स्वरा भास्कर विवाद: पुनीत इस्सर बोले — 'कलाकार का काम मनोरंजन है, राजनीति नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता पुनीत इस्सर ने अभिनेत्री स्वरा भास्कर के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने 2019 के सर्वोच्च न्यायालय के राम जन्मभूमि-अयोध्या फैसले पर शर्मिंदगी जताई थी। इस्सर का स्पष्ट मत है कि किसी भी कलाकार को इस तरह के राजनीतिक विवादों में उलझना नहीं चाहिए। मुंबई में 21 सितंबर 2026 को दिए अपने बयान में उन्होंने कहा कि अभिनेता का मूल दायित्व मनोरंजन करना है।
पुनीत इस्सर का सीधा संदेश
इस्सर ने अयोध्या राम मंदिर से जुड़े स्वरा भास्कर के बयान और उससे उपजे विवाद पर अपनी राय रखते हुए कहा, 'पहली बात तो किसी भी अभिनेता या अभिनेत्री को इस तरह के विवाद में नहीं पड़ना चाहिए, क्योंकि एक कलाकार के तौर पर हमें सभी का ख्याल रखना चाहिए। हमारा काम है मनोरंजन करना, तो बस वही कीजिए।'
उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि किसी कलाकार की रुचि राजनीति या समाज सेवा में है, तो उसे उसी दिशा में जाना चाहिए। उनके शब्दों में, 'अगर आपको सामाजिक कार्यकर्ता बनना है या राजनीति में जाना है, तो फिर वही काम कीजिए। सिर्फ सुर्खियों में बने रहने के लिए या किसी के समर्थन और फंडिंग पर ऐसी हैरतअंगेज बातें बोलना, मेरे हिसाब से बहुत ही गलत है।'
स्वरा भास्कर का वह बयान जिसने विवाद छेड़ा
अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने हाल ही में 'द मिडनाइट आवर' पॉडकास्ट में खुलासा किया था कि 2019 के सर्वोच्च न्यायालय के राम जन्मभूमि-अयोध्या फैसले से उन्हें गहरा दुख और शर्मिंदगी हुई थी।
उन्होंने बताया था कि फैसले के बाद उन्होंने अपने मुस्लिम परिचितों, सहकर्मियों तथा शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान जैसे सितारों को फोन और मैसेज कर माफी माँगी थी। यह पुराना बयान हाल ही में सोशल मीडिया पर फिर से वायरल हुआ, जिसके बाद आलोचनाओं का सिलसिला शुरू हो गया।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
स्वरा के बयान के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छिड़ी हुई है। एक बड़ा वर्ग उनकी टिप्पणी की आलोचना कर रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड अभिनेताओं के राजनीतिक बयानों को लेकर दर्शकों में पहले से ही संवेदनशीलता बढ़ी हुई है।
गौरतलब है कि यह कोई पहली बार नहीं है जब स्वरा भास्कर किसी विवाद के केंद्र में आई हों। इससे पहले 'पद्मावती' फिल्म को लेकर भी उनकी टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया उत्पन्न की थी, जब उन्हें व्यापक ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
मनोरंजन जगत में यह बहस नई नहीं है कि कलाकारों को राजनीतिक विषयों पर कितनी और कब बोलना चाहिए। पुनीत इस्सर की राय उन कलाकारों का प्रतिनिधित्व करती है जो मानते हैं कि अभिनेताओं का सार्वजनिक मंच उनकी कला के लिए है, न कि राजनीतिक पक्षधरता के लिए।
आलोचकों का कहना है कि दूसरी ओर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का भी उतना ही महत्त्व है, और लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी राय रखने का अधिकार है — चाहे वह किसी भी पेशे में हो।
आगे क्या
स्वरा भास्कर की ओर से अब तक इस नए विवाद पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। यह देखना होगा कि क्या वे सफाई देती हैं या अपने रुख पर कायम रहती हैं। बॉलीवुड में राजनीतिक बयानबाजी को लेकर यह बहस आने वाले समय में और तेज होने की संभावना है।