सुनैना रोशन की क्रैश डाइटिंग से हालत बिगड़ी: लकवा, कोमा का खतरा, एक महीने अस्पताल में भर्ती रहीं
सारांश
मुख्य बातें
सुनैना रोशन, अभिनेता ऋतिक रोशन की बहन, ने खुलासा किया है कि क्रैश डाइटिंग के चलते उन्हें ट्यूबरकुलोसिस मेनिनजाइटिस हो गई थी और वे करीब एक महीने तक अस्पताल में भर्ती रहीं। डॉक्टरों ने उनके परिवार को चेतावनी दी थी कि स्थिति और बिगड़ने पर लकवा, आँखों की रोशनी जाना या कोमा जैसी गंभीर जटिलताएँ हो सकती थीं।
इंस्टाग्राम पर साझा किया दर्दनाक अनुभव
सुनैना रोशन ने बुधवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने अपनी इस गंभीर स्वास्थ्य यात्रा का विवरण साझा किया। उन्होंने बताया कि जल्दी वज़न घटाने की चाह में उन्होंने क्रैश डाइटिंग शुरू की, जिसके परिणाम जानलेवा साबित हुए।
अपने वीडियो में सुनैना ने कहा, 'इससे पहले मैंने एक वीडियो शेयर की थी, जिसमें मैंने बताया था कि कैसे क्रैश डाइटिंग की वजह से मुझे अस्पताल जाना पड़ा था। इसके बाद जो हुआ, वह मेरी ज़िंदगी पूरी तरह बदल सकता था।'
दो-तीन दिन बेहोशी में, परिवार पर टूटा पहाड़
सुनैना के अनुसार, वे करीब दो से तीन दिन तक बेहोशी की हालत में अस्पताल में रहीं। इस दौरान डॉक्टरों ने परिवार को बताया कि मरीज़ को लकवा, दृष्टि हानि या कोमा का खतरा है। उन्होंने लिखा, 'किसी को नहीं पता था कि आगे क्या होने वाला है। मेरे भाई ने तो मंदिर में रात भर मेरे ठीक होने की प्रार्थना की।'
डॉक्टरों ने परिवार को बताया था कि ठीक होने का पहला संकेत यह होगा कि सुनैना खाने के लिए कुछ माँगेंगी — और कुछ दिनों बाद ऐसा ही हुआ।
ट्यूबरकुलोसिस मेनिनजाइटिस और पाँच महीने का लंबा इलाज
सुनैना ने बताया कि जाँच में ट्यूबरकुलोसिस मेनिनजाइटिस की पुष्टि हुई। इसके बाद वे एक महीने तक अस्पताल में भर्ती रहीं और बीमारी की पुनरावृत्ति से बचने के लिए चार महीने और घर पर आराम करना पड़ा। उन्होंने लिखा, 'मेरी इम्यूनिटी बहुत कम हो गई थी, इसलिए मुझे भारी दवाइयाँ लेनी पड़ी थीं — और इसकी वजह? क्रैश डाइटिंग थी।'
यह ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया पर 'क्विक वेट लॉस' और 'बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन' के वीडियो युवाओं को खतरनाक डाइट प्लान अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक कैलोरी प्रतिबंध शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को गंभीर रूप से कमज़ोर कर सकता है।
सुनैना का संदेश: शॉर्टकट नहीं, सही पोषण चुनें
सुनैना रोशन ने अपने अनुभव से सीख साझा करते हुए लिखा, 'तभी मुझे एहसास हुआ कि किसी भी लक्ष्य के लिए अपनी जान जोखिम में नहीं डालनी चाहिए। हमेशा शॉर्टकट के बजाय सही पोषण को चुनें।' उन्होंने अपने फॉलोअर्स से अपील की कि वे इस संदेश को उन लोगों तक ज़रूर पहुँचाएँ जिन्हें इसे सुनने की ज़रूरत है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, क्रैश डाइटिंग न केवल इम्यूनिटी को कमज़ोर करती है, बल्कि इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, हृदय संबंधी समस्याएँ और तंत्रिका तंत्र पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। सुनैना रोशन का यह खुलासा उन लाखों युवाओं के लिए एक ज़रूरी चेतावनी है जो तेज़ी से वज़न घटाने के लिए ऐसे खतरनाक तरीके अपना रहे हैं।