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मुंबई: सायन जीटीबी नगर एसआरए परियोजना में ₹28.5 लाख की उगाही, क्राइम ब्रांच ने दो को दबोचा

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मुंबई: सायन जीटीबी नगर एसआरए परियोजना में ₹28.5 लाख की उगाही, क्राइम ब्रांच ने दो को दबोचा

सारांश

मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने सायन के जीटीबी नगर स्थित एसआरए परियोजना में ₹28.5 लाख की उगाही के मामले में दो आरोपियों को रंगे हाथों दबोचा। गिरोह का सरगना समेत पाँच आरोपी अभी फरार हैं।

मुख्य बातें

मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने 19 जून 2026 को सायन जीटीबी नगर एसआरए परियोजना उगाही मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी आनंद बिडलानी (62) और रमेश चावरिया (60) को ₹2 लाख नकद लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
पुलिस के अनुसार गिरोह ने दिसंबर 2023 से अब तक कुल ₹28.5 लाख की उगाही की है।
गिरोह के सरगना मंदीप सिंह उर्फ लाडी सहित पाँच आरोपी अभी भी फरार हैं।
आरोपियों ने आरटीआई दाखिल न करने और बाधा उत्पन्न न करने के एवज में शुरुआत में ₹1 करोड़ की मांग रखी थी।
मामला पहले माटुंगा पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ, अब क्राइम ब्रांच जाँच कर रही है।

मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने 19 जून 2026 को सायन के जीटीबी नगर स्थित एक स्लम पुनर्वास प्राधिकरण (एसआरए) पुनर्विकास परियोजना से कथित तौर पर ₹28.5 लाख की उगाही करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपियों को उस समय पकड़ा गया जब वे शिकायतकर्ता से ₹2 लाख नकद ले रहे थे।

कौन हैं गिरफ्तार आरोपी

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 62 वर्षीय आनंद बिडलानी और 60 वर्षीय रमेश चावरिया के रूप में हुई है। दोनों पर आरोप है कि वे परियोजना के खिलाफ आरटीआई दाखिल न करने और किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न करने के एवज में लगातार धन की मांग कर रहे थे।

पुलिस ने बताया कि मामले में मुख्य सरगना मंदीप सिंह उर्फ लाडी सहित पाँच अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। फरार आरोपियों में जसविंदर मणिकतला उर्फ गंजा, संदीप भामरी, गुरजीत सिंह सहगल और दीपक सिंह उर्फ सहगल के नाम शामिल हैं।

उगाही का पूरा घटनाक्रम

शिकायत के अनुसार, दिसंबर 2023 से आरोपी परियोजना से जुड़े लोगों को लगातार धमकाते आ रहे थे और काम जारी रखने के बदले भारी रकम की मांग कर रहे थे। आरोप है कि गिरोह ने शुरुआत में ₹1 करोड़ की मांग रखी और रकम न देने पर शिकायतकर्ता तथा डेवलपर को जान से मारने की धमकी दी।

धमकियों से भयभीत होकर डेवलपर ने कथित तौर पर पहले ₹5 लाख और बाद में ₹2 लाख का भुगतान किया। इसके बाद आरोपियों ने ₹25 लाख की मांग की, जो बाद में ₹15 लाख पर तय हुई। पुलिस के अनुसार यह रकम माटुंगा के एक होटल में नकद सौंपी गई थी।

जाँच में यह भी सामने आया है कि लेन-देन के कुछ हिस्से मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किए गए थे। आरोपी व्हाट्सएप कॉल और व्यक्तिगत मुलाकातों के ज़रिए लगातार उगाही की मांग करते रहे।

जाल बिछाकर की गई गिरफ्तारी

शिकायत मिलने के बाद एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने सुनियोजित जाल बिछाया। जब आरोपी ₹2 लाख की अगली किस्त लेने पहुँचे, तब पुलिस ने मौके पर ही दोनों को धर दबोचा। पुलिस का दावा है कि गिरोह ने अब तक कुल ₹28.5 लाख की उगाही की है।

एफआईआर और आगे की जाँच

इस मामले में पहले माटुंगा पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसे बाद में गहन जाँच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया। फिलहाल फरार आरोपियों की तलाश जारी है और मामले की विस्तृत जाँच एंटी-एक्सटॉर्शन सेल कर रही है। एसआरए परियोजनाओं को निशाना बनाकर उगाही करने के इस पैटर्न ने पुनर्विकास क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि नेटवर्क व्यापक है। इस मामले में डेवलपर ने दिसंबर 2023 से लगातार उगाही झेलने के बावजूद देर से शिकायत की — यह उस भय और दबाव की गवाही है जिसके तहत एसआरए परियोजनाओं के हितधारक काम करते हैं। बिना सरगना की गिरफ्तारी के यह कार्रवाई अधूरी मानी जाएगी।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई जीटीबी नगर एसआरए उगाही मामले में किसे गिरफ्तार किया गया?
मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने 19 जून 2026 को आनंद बिडलानी (62 वर्ष) और रमेश चावरिया (60 वर्ष) को गिरफ्तार किया। दोनों को ₹2 लाख नकद लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
आरोपियों ने कुल कितनी उगाही की और कैसे?
पुलिस के अनुसार गिरोह ने दिसंबर 2023 से अब तक कुल ₹28.5 लाख की उगाही की है। आरोपी आरटीआई दाखिल न करने और परियोजना में बाधा न डालने के एवज में धन की मांग करते थे और न देने पर जान से मारने की धमकी देते थे।
इस मामले में कितने आरोपी अभी फरार हैं?
गिरोह के सरगना मंदीप सिंह उर्फ लाडी सहित पाँच आरोपी अभी फरार हैं। फरार आरोपियों में जसविंदर मणिकतला उर्फ गंजा, संदीप भामरी, गुरजीत सिंह सहगल और दीपक सिंह उर्फ सहगल शामिल हैं।
एसआरए परियोजना में उगाही का यह मामला कहाँ से शुरू हुआ?
यह मामला मुंबई के सायन स्थित जीटीबी नगर की एक स्लम पुनर्वास प्राधिकरण (एसआरए) पुनर्विकास परियोजना से जुड़ा है। पहले माटुंगा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज हुई, जिसे बाद में क्राइम ब्रांच को सौंपा गया।
आगे की जाँच कौन कर रहा है और क्या होगा?
मामले की आगे की जाँच मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल कर रही है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है और गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क का और खुलासा होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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