सुरभि चंदना के घर गणेश चतुर्थी पर गैस लीक का संकट, बोलीं — 'बप्पा साथ हों तो कोई बाधा बड़ी नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
टीवी अभिनेत्री सुरभि चंदना ने इस बार गणेश चतुर्थी के दौरान एक ऐसे पल का ज़िक्र किया जो कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया था, लेकिन आस्था और परिवार के साथ ने उसे यादगार बना दिया। मुंबई स्थित उनके घर में भोग तैयार करने और मेहमानों को खाना परोसने की तैयारी के दौरान अचानक गैस हॉब ने काम करना बंद कर दिया और साथ ही गैस लीकेज का भी पता चला।
क्या हुआ उस दिन
सुरभि के अनुसार, भोग चढ़ाने से ठीक पहले रसोई में यह संकट खड़ा हुआ। एक पल के लिए परिवार को लगा कि समय पर प्रसाद और खाना तैयार करना नामुमकिन हो जाएगा। हालाँकि, परिवार के सभी सदस्य एकजुट हुए और मिलकर स्थिति को संभाल लिया। अंततः समय पर गणपति बप्पा को भोग चढ़ाया जा सका।
सुरभि ने इसे बताया 'चमत्कारी'
सुरभि चंदना ने इस पूरे अनुभव को सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर गणेश उत्सव की तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा, 'शुक्र है बप्पा आ गए। छोटी सी कहानी... तीन साल में पहली बार हमारे साथ कुछ ऐसा हुआ, जो वाकई चमत्कारी था। बप्पा को भोग और मेहमानों को खाना परोसने से ठीक पहले हमारा गैस हॉब अचानक काम करना बंद हो गया और गैस लीकेज भी हो रही थी। एक पल के लिए लगा कि समय पर बप्पा और मेहमानों के लिए भोग तैयार करना और परोसना नामुमकिन है।'
उन्होंने आगे लिखा, 'मुश्किल की इस घड़ी में पूरा परिवार साथ आया और किसी तरह स्थिति को संभाल लिया। सबने मिलकर समस्या को ठीक किया। बप्पा की कृपा से समय पर भोग लग सका। शायद इसलिए उन्हें 'विघ्नहर्ता' कहते हैं, जो पल कुछ देर के लिए घबराहट से भरा था, वही बाद में एक खूबसूरत याद बन गया। जब बप्पा साथ हों तो कोई भी मुश्किल बड़ी नहीं होती। गणपति बप्पा मोरया।'
परिवार संग तस्वीरें वायरल
सुरभि ने उत्सव की कई तस्वीरें भी साझा कीं। एक तस्वीर में वह अपने पति करण शर्मा के साथ हाथ जोड़कर बप्पा के सामने खड़ी दिख रही हैं। परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी उन्होंने कैमरे के सामने पोज़ दिए।
अभिनेत्री ने इस मौके पर एक शिमरी और स्टोन-एम्बेलिश्ड पारंपरिक सूट पहना था, जिसके साथ उन्होंने व्हाइट नेकलेस और मैचिंग ईयररिंग्स पहनी थीं। मेकअप हल्का और सादगीपूर्ण था।
विवाह और उत्सव की पृष्ठभूमि
उल्लेखनीय है कि सुरभि चंदना और बिजनेसमैन करण शर्मा ने 2 मार्च 2024 को जयपुर में विवाह किया था। यह शादी के बाद उनका तीसरा गणेश चतुर्थी उत्सव था। इस बार की घटना ने न केवल उनके परिवार की एकजुटता को उजागर किया, बल्कि उनकी आस्था को भी और गहरा किया।
यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि त्योहारों के दौरान छोटी-बड़ी अड़चनें परिवारों को और करीब ला देती हैं — और कभी-कभी सबसे बेहतरीन यादें उन्हीं अप्रत्याशित पलों में बनती हैं।