23 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

हिमानी शिवपुरी के लिए सूरज बड़जात्या ने बदली 'हम आपके हैं कौन' की स्क्रिप्ट, 'अजहर का ख्वाब' नाटक बना वजह

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
हिमानी शिवपुरी के लिए सूरज बड़जात्या ने बदली 'हम आपके हैं कौन' की स्क्रिप्ट, 'अजहर का ख्वाब' नाटक बना वजह

सारांश

एक थिएटर शो ने बॉलीवुड की एक क्लासिक फिल्म की कहानी बदल दी। सूरज बड़जात्या ने 'अजहर का ख्वाब' नाटक में हिमानी शिवपुरी का अभिनय देखकर 'हम आपके हैं कौन' की तैयार स्क्रिप्ट में नया किरदार जोड़ा — NSD की एक पुरानी थिएटर कलाकार के लिए यह मौका बन गया बॉलीवुड का दरवाजा।

मुख्य बातें

हिमानी शिवपुरी का जन्म 24 अक्टूबर 1960 को देहरादून में हुआ; पिता डॉ.
हरिदत्त भट्ट 'शैलेश' प्रसिद्ध साहित्यकार थे।
नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) से प्रशिक्षित हिमानी कई वर्षों तक थिएटर से जुड़ी रहीं।
नाटक 'अजहर का ख्वाब' देखकर निर्देशक सूरज बड़जात्या ने 'हम आपके हैं कौन' की तैयार स्क्रिप्ट में हिमानी के लिए नया मुस्लिम किरदार जोड़ा।
'हम आपके हैं कौन' के बाद हिमानी को 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' , 'कुछ कुछ होता है' और 'परदेस' में भूमिकाएँ मिलीं।
'हीरो नंबर 1' , 'बीवी नंबर 1' जैसी फिल्मों में उनके हास्य अभिनय को भी दर्शकों ने खूब सराहा।

नाट्य मंच पर एक साधारण प्रदर्शन ने बॉलीवुड इतिहास की एक यादगार फिल्म की कहानी को नया मोड़ दे दिया। अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी की अदाकारी से इतने प्रभावित हुए कि फिल्म निर्देशक सूरज बड़जात्या ने अपनी पहले से तैयार स्क्रिप्ट में एक नया मुस्लिम किरदार जोड़ने का फैसला किया — और यही किरदार 'हम आपके हैं कौन' में हिमानी की पहचान बन गया। यह किस्सा बताता है कि थिएटर की जमीन से उठी प्रतिभा किस तरह सिनेमाई इतिहास बदल सकती है।

थिएटर से सिनेमा तक का सफर

हिमानी शिवपुरी का जन्म 24 अक्टूबर 1960 को देहरादून में हुआ था। उनके पिता डॉ. हरिदत्त भट्ट 'शैलेश' जाने-माने साहित्यकार और शिक्षक थे। देहरादून के दून स्कूल में पढ़ाई के दौरान ही उन्हें नाट्यकला से गहरा लगाव हो गया था।

अभिनय में करियर बनाने के संकल्प के साथ हिमानी ने प्रतिष्ठित नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) में दाखिला लिया। यहाँ से अभिनय की बारीकियाँ सीखकर वे कई वर्षों तक थिएटर से जुड़ी रहीं। गौरतलब है कि बॉलीवुड में पहचान बनाने के बाद भी उनका रंगमंच से नाता कभी नहीं टूटा — थिएटर उनके लिए महज पेशा नहीं, बल्कि पहला प्यार था।

'अजहर का ख्वाब' — वह मोड़ जिसने करियर बदला

हिमानी के करियर में निर्णायक मोड़ तब आया जब वे नाटक 'अजहर का ख्वाब' में अभिनय कर रही थीं। उसी शो में दर्शकों के बीच मशहूर फिल्म निर्देशक सूरज बड़जात्या भी मौजूद थे, जो उन दिनों अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म 'हम आपके हैं कौन' की तैयारी में जुटे थे।

हिमानी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि बड़जात्या ने उनसे सीधे कहा कि फिल्म की स्क्रिप्ट पहले ही पूरी तरह तैयार थी, लेकिन उनका अभिनय देखने के बाद उन्होंने कहानी में एक मुस्लिम किरदार जोड़ने का निर्णय लिया। यह संयोग हिमानी के लिए किसी बड़े वरदान से कम नहीं साबित हुआ।

'हम आपके हैं कौन' और बड़ी सफलता

'हम आपके हैं कौन' बॉलीवुड के इतिहास में एक मील का पत्थर फिल्म साबित हुई। इस फिल्म की अभूतपूर्व सफलता ने हिमानी शिवपुरी के लिए बॉलीवुड के दरवाजे चौड़े कर दिए। वह उन चुनिंदा कलाकारों में शामिल हो गईं जिन्होंने सहायक भूमिकाओं को भी अपनी अदाकारी से यादगार बना दिया।

इस फिल्म के बाद उन्हें 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे', 'कुछ कुछ होता है' और 'परदेस' जैसी बड़ी फिल्मों में काम करने का मौका मिला। इन तीनों फिल्मों ने भी बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की।

हास्य से लेकर भावुक किरदारों तक

हिमानी शिवपुरी ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय देते हुए 'हीरो नंबर 1', 'बीवी नंबर 1' और 'एक और एक ग्यारह' जैसी कॉमेडी फिल्मों में दर्शकों को खूब हँसाया। आज वे बॉलीवुड की उन विरली अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं जिन्होंने छोटे-बड़े हर किरदार को अपनी कला से अविस्मरणीय बना दिया।

यह ऐसे समय में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब बॉलीवुड में सहायक कलाकारों की भूमिका को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है — हिमानी का सफर इस बात का प्रमाण है कि असली प्रतिभा किसी भी मंच पर अपना रास्ता खुद बनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहाँ यह याद दिलाना जरूरी है कि रंगमंच की कसौटी पर खरे उतरे कलाकार ही पर्दे पर सबसे गहरी छाप छोड़ते हैं। सूरज बड़जात्या का यह निर्णय महज एक स्क्रिप्ट बदलाव नहीं था — यह NSD की ट्रेनिंग और थिएटर की जीवंतता पर एक बड़े फिल्मकार की मुहर थी। दुर्भाग्य से आज की इंडस्ट्री में ऐसे सहायक कलाकारों को उचित श्रेय शायद ही मिलता है जिनके बिना कई 'ब्लॉकबस्टर' अधूरी होतीं।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूरज बड़जात्या ने 'हम आपके हैं कौन' की स्क्रिप्ट क्यों बदली?
सूरज बड़जात्या ने नाटक 'अजहर का ख्वाब' में हिमानी शिवपुरी का अभिनय देखकर उनके लिए फिल्म में एक नया मुस्लिम किरदार जोड़ा, जबकि स्क्रिप्ट पहले से तैयार थी। हिमानी ने खुद एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया था।
हिमानी शिवपुरी कौन हैं और उनका जन्म कब हुआ?
हिमानी शिवपुरी एक वरिष्ठ बॉलीवुड अभिनेत्री हैं जिनका जन्म 24 अक्टूबर 1960 को देहरादून में हुआ था। उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) से अभिनय की शिक्षा ली और थिएटर से अपनी यात्रा शुरू की।
'हम आपके हैं कौन' के बाद हिमानी शिवपुरी ने कौन-सी फिल्में कीं?
इस फिल्म की सफलता के बाद हिमानी को 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे', 'कुछ कुछ होता है' और 'परदेस' जैसी बड़ी फिल्मों में काम मिला। इसके अलावा 'हीरो नंबर 1', 'बीवी नंबर 1' और 'एक और एक ग्यारह' में उनके हास्य अभिनय को भी दर्शकों ने खूब पसंद किया।
हिमानी शिवपुरी ने थिएटर में कहाँ से प्रशिक्षण लिया?
हिमानी शिवपुरी ने देश के प्रतिष्ठित नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) से अभिनय का प्रशिक्षण लिया। बॉलीवुड में सफलता मिलने के बाद भी वे थिएटर से जुड़ी रहीं।
'अजहर का ख्वाब' नाटक का हिमानी शिवपुरी के करियर में क्या महत्व है?
'अजहर का ख्वाब' वह नाटक था जिसमें हिमानी का अभिनय देखकर सूरज बड़जात्या ने 'हम आपके हैं कौन' में उनके लिए नया किरदार लिखने का फैसला किया। यह नाटक उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 12 महीने पहले
  8. 1 साल पहले