दिलीप जोशी बोले — दिशा वकानी संग जेठालाल-दयाबेन की केमिस्ट्री आज भी याद आती है
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता दिलीप जोशी, जो लोकप्रिय टीवी शो 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में जेठालाल का किरदार निभाते हैं, ने खुलकर माना है कि उन्हें अपनी पूर्व को-स्टार दिशा वकानी के साथ किए गए सीन्स की गहरी याद आती है। शो के 18 साल पूरे होने के अवसर पर मीडिया से बातचीत में दिलीप ने उम्मीद जताई कि 'कोई चमत्कार हो जाए और दिशा शो में वापस आ जाएं।'
जेठालाल की यादें और दयाबेन की कमी
दिलीप जोशी ने कहा, 'जाहिर है कि पिछले 10 साल से दिशा और मैं इस शो के जरिए जुड़े थे। लोग जानते हैं कि हमने साथ में कितने शानदार सीन किए हैं। इसलिए हमें निश्चित रूप से उस केमिस्ट्री और सीन्स की याद आती रहती है।' उन्होंने यह भी जोड़ा, 'एक एक्टर के तौर पर दिशा ने जिस लेवल का काम किया है, मुझे निश्चित रूप से उसकी याद आती है।'
दिशा वकानी ने शो में दयाबेन का प्रिय किरदार निभाया था और वर्षों पहले निजी कारणों से शो से दूरी बना ली थी। उनकी अनुपस्थिति दर्शकों के साथ-साथ शो की पूरी टीम को भी महसूस होती है।
निर्माता असित मोदी भी चाहते हैं जादू लौटे
दिलीप जोशी ने बताया कि शो के निर्माता असित मोदी भी जेठालाल और दयाबेन के उस जादू को पर्दे पर दोबारा लाने की कोशिश में लगे हैं। उन्होंने कहा, 'असित जी मुझे बता रहे थे कि उन्हें भी घर पर शूट किए गए वे सीन याद आते हैं। वह सोचते रहते हैं कि ऐसे सीन कैसे वापस लाए जाएं। उनके पास आइडिया हैं, लेकिन स्क्रिप्ट में ऐसा हो नहीं पा रहा है।'
मुनमुन दत्ता ने महिला कलाकारों की अहमियत पर रखी बात
अभिनेत्री मुनमुन दत्ता, जो शो में बबीता जी का किरदार निभाती हैं, ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने कभी शो की दूसरी महिला कलाकारों को प्रतिस्पर्धी नहीं माना। उन्होंने कहा, 'मैं बहुत स्ट्रॉन्ग इंडिपेंडेंट वूमन हूं। मेरा मानना है कि अगर आगे बढ़ना है तो साथ चलकर बढ़ना होगा।'
मुनमुन ने गोकुलधाम सोसाइटी की महिला किरदार निभाने वाली अभिनेत्रियों की सराहना करते हुए उन्हें 'शानदार,' 'इंटेलिजेंट' और साथ काम करने के लिए 'अद्भुत' बताया। उन्होंने कहा, 'मैं इन शानदार महिलाओं के साथ होने के लिए शुक्रगुजार हूं। हमारा एक-दूसरे के साथ बहुत अच्छा रिश्ता है।'
महिला कलाकारों को मिले उचित पहचान — मुनमुन की आवाज़
मुनमुन दत्ता ने यह भी उठाया कि टेलीविजन में महिला कलाकारों को अक्सर वह सम्मान नहीं मिलता जिसकी वे हकदार हैं। उन्होंने कहा, 'कभी-कभी महिलाओं को उतनी अहमियत नहीं मिलती। मैं यह नहीं कह रही कि ऐसा यहां होता है, लेकिन कुछ जगहों पर ऐसा होता है। हम शो और अपने किरदारों में बहुत कुछ लाते हैं। 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में महिलाएं भी उतनी ही अहम हैं।'
यह बयान ऐसे समय में आया है जब शो अपने 18वें साल में प्रवेश कर चुका है और दर्शक लगातार दयाबेन की वापसी की माँग करते रहे हैं। शो की टीम और निर्माताओं की यह भावनात्मक स्वीकृति दर्शाती है कि दिशा वकानी का योगदान शो की पहचान से अविभाज्य रहा है।