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तापसी पन्नू का जीरो फिगर पर बड़ा बयान: पेट का निचला फैट खराब फिटनेस नहीं, महिला शरीर की प्राकृतिक जरूरत

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तापसी पन्नू का जीरो फिगर पर बड़ा बयान: पेट का निचला फैट खराब फिटनेस नहीं, महिला शरीर की प्राकृतिक जरूरत

सारांश

तापसी पन्नू ने इंस्टाग्राम पर खुलासा किया कि वे खुद कभी फ्लैट पेट के लिए जरूरत से ज्यादा वर्कआउट करती थीं — और गलत थीं। न्यूट्रिशनिस्ट मुनमुन गनेरीवाल की सलाह से उन्हें समझ आया कि पेट का निचला फैट महिला शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा है, कमजोरी नहीं।

मुख्य बातें

तापसी पन्नू ने 31 मई 2026 को इंस्टाग्राम स्टोरी पर जीरो फिगर के दबाव को चुनौती दी।
पेट के निचले हिस्से का उभार सिर्फ फैट नहीं, पानी रुकने (वॉटर रिटेंशन) की वजह से भी हो सकता है।
जरूरत से ज्यादा वर्कआउट शरीर को 'खतरे का संकेत' देता है, जिससे समस्या बढ़ती है।
न्यूट्रिशनिस्ट मुनमुन गनेरीवाल के अनुसार, प्रजनन अंगों की सुरक्षा के लिए यह फैट जरूरी है।
हार्मोन के बदलाव के कारण महिला शरीर हर दिन एक जैसा नहीं दिख सकता — यह सामान्य है।

बॉलीवुड अभिनेत्री तापसी पन्नू ने 31 मई 2026 को इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं पर थोपे जाने वाले जीरो फिगर के दबाव को चुनौती दी और स्पष्ट किया कि पेट के निचले हिस्से में थोड़ा फैट या पानी का होना कमजोरी या खराब फिटनेस की निशानी नहीं, बल्कि महिला शरीर की एक स्वाभाविक और जरूरी बनावट है। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर फ्लैट पेट को लेकर चल रही होड़ के बीच आया है, जो खासकर युवा महिलाओं को प्रभावित करती है।

तापसी का निजी अनुभव

तापसी ने अपनी पोस्ट में अपना निजी संघर्ष साझा किया। उन्होंने लिखा, 'एक समय ऐसा था जब मैं भी फ्लैट पेट पाना चाहती थी। बचपन से ही मैं फिट थी और रोजाना एक्सरसाइज करती थी, लेकिन इसके बावजूद मेरे पेट के निचले हिस्से में थोड़ा फैट बना रहता था।' उन्होंने स्वीकार किया कि इसी कारण उन्होंने जरूरत से ज्यादा वर्कआउट करना शुरू कर दिया था।

अत्यधिक एक्सरसाइज के नुकसान

अभिनेत्री ने समझाया कि जब कोई व्यक्ति अपने शरीर को उसकी क्षमता से अधिक काम करने के लिए मजबूर करता है, तो शरीर उसे एक खतरे के रूप में पहचानता है। इस स्थिति में शरीर खुद को सुरक्षित रखने के लिए पानी जमा करने लगता है। तापसी के अनुसार, 'पेट के निचले हिस्से में जो उभार दिखाई देता है, वह सिर्फ फैट नहीं बल्कि पानी रुकने की वजह से भी हो सकता है — और जरूरत से ज्यादा वर्कआउट इस समस्या को और बढ़ा देता है।'

महिला शरीर की अलग जरूरतें

तापसी ने यह भी रेखांकित किया कि हर महिला का शरीर अलग होता है और हार्मोन के लगातार बदलाव के कारण शरीर की बनावट हर दिन एक जैसी नहीं रह सकती। उन्होंने सोशल मीडिया पर दूसरों से तुलना करने की प्रवृत्ति को गलत बताया और कहा कि हर व्यक्ति का शरीर अपनी अलग प्रकृति और जरूरतों के अनुसार काम करता है।

न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह

तापसी ने अपनी न्यूट्रिशनिस्ट मुनमुन गनेरीवाल की सलाह का हवाला देते हुए बताया कि पेट के निचले हिस्से में थोड़ा फैट और पानी का होना महिलाओं के लिए जरूरी है, क्योंकि इसी क्षेत्र में प्रजनन अंग स्थित होते हैं जिन्हें प्राकृतिक सुरक्षा की आवश्यकता होती है। शरीर स्वाभाविक रूप से इस हिस्से की रक्षा के लिए एक अतिरिक्त परत बनाए रखता है।

बॉलीवुड में बॉडी पॉजिटिविटी की बहस

यह ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड में बॉडी पॉजिटिविटी को लेकर बहस तेज हो रही है। तापसी का यह बयान उन लाखों महिलाओं के लिए एक जरूरी संदेश है जो सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली 'परफेक्ट बॉडी' की छवि से प्रभावित होकर अपने स्वास्थ्य से समझौता कर रही हैं। आगे यह देखना होगा कि इंडस्ट्री में यह जागरूकता किस हद तक व्यापक बदलाव लाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो युवा महिलाएं अपने स्वास्थ्य को दांव पर लगाकर उसे हासिल करने की कोशिश करती हैं। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस बयान को 'प्रेरणादायक' बताकर आगे बढ़ जाती है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या इंडस्ट्री खुद अपनी कास्टिंग और प्रमोशन की प्रक्रियाओं में बदलाव के लिए तैयार है — या यह जागरूकता सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित रहेगी।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तापसी पन्नू ने जीरो फिगर को लेकर क्या कहा?
तापसी पन्नू ने कहा कि पेट के निचले हिस्से में थोड़ा फैट या पानी का होना महिला शरीर की प्राकृतिक और जरूरी बनावट है, न कि खराब फिटनेस की निशानी। उन्होंने बताया कि वे खुद एक समय फ्लैट पेट के लिए जरूरत से ज्यादा वर्कआउट करती थीं, जो गलत था।
जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज करने से पेट पर क्या असर पड़ता है?
तापसी के अनुसार, अत्यधिक वर्कआउट से शरीर खतरे का संकेत मानकर पानी जमा करने लगता है, जिससे पेट के निचले हिस्से में उभार और बढ़ सकता है। यह उभार हमेशा फैट नहीं, बल्कि वॉटर रिटेंशन भी हो सकता है।
महिलाओं के पेट के निचले हिस्से में फैट क्यों जरूरी है?
न्यूट्रिशनिस्ट मुनमुन गनेरीवाल की सलाह के अनुसार, इस हिस्से में महिलाओं के प्रजनन अंग होते हैं जिन्हें प्राकृतिक सुरक्षा की जरूरत होती है। शरीर स्वाभाविक रूप से इस क्षेत्र की रक्षा के लिए एक अतिरिक्त परत बनाए रखता है।
क्या हर महिला का शरीर एक जैसा दिख सकता है?
नहीं। तापसी पन्नू ने स्पष्ट किया कि हार्मोन के लगातार बदलाव के कारण हर दिन शरीर की बनावट एक जैसी नहीं रह सकती। हर महिला की शारीरिक बनावट और जरूरतें अलग होती हैं, इसलिए सोशल मीडिया की तस्वीरों से खुद की तुलना करना गलत है।
तापसी पन्नू की न्यूट्रिशनिस्ट कौन हैं?
तापसी पन्नू की न्यूट्रिशनिस्ट मुनमुन गनेरीवाल हैं, जिनकी सलाह का हवाला देते हुए तापसी ने महिला शरीर में फैट और पानी की प्राकृतिक भूमिका को समझाया।
राष्ट्र प्रेस
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