लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर धमकी: तुषार कपूर-आयुष्मान खुराना केस में आईटी इंजीनियर बेंगलुरु से हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 4 नवंबर 2026 को एक अहम कार्रवाई करते हुए वैभव मिश्रा नामक आईटी इंजीनियर को बेंगलुरु से हिरासत में लिया। आरोप है कि मिश्रा ने बॉलीवुड अभिनेता तुषार कपूर और आयुष्मान खुराना समेत कई कारोबारियों को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी भरे ऑडियो मैसेज भेजे। यह मामला मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल द्वारा की जा रही जाँच का हिस्सा है।
क्या है पूरा मामला
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वैभव मिश्रा आईटी क्षेत्र में कार्यरत है और उस पर आरोप है कि वह खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताकर अलग-अलग लोगों को ऑडियो रिकॉर्डिंग भेजकर डरा रहा था। हिरासत में लिए जाने के बाद जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसने कुल कितने लोगों को इस तरह के मैसेज भेजे और इसके पीछे उसका असली मकसद क्या था।
आयुष्मान खुराना को मिला था धमकी भरा मैसेज
अभिनेता आयुष्मान खुराना को एक ऑडियो मैसेज मिला था, जिसमें मैसेज भेजने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए उनसे करोड़ों रुपये की माँग की थी। मुंबई पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, जाँच टीम उस ऑडियो में सुनाई देने वाली आवाज़ का मिलान अपने रिकॉर्ड में दर्ज वॉयस सैंपल से कर रही थी। साथ ही, साइबर सेल मैसेज भेजने वाले नंबर और उसकी लोकेशन ट्रेस करने में लगी थी।
तुषार कपूर से ₹5 करोड़ की थी माँग
इससे पहले अभिनेता तुषार कपूर को भी एक धमकी भरा ऑडियो मैसेज मिला था, जिसमें भेजने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य 'हैरी बॉक्सर' बताया था और ₹5 करोड़ की माँग रखी थी। तुषार ने इस मामले की सूचना तुरंत मुंबई पुलिस को दी, जिसके बाद मामला क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल को सौंपा गया था।
जाँच का दायरा और आगे की कार्रवाई
गौरतलब है कि वैभव मिश्रा की हिरासत के बाद इस मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। जाँच एजेंसियाँ अब यह भी खँगाल रही हैं कि क्या उसने किसी अन्य व्यक्ति या गिरोह के इशारे पर यह काम किया, या यह उसकी अपनी योजना थी। यह ऐसे समय में आया है जब लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम का इस्तेमाल कर देशभर में कई प्रमुख हस्तियों और कारोबारियों को निशाना बनाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। आने वाले दिनों में मिश्रा से आगे की पूछताछ के बाद मामले में और खुलासे संभव हैं।