उड़ान यात्री कैफे: वत्सल शेठ और इशिता दत्ता ने मुंबई एयरपोर्ट पर ₹20 में खरीदी पानी की बोतल, सरकार की तारीफ की
सारांश
मुख्य बातें
टेलीविजन अभिनेता वत्सल शेठ और अभिनेत्री इशिता दत्ता ने बुधवार, 13 मई 2026 को मुंबई एयरपोर्ट पर उड़ान यात्री कैफे का अनुभव साझा करते हुए सरकार की इस पहल की खुलकर सराहना की। इशिता ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए वीडियो में दिखाया कि उन्होंने मात्र ₹20 में पानी की दो बोतलें खरीदीं — एक ऐसी कीमत जो एयरपोर्ट पर अब तक अकल्पनीय मानी जाती थी।
कैफे में क्या दिखा दोनों को
वीडियो में वत्सल और इशिता मुंबई एयरपोर्ट स्थित उड़ान यात्री कैफे के बाहर लगे रेट-चार्ट को दिखाते हैं, जिस पर चाय, कॉफी, समोसे और पानी जैसी चीज़ों की कीमतें अंकित हैं। वत्सल ने अपने लिए कॉफी ली, जबकि इशिता ने ₹20 में पानी की दो बोतलें खरीदीं।
वत्सल ने वीडियो में कहा, 'सरकार ने ये बहुत अच्छा काम किया है क्योंकि कई लोग शिकायत करते थे कि एयरपोर्ट की बेसिक जरूरतें भी बहुत महंगी होती हैं। इतनी कम कीमतों पर चीजें मिलना वाकई कमाल की बात है।' इशिता ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, 'क्या आपको पता है? उड़ान यात्री कैफे।'
उड़ान यात्री कैफे क्या है
उड़ान यात्री कैफे नागरिक उड्डयन मंत्रालय और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) की एक संयुक्त पहल है, जिसका मकसद हवाई अड्डों पर यात्रियों को किफायती दामों पर गुणवत्तापूर्ण और स्वच्छ खान-पान उपलब्ध कराना है। इस कैफे में स्नैक्स की शुरुआती कीमत ₹10 से है।
इस योजना का पहला कैफे दिसंबर 2024 में कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुरू हुआ था। यह ऐसे समय में आया है जब एयरपोर्ट पर महंगे खान-पान को लेकर यात्रियों की शिकायतें लंबे समय से चर्चा में रही हैं।
देश के किन हवाई अड्डों पर है यह सुविधा
मार्च 2026 तक देश के 11 प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ान यात्री कैफे स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें कोलकाता, पुणे, चेन्नई, अहमदाबाद, भुवनेश्वर, विजयवाड़ा, ईटानगर, हैदराबाद और लखनऊ (चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डा) शामिल हैं।
गौरतलब है कि यह पहल उन यात्रियों के लिए विशेष राहत है जो छोटे शहरों से पहली बार हवाई यात्रा करते हैं और एयरपोर्ट की ऊंची कीमतों से असहज होते हैं।
आम यात्रियों पर असर
एयरपोर्ट पर एक बोतल पानी के लिए पहले ₹60 से ₹100 तक चुकाने पड़ते थे। उड़ान यात्री कैफे के ज़रिए यह कीमत ₹10 तक आ गई है — यानी लगभग 80-90% की कमी। यह बदलाव न केवल नियमित यात्रियों बल्कि उन परिवारों के लिए भी महत्त्वपूर्ण है जो पहली बार हवाई सफर कर रहे हैं।
आगे इस योजना का विस्तार और अधिक हवाई अड्डों तक किए जाने की संभावना जताई जा रही है, जो भारतीय विमानन क्षेत्र को सामान्य नागरिकों के लिए और सुलभ बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम होगा।