरफ देखना चाहिए।
वीडियो की पृष्ठभूमि
मोहपात्रा ने बताया कि उनके इंस्टाग्राम फीड पर हाल ही में ऐसे वीडियो आ रहे हैं जिनमें अमेरिका में रहने वाले भारतीयों से 'अपने देश वापस जाओ' कहा जा रहा है, उनके बोलने के लहजे पर मजाक उड़ाया जा रहा है और प्रवासियों को अपमानित किया जा रहा है। उन्होंने इसे 'बहुत बुरा और अज्ञानता भरा' बताया और कहा कि इसके खिलाफ आवाज उठनी चाहिए।
लेकिन साथ ही उन्होंने एक असहज सवाल भी रखा — 'क्या हम भारतीय सच में दूसरों से अलग हैं?'
भारत में भेदभाव की तस्वीर
सोना मोहपात्रा ने नॉर्थ-ईस्ट के लोगों को 'चिंकी' जैसे अपमानजनक शब्दों से बुलाए जाने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बिहार, उत्तर प्रदेश और ओडिशा से आए प्रवासी मजदूरों को दूसरे शहरों में पहुँचते ही रूढ़िवादी नजरिए का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने यह भी बताया कि नॉर्थ-ईस्ट की कई युवा महिलाओं ने उन्हें बताया है कि उन्हें अपने ही देश की सड़कों पर चलने में असुरक्षित महसूस होता है। ओडिशा के एक सैलून में कुछ लड़कियों ने उन्हें अपने साथ हुई नस्लभेदी टिप्पणियों और मानसिक उत्पीड़न की कहानियाँ सुनाईं।
विरोधाभास पर चोट
गायिका ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत जहाँ एक तरफ 'सबका स्वागत करने वाला देश' माना जाता है, वहीं दूसरी तरफ यह 'बेहद क्रूर और भेदभाव से भरा' भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि आज देश में उत्तर बनाम दक्षिण, राज्य बनाम राज्य और भाषा बनाम भाषा की लड़ाई चल रही है।
मुख्य संदेश
अपनी बात समाप्त करते हुए मोहपात्रा ने कहा, 'भेदभाव करने के लिए हमेशा किसी दूसरी राष्ट्रीयता की जरूरत नहीं होती। कभी-कभी आपका सरनेम, आपका लहजा या आपका चेहरा ही इसके लिए काफी होता है।' उन्होंने जोड़ा, 'अगर अमेरिका में भारतीयों के साथ भेदभाव गलत है, तो हमारे द्वारा अपनों के साथ किया जाने वाला भेदभाव भी पूरी तरह गलत है — फिर चाहे वह मणिपुर का व्यक्ति हो या बिहार और तमिलनाडु का।'
यह वीडियो ऐसे समय में आया है जब भारत-अमेरिका संबंधों और प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सार्वजनिक चर्चा तेज हो रही है। मोहपात्रा का यह सवाल — 'असली सवाल यह है कि हम खुद एक-दूसरे को कितना अपनाते हैं?' — सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया को आमंत्रित कर रहा है।