26 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सोना मोहपात्रा का सवाल: अमेरिका में भेदभाव गलत, तो भारत में अपनों से भेदभाव क्यों सही?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सोना मोहपात्रा का सवाल: अमेरिका में भेदभाव गलत, तो भारत में अपनों से भेदभाव क्यों सही?

सारांश

सोना मोहपात्रा ने इंस्टाग्राम पर एक तीखा सवाल उठाया — जो लोग अमेरिका में भारतीयों के साथ नस्लभेद पर गुस्सा होते हैं, क्या वे खुद नॉर्थ-ईस्ट, बिहार या ओडिशा के लोगों से भेदभाव नहीं करते? उनका संदेश साफ है: भेदभाव चाहे कहीं भी हो, गलत है।

मुख्य बातें

गायिका सोना मोहपात्रा ने 10 जून को इंस्टाग्राम पर वीडियो साझा कर भारत में अंतर-राज्यीय भेदभाव पर सवाल उठाया।
उन्होंने अमेरिका में भारतीयों से हो रहे नस्लभेद और भारत में नॉर्थ-ईस्ट , बिहार , ओडिशा के लोगों से होने वाले भेदभाव की तुलना की।
मोहपात्रा ने कहा कि नॉर्थ-ईस्ट की युवा महिलाएँ अपने ही देश की सड़कों पर असुरक्षित महसूस करती हैं।
उन्होंने उत्तर बनाम दक्षिण , राज्य बनाम राज्य और भाषा बनाम भाषा की लड़ाई को देश के लिए गंभीर चुनौती बताया।
उनका मुख्य संदेश: 'अगर अमेरिका में भेदभाव गलत है, तो भारत में भी यह पूरी तरह गलत है।'

गायिका सोना मोहपात्रा ने बुधवार, 10 जून को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा कर भारत के भीतर चल रहे अंतर-राज्यीय भेदभाव और नस्लवाद पर तीखा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जो लोग अमेरिका में भारतीयों के साथ होने वाले नस्लभेद पर आक्रोश जताते हैं, उन्हें पहले अपने ही देश में हो रहे भेदभाव की तरफ देखना चाहिए।

वीडियो की पृष्ठभूमि

मोहपात्रा ने बताया कि उनके इंस्टाग्राम फीड पर हाल ही में ऐसे वीडियो आ रहे हैं जिनमें अमेरिका में रहने वाले भारतीयों से 'अपने देश वापस जाओ' कहा जा रहा है, उनके बोलने के लहजे पर मजाक उड़ाया जा रहा है और प्रवासियों को अपमानित किया जा रहा है। उन्होंने इसे 'बहुत बुरा और अज्ञानता भरा' बताया और कहा कि इसके खिलाफ आवाज उठनी चाहिए।

लेकिन साथ ही उन्होंने एक असहज सवाल भी रखा — 'क्या हम भारतीय सच में दूसरों से अलग हैं?'

भारत में भेदभाव की तस्वीर

सोना मोहपात्रा ने नॉर्थ-ईस्ट के लोगों को 'चिंकी' जैसे अपमानजनक शब्दों से बुलाए जाने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बिहार, उत्तर प्रदेश और ओडिशा से आए प्रवासी मजदूरों को दूसरे शहरों में पहुँचते ही रूढ़िवादी नजरिए का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने यह भी बताया कि नॉर्थ-ईस्ट की कई युवा महिलाओं ने उन्हें बताया है कि उन्हें अपने ही देश की सड़कों पर चलने में असुरक्षित महसूस होता है। ओडिशा के एक सैलून में कुछ लड़कियों ने उन्हें अपने साथ हुई नस्लभेदी टिप्पणियों और मानसिक उत्पीड़न की कहानियाँ सुनाईं।

विरोधाभास पर चोट

गायिका ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत जहाँ एक तरफ 'सबका स्वागत करने वाला देश' माना जाता है, वहीं दूसरी तरफ यह 'बेहद क्रूर और भेदभाव से भरा' भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि आज देश में उत्तर बनाम दक्षिण, राज्य बनाम राज्य और भाषा बनाम भाषा की लड़ाई चल रही है।

मुख्य संदेश

अपनी बात समाप्त करते हुए मोहपात्रा ने कहा, 'भेदभाव करने के लिए हमेशा किसी दूसरी राष्ट्रीयता की जरूरत नहीं होती। कभी-कभी आपका सरनेम, आपका लहजा या आपका चेहरा ही इसके लिए काफी होता है।' उन्होंने जोड़ा, 'अगर अमेरिका में भारतीयों के साथ भेदभाव गलत है, तो हमारे द्वारा अपनों के साथ किया जाने वाला भेदभाव भी पूरी तरह गलत है — फिर चाहे वह मणिपुर का व्यक्ति हो या बिहार और तमिलनाडु का।'

यह वीडियो ऐसे समय में आया है जब भारत-अमेरिका संबंधों और प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सार्वजनिक चर्चा तेज हो रही है। मोहपात्रा का यह सवाल — 'असली सवाल यह है कि हम खुद एक-दूसरे को कितना अपनाते हैं?' — सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया को आमंत्रित कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

प्रवासी मजदूरों का हाशियाकरण और भाषाई वर्चस्व की राजनीति — ये मुद्दे मुख्यधारा की मीडिया में तब तक नहीं उठते जब तक कोई सेलिब्रिटी इन्हें न उठाए। यह विडंबना है कि एक लोकप्रिय कलाकार को वह बात कहनी पड़ रही है जो नीति-निर्माताओं और सामाजिक संस्थाओं की जिम्मेदारी है। सवाल सिर्फ व्यक्तिगत संवेदनशीलता का नहीं, बल्कि उन संरचनाओं का भी है जो इस भेदभाव को बनाए रखती हैं।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोना मोहपात्रा ने इंस्टाग्राम वीडियो में क्या कहा?
सोना मोहपात्रा ने कहा कि अमेरिका में भारतीयों के साथ होने वाला नस्लभेद जितना गलत है, उतना ही गलत भारत में नॉर्थ-ईस्ट, बिहार और ओडिशा के लोगों के साथ होने वाला भेदभाव भी है। उन्होंने भारतीयों से खुद के भीतर झाँकने की अपील की।
सोना मोहपात्रा ने किन राज्यों के भेदभाव का जिक्र किया?
उन्होंने नॉर्थ-ईस्ट के लोगों को अपमानजनक शब्दों से बुलाए जाने, बिहार और उत्तर प्रदेश के प्रवासी मजदूरों के साथ दुर्व्यवहार, तथा ओडिशा की लड़कियों के साथ नस्लभेदी टिप्पणियों का उल्लेख किया।
सोना मोहपात्रा का यह बयान किस संदर्भ में आया?
यह बयान उस समय आया जब अमेरिका में भारतीय प्रवासियों से भेदभाव के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे थे। मोहपात्रा ने इन वीडियो को देखकर भारत के भीतर भेदभाव की तुलना करना जरूरी समझा।
क्या नॉर्थ-ईस्ट की महिलाएँ वाकई असुरक्षित महसूस करती हैं?
सोना मोहपात्रा के अनुसार, नॉर्थ-ईस्ट की कई युवा महिलाओं ने उन्हें बताया है कि वे अपने ही देश की सड़कों पर चलने में असुरक्षित महसूस करती हैं। यह उनके व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित बयान है।
सोना मोहपात्रा का मुख्य संदेश क्या है?
उनका मुख्य संदेश यह है कि भेदभाव के लिए किसी दूसरी राष्ट्रीयता की जरूरत नहीं — सरनेम, लहजा या चेहरा भी इसका आधार बन जाता है। इसलिए बाहर के नस्लवाद की निंदा करने से पहले हमें अपने भीतर झाँकना होगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले