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स्वरा भास्कर पर शाजिया इल्मी का पलटवार: 'इतिहास और संदर्भ समझे बिना टिप्पणी खतरनाक'

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स्वरा भास्कर पर शाजिया इल्मी का पलटवार: 'इतिहास और संदर्भ समझे बिना टिप्पणी खतरनाक'

सारांश

BJP नेता शाजिया इल्मी ने स्वरा भास्कर की ऐतिहासिक टिप्पणियों को 'अधूरे ज्ञान' का नतीजा बताया, जौहर प्रथा को उसके मध्यकालीन संदर्भ में समझने की दलील दी, और एक ही प्रेस वार्ता में राहुल गांधी व अखिलेश यादव — दोनों को घेरा।

मुख्य बातें

BJP नेता शाजिया इल्मी ने 2 सितंबर को अभिनेत्री स्वरा भास्कर की ऐतिहासिक टिप्पणियों को 'अधूरे ज्ञान' पर आधारित बताया।
इल्मी ने जौहर प्रथा को आधुनिक यौन हिंसा के संदर्भ में देखने को अनुचित करार दिया; यजीदी महिलाओं का उदाहरण दिया।
केरल के ग्रैंड मुफ्ती के कथित बयान को संविधान-विरोधी बताया और कांग्रेस से जवाब माँगा।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी से महिला अधिकारों पर स्पष्ट सार्वजनिक बयान देने की माँग की।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर CM योगी आदित्यनाथ के खिलाफ AI-जनरेटेड आपत्तिजनक वीडियो फैलाने का आरोप लगाया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता शाजिया इल्मी ने 2 सितंबर 2026 को अभिनेत्री स्वरा भास्कर की ऐतिहासिक टिप्पणियों पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि किसी भी ऐतिहासिक घटना को उसके तत्कालीन सामाजिक और राजनीतिक परिवेश में समझे बिना आज के नज़रिए से परखना इतिहास की जटिलता के साथ अन्याय है। इल्मी ने स्पष्ट किया कि 'अधूरा ज्ञान खतरनाक होता है' और स्वरा भास्कर पर कथित तौर पर एक विशेष वैचारिक दृष्टिकोण से भारतीय परंपराओं को देखने का आरोप लगाया।

जौहर की प्रथा पर ऐतिहासिक संदर्भ का तर्क

शाजिया इल्मी ने राजपूत महिलाओं की जौहर प्रथा को आधुनिक यौन हिंसा के संदर्भ में देखने को अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि मध्यकालीन युद्धों, बंदी बनाई गई महिलाओं और उस दौर के सामाजिक ढाँचे को समझे बिना किसी ऐतिहासिक प्रथा की व्याख्या करना एकांगी होगा। इल्मी ने आईएसआईएस द्वारा यजीदी महिलाओं को बंदी बनाए जाने का उदाहरण देते हुए कहा कि अलग-अलग ऐतिहासिक कालखंडों में महिलाओं पर गंभीर अत्याचार हुए हैं, और इन सभी को उनके संदर्भ में ही परखा जाना चाहिए।

केरल के ग्रैंड मुफ्ती के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया

केरल के ग्रैंड मुफ्ती के महिलाओं को लेकर कथित बयान पर इल्मी ने कहा कि ऐसी सोच भारत के संवैधानिक मूल्यों के सर्वथा विपरीत है। उन्होंने तर्क दिया कि मुस्लिम देशों में भी बड़ी संख्या में महिलाएँ विभिन्न क्षेत्रों और पेशों में सक्रिय हैं, इसलिए महिलाओं को सार्वजनिक जीवन से दूर रखने की किसी भी सोच को उचित नहीं ठहराया जा सकता। इल्मी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) और उसके सहयोगी दलों से सीधा सवाल किया कि क्या वे ऐसे विचारों के समर्थन में देश के संविधान से समझौता कर सकते हैं।

राहुल गांधी से स्पष्ट बयान की माँग

इल्मी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से इस मुद्दे पर स्पष्ट और सार्वजनिक बयान देने की माँग की। उन्होंने कहा कि केवल नारे लगाना पर्याप्त नहीं है — महिलाओं की स्वतंत्रता और समानता पर एक ठोस संवैधानिक दृष्टिकोण सामने आना चाहिए। उनके अनुसार, भारत का संविधान महिलाओं को समान अधिकार देता है और किसी भी धार्मिक या राजनीतिक विचारधारा को संवैधानिक व्यवस्था से ऊपर नहीं रखा जा सकता।

योगी पर AI वीडियो को लेकर अखिलेश यादव पर निशाना

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आपत्तिजनक तरीके से दर्शाने वाले कथित AI-जनरेटेड वीडियो के मुद्दे पर इल्मी ने समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने कहा कि AI तकनीक का उपयोग रचनात्मक और सकारात्मक कार्यों के लिए होना चाहिए, न कि किसी राजनीतिक व्यक्ति की छवि को काल्पनिक और आपत्तिजनक रूप में पेश करने के लिए। इल्मी ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के पास योगी आदित्यनाथ के विरुद्ध वास्तविक मुद्दों पर कहने के लिए पर्याप्त तथ्य नहीं हैं, इसीलिए इस तरह के काल्पनिक वीडियो का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने इसे राजनीतिक आचरण में गिरावट का प्रतीक बताया।

व्यापक राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब इतिहास की व्याख्या, महिला अधिकार और धार्मिक टिप्पणियाँ भारतीय राजनीतिक विमर्श में केंद्रीय मुद्दे बने हुए हैं। गौरतलब है कि ऐतिहासिक प्रथाओं पर फिल्मी हस्तियों और राजनेताओं के बीच इस तरह की बहसें नई नहीं हैं, लेकिन इस बार BJP नेता ने सीधे कांग्रेस और सपा दोनों को एक साथ निशाने पर लिया है। आने वाले दिनों में इस विवाद पर और प्रतिक्रियाएँ सामने आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

राहुल गांधी और अखिलेश यादव तीनों को निशाने पर लेना संयोग नहीं है। जौहर जैसी संवेदनशील ऐतिहासिक प्रथा पर 'संदर्भ' का तर्क देना बौद्धिक रूप से वैध हो सकता है, लेकिन यह सवाल भी उठता है कि क्या यही तर्क तब भी लागू होगा जब अन्य समुदायों की परंपराओं की आलोचना हो। AI वीडियो का मुद्दा उठाकर इल्मी ने डिजिटल राजनीति की एक नई लड़ाई की ओर भी इशारा किया है, जो आने वाले चुनावी मौसम में और तीखी हो सकती है।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शाजिया इल्मी ने स्वरा भास्कर पर क्या आरोप लगाया?
इल्मी ने कहा कि स्वरा भास्कर ऐतिहासिक संदर्भों को पूरी तरह समझे बिना टिप्पणियाँ कर रही हैं और 'अधूरा ज्ञान खतरनाक होता है।' उन्होंने भास्कर पर कथित तौर पर एक विशेष विचारधारा के नज़रिए से भारतीय परंपराओं को देखने का आरोप लगाया।
जौहर प्रथा पर शाजिया इल्मी का क्या कहना है?
इल्मी ने कहा कि राजपूत महिलाओं के जौहर को मध्यकालीन युद्धकालीन परिस्थितियों, सम्मान और उस दौर की सामाजिक संरचना के संदर्भ में समझना चाहिए। इसे आधुनिक समय में यौन हिंसा से बचे लोगों के संदर्भ में देखना उचित नहीं है।
शाजिया इल्मी ने राहुल गांधी से क्या माँग की?
इल्मी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से केरल के ग्रैंड मुफ्ती के कथित बयान पर स्पष्ट और सार्वजनिक बयान देने की माँग की। उन्होंने कहा कि महिलाओं की स्वतंत्रता और समानता पर केवल नारे नहीं, ठोस संवैधानिक दृष्टिकोण चाहिए।
अखिलेश यादव और AI वीडियो विवाद क्या है?
इल्मी ने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव के समर्थकों द्वारा CM योगी आदित्यनाथ को आपत्तिजनक तरीके से दर्शाने वाले AI-जनरेटेड वीडियो फैलाए जा रहे हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक आचरण में गिरावट बताया और कहा कि AI का उपयोग सकारात्मक कार्यों के लिए होना चाहिए।
केरल के ग्रैंड मुफ्ती के बयान पर इल्मी की क्या प्रतिक्रिया है?
इल्मी ने कहा कि महिलाओं को सार्वजनिक जीवन से दूर रखने की कोई भी सोच भारत के संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि मुस्लिम देशों में भी महिलाएँ विभिन्न पेशों में सक्रिय हैं, इसलिए ऐसी सोच को उचित नहीं ठहराया जा सकता।
राष्ट्र प्रेस
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