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स्वरा भास्कर के बयान पर जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि की तीखी प्रतिक्रिया, बोले — फिल्मी लोग समाज के आदर्श नहीं

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स्वरा भास्कर के बयान पर जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि की तीखी प्रतिक्रिया, बोले — फिल्मी लोग समाज के आदर्श नहीं

सारांश

जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि ने स्वरा भास्कर के बयान को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि फिल्मी लोग समाज के आदर्श नहीं हो सकते। साथ ही राम मंदिर प्रशासन में सुधार और धर्म के नाम पर राजनीति न होने की अपील की।

मुख्य बातें

महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि ने 4 सितंबर को हरदोई में स्वरा भास्कर के बयान की आलोचना की।
उन्होंने कहा कि फिल्म जगत के लोग समाज के आदर्श नहीं हो सकते और इन्हें गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए।
राम मंदिर के नए सीईओ की नियुक्ति पर कहा — ट्रस्ट व्यवस्था दुरुस्त करे ताकि भविष्य में विवाद न हो।
धर्म, सनातन और राष्ट्र के नाम पर किसी भी प्रकार की राजनीति का विरोध किया।
चंपत राय का बचाव करते हुए कहा कि उनका राम जन्मभूमि आंदोलन में योगदान अतुलनीय है।

जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि ने अभिनेत्री स्वरा भास्कर के विवादित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'जो जैसा होता है, उसकी सोच वैसी ही होती है।' हरदोई में शुक्रवार, 4 सितंबर को दिए गए इस बयान में उन्होंने फिल्म जगत से जुड़े लोगों को समाज के लिए आदर्श मानने से साफ इनकार किया।

फिल्मी हस्तियों पर महामंडलेश्वर का रुख

महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि ने कहा कि फिल्म जगत से जुड़े लोगों का मूल काम केवल मनोरंजन करना है और इन्हें कभी भी सामाजिक आदर्श के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'ऐसे लोगों को किसी भी सूरत में गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए। ये लोग जैसे हैं, वैसी ही भाषा बोलेंगे और वैसी ही इनकी सोच भी होगी।'

उन्होंने स्वरा भास्कर के बयान के संदर्भ में आगे कहा कि ऐसे लोगों की गलत बातों पर ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए। गौरतलब है कि धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर फिल्मी हस्तियों के बयान अक्सर विवाद का केंद्र बनते रहे हैं, और इस बार भी यही स्थिति देखने को मिली।

राम मंदिर के नए सीईओ की नियुक्ति पर राय

महामंडलेश्वर ने राम मंदिर के नए सीईओ की नियुक्ति के मुद्दे पर भी अपना मत रखा। उन्होंने कहा कि इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। उन्होंने ट्रस्ट से आग्रह किया कि मंदिर की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए ताकि निकट भविष्य में कोई विवाद उत्पन्न न हो।

यतींद्रानंद गिरि ने यह भी कहा कि राम मंदिर के नाम पर किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार, 'यह देश सनातन का है और हम सनातन के युग में जी रहे हैं। राजनेताओं को सनातन का आदर करना चाहिए।'

चंपत राय और कमलनयन दास के बयान पर प्रतिक्रिया

राम जन्मभूमि ट्रस्ट की बैठक से पहले कमलनयन दास के बयान पर महामंडलेश्वर ने कहा कि सभी लोगों के अपने-अपने मत हो सकते हैं। उन्होंने चंपत राय का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र के लिए समर्पित किया है और राम जन्मभूमि आंदोलन में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।

धर्म और राजनीति पर स्पष्ट संदेश

महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि ने अपने बयान में यह भी रेखांकित किया कि धर्म, सनातन और राष्ट्र को लेकर किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राम जन्मभूमि ट्रस्ट के भीतर प्रशासनिक बदलावों को लेकर चर्चाएँ जोरों पर हैं। आने वाले दिनों में ट्रस्ट की बैठक में इन मुद्दों पर आगे की दिशा तय होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो मुख्यधारा की कवरेज में दब जाती है। चंपत राय के बचाव और कमलनयन दास के बयान पर संयमित प्रतिक्रिया यह संकेत देती है कि ट्रस्ट के भीतर असहमति की आवाज़ें उठ रही हैं, जिन पर नज़र रखना ज़रूरी है।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि ने स्वरा भास्कर के बारे में क्या कहा?
जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि ने कहा कि फिल्म जगत के लोग समाज के आदर्श नहीं हो सकते और इन्हें किसी भी सूरत में गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 'जो जैसा होता है, उसकी सोच वैसी ही होती है।'
राम मंदिर के नए सीईओ की नियुक्ति पर महामंडलेश्वर का क्या कहना है?
महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, इसलिए ट्रस्ट को मंदिर की व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए ताकि निकट भविष्य में कोई विवाद पैदा न हो।
चंपत राय के बारे में महामंडलेश्वर ने क्या कहा?
महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि ने चंपत राय का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र के लिए समर्पित किया है और राम जन्मभूमि आंदोलन में उनकी भूमिका बहुत बड़ी रही है।
क्या महामंडलेश्वर ने धर्म और राजनीति को लेकर कोई संदेश दिया?
हाँ, उन्होंने स्पष्ट कहा कि राम मंदिर के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और धर्म, सनातन एवं राष्ट्र को लेकर किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि अस्वीकार्य है। उनके अनुसार राजनेताओं को सनातन का आदर करना चाहिए।
जूना अखाड़ा क्या है और महामंडलेश्वर कौन होते हैं?
जूना अखाड़ा भारत के प्रमुख शैव संन्यासी अखाड़ों में से एक है, जिसका धार्मिक और सामाजिक मामलों में महत्वपूर्ण प्रभाव है। महामंडलेश्वर अखाड़े की उच्च धार्मिक उपाधि है, जो वरिष्ठ संतों को दी जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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