21 सितंबर 2026
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स्वरा भास्कर विवाद: पुनीत इस्सर बोले — 'कलाकार का काम मनोरंजन है, राजनीति नहीं'

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स्वरा भास्कर विवाद: पुनीत इस्सर बोले — 'कलाकार का काम मनोरंजन है, राजनीति नहीं'

सारांश

पुनीत इस्सर ने स्वरा भास्कर के अयोध्या फैसले पर दिए पुराने बयान के वायरल होने पर साफ कहा — 'कलाकार का काम मनोरंजन है।' यह विवाद बॉलीवुड में राजनीतिक बयानबाजी की उस पुरानी बहस को एक बार फिर सतह पर ले आया है जो अभिनेताओं के सार्वजनिक भूमिका पर सवाल उठाती है।

मुख्य बातें

पुनीत इस्सर ने 21 सितंबर 2026 को स्वरा भास्कर के अयोध्या बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।
इस्सर ने कहा कि कलाकारों को राजनीतिक विवादों से दूर रहना चाहिए — 'हमारा काम मनोरंजन करना है।' स्वरा भास्कर ने 'द मिडनाइट आवर' पॉडकास्ट में कहा था कि 2019 के सर्वोच्च न्यायालय के अयोध्या फैसले से उन्हें शर्मिंदगी हुई थी।
उन्होंने शाहरुख खान , सलमान खान और आमिर खान सहित मुस्लिम परिचितों से माफी माँगी थी।
यह स्वरा का पहला बड़ा विवाद नहीं — 'पद्मावती' पर दिए बयान के बाद भी उन्हें ट्रोलिंग झेलनी पड़ी थी।

अभिनेता पुनीत इस्सर ने अभिनेत्री स्वरा भास्कर के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने 2019 के सर्वोच्च न्यायालय के राम जन्मभूमि-अयोध्या फैसले पर शर्मिंदगी जताई थी। इस्सर का स्पष्ट मत है कि किसी भी कलाकार को इस तरह के राजनीतिक विवादों में उलझना नहीं चाहिए। मुंबई में 21 सितंबर 2026 को दिए अपने बयान में उन्होंने कहा कि अभिनेता का मूल दायित्व मनोरंजन करना है।

पुनीत इस्सर का सीधा संदेश

इस्सर ने अयोध्या राम मंदिर से जुड़े स्वरा भास्कर के बयान और उससे उपजे विवाद पर अपनी राय रखते हुए कहा, 'पहली बात तो किसी भी अभिनेता या अभिनेत्री को इस तरह के विवाद में नहीं पड़ना चाहिए, क्योंकि एक कलाकार के तौर पर हमें सभी का ख्याल रखना चाहिए। हमारा काम है मनोरंजन करना, तो बस वही कीजिए।'

उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि किसी कलाकार की रुचि राजनीति या समाज सेवा में है, तो उसे उसी दिशा में जाना चाहिए। उनके शब्दों में, 'अगर आपको सामाजिक कार्यकर्ता बनना है या राजनीति में जाना है, तो फिर वही काम कीजिए। सिर्फ सुर्खियों में बने रहने के लिए या किसी के समर्थन और फंडिंग पर ऐसी हैरतअंगेज बातें बोलना, मेरे हिसाब से बहुत ही गलत है।'

स्वरा भास्कर का वह बयान जिसने विवाद छेड़ा

अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने हाल ही में 'द मिडनाइट आवर' पॉडकास्ट में खुलासा किया था कि 2019 के सर्वोच्च न्यायालय के राम जन्मभूमि-अयोध्या फैसले से उन्हें गहरा दुख और शर्मिंदगी हुई थी।

उन्होंने बताया था कि फैसले के बाद उन्होंने अपने मुस्लिम परिचितों, सहकर्मियों तथा शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान जैसे सितारों को फोन और मैसेज कर माफी माँगी थी। यह पुराना बयान हाल ही में सोशल मीडिया पर फिर से वायरल हुआ, जिसके बाद आलोचनाओं का सिलसिला शुरू हो गया।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

स्वरा के बयान के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छिड़ी हुई है। एक बड़ा वर्ग उनकी टिप्पणी की आलोचना कर रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड अभिनेताओं के राजनीतिक बयानों को लेकर दर्शकों में पहले से ही संवेदनशीलता बढ़ी हुई है।

गौरतलब है कि यह कोई पहली बार नहीं है जब स्वरा भास्कर किसी विवाद के केंद्र में आई हों। इससे पहले 'पद्मावती' फिल्म को लेकर भी उनकी टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया उत्पन्न की थी, जब उन्हें व्यापक ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

मनोरंजन जगत में यह बहस नई नहीं है कि कलाकारों को राजनीतिक विषयों पर कितनी और कब बोलना चाहिए। पुनीत इस्सर की राय उन कलाकारों का प्रतिनिधित्व करती है जो मानते हैं कि अभिनेताओं का सार्वजनिक मंच उनकी कला के लिए है, न कि राजनीतिक पक्षधरता के लिए।

आलोचकों का कहना है कि दूसरी ओर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का भी उतना ही महत्त्व है, और लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी राय रखने का अधिकार है — चाहे वह किसी भी पेशे में हो।

आगे क्या

स्वरा भास्कर की ओर से अब तक इस नए विवाद पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। यह देखना होगा कि क्या वे सफाई देती हैं या अपने रुख पर कायम रहती हैं। बॉलीवुड में राजनीतिक बयानबाजी को लेकर यह बहस आने वाले समय में और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक अनकहा विरोधाभास है — खुद एक सार्वजनिक बयान देकर वे उसी विवाद को हवा दे रहे हैं जिससे दूर रहने की सलाह दे रहे हैं। स्वरा भास्कर का पुराना पॉडकास्ट बयान अब वायरल इसलिए हुआ क्योंकि उसे चुनिंदा तरीके से परिसंचरित किया गया — यह संदर्भ मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर गायब रहता है। बॉलीवुड में 'राजनीति से दूर रहो' की माँग अक्सर एकतरफा होती है — कुछ खास किस्म के राजनीतिक बयानों पर लागू होती है, बाकियों पर नहीं। असली सवाल यह है कि क्या किसी कलाकार की नागरिक अभिव्यक्ति उसके पेशेवर मंच से अलग हो सकती है, और यह सीमा कौन तय करता है।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुनीत इस्सर ने स्वरा भास्कर पर क्या कहा?
पुनीत इस्सर ने कहा कि किसी भी कलाकार को राजनीतिक विवादों में नहीं पड़ना चाहिए और उनका एकमात्र दायित्व मनोरंजन करना है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन्हें राजनीति या समाज सेवा में रुचि हो, वे उसी क्षेत्र में जाएँ।
स्वरा भास्कर ने अयोध्या फैसले पर क्या कहा था?
स्वरा भास्कर ने 'द मिडनाइट आवर' पॉडकास्ट में बताया था कि 2019 के सर्वोच्च न्यायालय के राम जन्मभूमि-अयोध्या फैसले से उन्हें दुख और शर्मिंदगी हुई थी। उन्होंने फैसले के बाद शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान सहित अपने मुस्लिम परिचितों से माफी माँगी थी।
स्वरा भास्कर का यह बयान अभी विवादित क्यों हुआ?
यह बयान पुराने पॉडकास्ट का हिस्सा था जो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे नई बहस छिड़ गई। सोशल मीडिया पर बड़े तबके ने इस टिप्पणी की आलोचना की और इसे विवादास्पद माना।
क्या स्वरा भास्कर पहले भी किसी विवाद में रही हैं?
हाँ, इससे पहले 'पद्मावती' फिल्म को लेकर दिए उनके बयान पर भी सोशल मीडिया पर व्यापक ट्रोलिंग हुई थी। यह उनका दूसरा बड़ा सार्वजनिक विवाद नहीं है।
क्या बॉलीवुड कलाकारों को राजनीतिक बयान देने से बचना चाहिए?
पुनीत इस्सर जैसे कलाकारों का मत है कि अभिनेताओं को राजनीतिक टिप्पणियों से परहेज करना चाहिए। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, चाहे वह किसी भी पेशे में हो।
राष्ट्र प्रेस
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