हिमानी शिवपुरी के लिए सूरज बड़जात्या ने बदली 'हम आपके हैं कौन' की स्क्रिप्ट, 'अजहर का ख्वाब' नाटक बना वजह
सारांश
मुख्य बातें
नाट्य मंच पर एक साधारण प्रदर्शन ने बॉलीवुड इतिहास की एक यादगार फिल्म की कहानी को नया मोड़ दे दिया। अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी की अदाकारी से इतने प्रभावित हुए कि फिल्म निर्देशक सूरज बड़जात्या ने अपनी पहले से तैयार स्क्रिप्ट में एक नया मुस्लिम किरदार जोड़ने का फैसला किया — और यही किरदार 'हम आपके हैं कौन' में हिमानी की पहचान बन गया। यह किस्सा बताता है कि थिएटर की जमीन से उठी प्रतिभा किस तरह सिनेमाई इतिहास बदल सकती है।
थिएटर से सिनेमा तक का सफर
हिमानी शिवपुरी का जन्म 24 अक्टूबर 1960 को देहरादून में हुआ था। उनके पिता डॉ. हरिदत्त भट्ट 'शैलेश' जाने-माने साहित्यकार और शिक्षक थे। देहरादून के दून स्कूल में पढ़ाई के दौरान ही उन्हें नाट्यकला से गहरा लगाव हो गया था।
अभिनय में करियर बनाने के संकल्प के साथ हिमानी ने प्रतिष्ठित नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) में दाखिला लिया। यहाँ से अभिनय की बारीकियाँ सीखकर वे कई वर्षों तक थिएटर से जुड़ी रहीं। गौरतलब है कि बॉलीवुड में पहचान बनाने के बाद भी उनका रंगमंच से नाता कभी नहीं टूटा — थिएटर उनके लिए महज पेशा नहीं, बल्कि पहला प्यार था।
'अजहर का ख्वाब' — वह मोड़ जिसने करियर बदला
हिमानी के करियर में निर्णायक मोड़ तब आया जब वे नाटक 'अजहर का ख्वाब' में अभिनय कर रही थीं। उसी शो में दर्शकों के बीच मशहूर फिल्म निर्देशक सूरज बड़जात्या भी मौजूद थे, जो उन दिनों अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म 'हम आपके हैं कौन' की तैयारी में जुटे थे।
हिमानी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि बड़जात्या ने उनसे सीधे कहा कि फिल्म की स्क्रिप्ट पहले ही पूरी तरह तैयार थी, लेकिन उनका अभिनय देखने के बाद उन्होंने कहानी में एक मुस्लिम किरदार जोड़ने का निर्णय लिया। यह संयोग हिमानी के लिए किसी बड़े वरदान से कम नहीं साबित हुआ।
'हम आपके हैं कौन' और बड़ी सफलता
'हम आपके हैं कौन' बॉलीवुड के इतिहास में एक मील का पत्थर फिल्म साबित हुई। इस फिल्म की अभूतपूर्व सफलता ने हिमानी शिवपुरी के लिए बॉलीवुड के दरवाजे चौड़े कर दिए। वह उन चुनिंदा कलाकारों में शामिल हो गईं जिन्होंने सहायक भूमिकाओं को भी अपनी अदाकारी से यादगार बना दिया।
इस फिल्म के बाद उन्हें 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे', 'कुछ कुछ होता है' और 'परदेस' जैसी बड़ी फिल्मों में काम करने का मौका मिला। इन तीनों फिल्मों ने भी बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की।
हास्य से लेकर भावुक किरदारों तक
हिमानी शिवपुरी ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय देते हुए 'हीरो नंबर 1', 'बीवी नंबर 1' और 'एक और एक ग्यारह' जैसी कॉमेडी फिल्मों में दर्शकों को खूब हँसाया। आज वे बॉलीवुड की उन विरली अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं जिन्होंने छोटे-बड़े हर किरदार को अपनी कला से अविस्मरणीय बना दिया।
यह ऐसे समय में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब बॉलीवुड में सहायक कलाकारों की भूमिका को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है — हिमानी का सफर इस बात का प्रमाण है कि असली प्रतिभा किसी भी मंच पर अपना रास्ता खुद बनाती है।