'थुडक्कम' के 35 दिन पूरे: विस्मया मोहनलाल की डेब्यू फिल्म बनी महिला-प्रधान मलयालम सिनेमा की ऐतिहासिक ओपनर
सारांश
मुख्य बातें
मलयालम सिनेमा के सुपरस्टार मोहनलाल की बेटी विस्मया मोहनलाल की डेब्यू एक्शन-थ्रिलर फिल्म 'थुडक्कम' सिनेमाघरों में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। 9 सितंबर 2026 को फिल्म के 35 दिन पूरे होने पर मोहनलाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी टीम के साथ तस्वीर साझा करते हुए दर्शकों और पूरी टीम का आभार जताया। यह फिल्म किसी भी महिला-प्रधान मलयालम फिल्म की सबसे बड़ी ओपनिंग के रूप में चर्चा में है।
मोहनलाल का भावुक संदेश
अभिनेता मोहनलाल ने एक्स पर अपनी टीम के साथ तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा — '35 शानदार दिन पूरे होने का जश्न और 'थुडक्कम' को मुमकिन बनाने वाले सभी बेहतरीन लोगों का शुक्रिया। ये सफर हमारा है और ये प्यार आपका है।' उनके इस संदेश ने प्रशंसकों के बीच उत्साह की एक नई लहर पैदा कर दी।
विस्मया मोहनलाल का बॉलीवुड से अलग सफर
विस्मया मोहनलाल इससे पहले एक लेखिका और सहायक निर्देशक के रूप में पहचानी जाती थीं। उन्होंने 'ग्रेन्स ऑफ स्टारडस्ट' नाम से कविताओं की एक किताब भी लिखी है। 'थुडक्कम' के ज़रिए उन्होंने मलयालम सिनेमा में एक्टिंग की शुरुआत की, और इस मार्शल आर्ट्स फिल्म में वह मुख्य भूमिका में हैं। उनके पिता मोहनलाल ने फिल्म में एक विशेष कैमियो भूमिका निभाई है।
फिल्म की मुख्य जानकारी
फिल्म 'थुडक्कम' का निर्माण एंटनी पेरुम्बवूर ने आशीर्वाद सिनेमा के बैनर तले किया है। फिल्म का संगीत जैक्स बिजॉय ने तैयार किया है, जबकि सिनेमैटोग्राफी जोमोन टी. जॉन और अखिल जॉर्ज की है। संपादन का जिम्मा चमन चक्को ने संभाला है। फिल्म में आशीष जो एंटनी, साई कुमार, के. बी. गणेश कुमार, मनोज के. जयन और मिया जॉर्ज अहम किरदारों में हैं।
बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक प्रदर्शन
फिल्म 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और इसने बॉक्स ऑफिस पर ऐसी ओपनिंग दर्ज की जिसे किसी भी महिला-प्रधान मलयालम फिल्म के लिए रिकॉर्ड-तोड़ शुरुआत माना जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब मलयालम सिनेमा में महिला-केंद्रित कथाओं की माँग तेज़ी से बढ़ रही है।
डिजिटल स्ट्रीमिंग की तैयारी
सिनेमाघरों में सफल प्रदर्शन के बाद 'थुडक्कम' अब 18 सितंबर 2026 से जियोहॉटस्टार पर डिजिटल स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध होगी। गौरतलब है कि यह फिल्म विस्मया के लिए न केवल एक अभिनय-पदार्पण है, बल्कि मलयालम सिनेमा में एक्शन-थ्रिलर शैली में महिला नायक की स्थापना का भी प्रयास है।