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'मुसाफिर कैफे' में सुधा बनीं वेदिका पिंटो: 'काश मैं भी उसकी तरह बेफ़िक्र होती'

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'मुसाफिर कैफे' में सुधा बनीं वेदिका पिंटो: 'काश मैं भी उसकी तरह बेफ़िक्र होती'

सारांश

वेदिका पिंटो 'मुसाफिर कैफे' में सुधा बनकर पर्दे पर बेफ़िक्र दिखती हैं, लेकिन असल ज़िंदगी में वे खुद को उससे बिल्कुल उलट मानती हैं। अनुराग कश्यप की 'निशांची' ने उन्हें आत्म-स्वीकृति का सबक दिया — और नेटवर्किंग ने वह दरवाज़ा खोला जो टैलेंट अकेले नहीं खोल सकता था।

मुख्य बातें

वेदिका पिंटो ने वेब सीरीज़ 'मुसाफिर कैफे' में सुधा नाम की बेबाक, इंस्टिंक्ट-driven लड़की का किरदार निभाया है।
वेदिका ने कहा कि वे असल ज़िंदगी में सुधा से बिल्कुल अलग हैं — वे ज़्यादा सोचती हैं, जबकि सुधा बिना सोचे अपने मन की सुनती है।
निर्देशक अनुराग कश्यप की फ़िल्म 'निशांची' में काम करने के बाद वेदिका को खुद को स्वीकार करना सीखने को मिला।
'निशांची' का मौका नेटवर्किंग की वजह से मिला — उनके मैनेजर ने अनुराग कश्यप के साथ मीटिंग अरेंज की थी।
वेदिका एक्टिंग और सोशल मीडिया को दो अलग-अलग दायरों में रखती हैं — एक प्रोफेशन है, दूसरा विज़िबिलिटी का ज़रिया।

अभिनेत्री वेदिका पिंटो ने वेब सीरीज़ 'मुसाफिर कैफे' में सुधा नाम की एक बेबाक और आत्मविश्वासी लड़की की भूमिका निभाई है — एक ऐसा किरदार जो ज़्यादा सोचने की बजाय अपनी अंतरात्मा और सहज ज्ञान पर भरोसा करता है। 10 अगस्त को एक विशेष बातचीत में वेदिका ने बताया कि वे असल ज़िंदगी में सुधा से बिल्कुल अलग हैं — और यही उन्हें इस किरदार के करीब खींचता है।

सुधा और वेदिका के बीच का फ़र्क

वेदिका ने खुलकर स्वीकार किया कि उनमें और सुधा के बीच ज़मीन-आसमान का अंतर है। उन्होंने कहा, 'काश मैं सुधा जैसी होती। हमारे बीच सबसे बड़ा फ़र्क यह है कि मैं बहुत ज़्यादा सोचती हूँ, जबकि सुधा शायद ही कभी किसी चीज़ पर ज़्यादा सोचती है। वह अपने मन की सुनती है और उसे जो कुछ भी करना है, उसके लिए वह बहुत कॉन्फिडेंट रहती है।' अभिनेत्री ने बताया कि इस किरदार को निभाते वक्त उन्होंने खुद भी सुधा की तरह मन की सुनने की कोशिश की।

अनुराग कश्यप के साथ 'निशांची' का सफ़र

इससे पहले वेदिका पिंटो ने निर्देशक अनुराग कश्यप की फ़िल्म 'निशांची' में डांसर 'रिंकू' का किरदार निभाया था — एक दबंग और रंगीली लड़की। जब उनसे पूछा गया कि अनुराग कश्यप के साथ काम करने से उन्होंने क्या सीखा जो कोई एक्टिंग स्कूल नहीं सिखा सकता, तो वेदिका ने कहा, 'अनुराग सर के साथ काम करने के दौरान मुझे एक्टिंग के साथ-साथ ज़िंदगी के बारे में भी बहुत कुछ सीखने को मिला, जिसे शब्दों में बयाँ करना थोड़ा मुश्किल है। लेकिन मैं यह ज़रूर कहना चाहूँगी कि 'निशांची' और अनुराग सर के साथ काम करने के बाद मुझमें खुद को स्वीकार करना आया — और यही मेरे सफ़र का सबसे बड़ा सबक रहा है।'

नेटवर्किंग ने खोला अनुराग कश्यप का दरवाज़ा

वेदिका ने माना कि फ़िल्म इंडस्ट्री में नेटवर्किंग एक अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने बताया, 'मैं बहुत समय से अनुराग सर के साथ काम करना और उनसे मिलना चाहती थी। मेरे मैनेजर ने आख़िरकार उनके साथ मीटिंग अरेंज की और हमारी बातचीत हुई। इस दौरान उन्होंने मुझमें कुछ ऐसा देखा जिसकी वजह से आख़िरकार 'निशांची' मिली। अगर वह मीटिंग नहीं होती तो शायद मुझे वह फ़िल्म नहीं मिलती। इसलिए नेटवर्किंग ज़रूरी है क्योंकि लोग आपको किसी रोल के लिए कंसीडर करने से पहले आपको जानना ज़रूरी समझते हैं।'

सोशल मीडिया और एक्टिंग: दो अलग दुनियाएँ

सोशल मीडिया विज़िबिलिटी और एक्टिंग टैलेंट के बीच के रिश्ते पर वेदिका का नज़रिया साफ़ है। उन्होंने कहा, 'एक समय था जब मैं सुनती थी कि कास्टिंग फ़ॉलोअर्स या पॉपुलैरिटी पर निर्भर करती है। मुझे नहीं पता कि यह कितना सच है, लेकिन मैं हमेशा एक्टिंग और सोशल मीडिया को अलग रखती हूँ — क्योंकि एक्टिंग मेरा प्रोफेशन है, जबकि सोशल मीडिया विज़िबिलिटी गुज़ारे और एक्स्ट्रा इनकम के मौकों के लिए ज़रूरी है।' यह बयान इंडस्ट्री की उस बहस को नई दिशा देता है जहाँ अक्सर फ़ॉलोअर काउंट को टैलेंट से ऊपर रखा जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उस मिथक को तोड़ता है कि सिर्फ़ काबिलियत ही काफ़ी है। साथ ही, सोशल मीडिया को प्रोफेशन से अलग रखने का उनका नज़रिया उस पीढ़ी के लिए एक ज़रूरी संदेश है जो फ़ॉलोअर काउंट को करियर की सीढ़ी समझती है। 'मुसाफिर कैफे' जैसे प्लेटफ़ॉर्म OTT पर नए चेहरों को मौका दे रहे हैं — और वेदिका जैसी अभिनेत्रियाँ यह साबित कर रही हैं कि गहरे किरदार और ईमानदार बातचीत दोनों दर्शकों को जोड़ते हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'मुसाफिर कैफे' में वेदिका पिंटो का किरदार कैसा है?
वेदिका पिंटो ने 'मुसाफिर कैफे' में 'सुधा' नाम की एक बेबाक लड़की का किरदार निभाया है जो ज़्यादा सोचने की बजाय अपनी अंतरात्मा और सहज ज्ञान पर भरोसा करती है। वेदिका के मुताबिक यह किरदार उनकी अपनी शख्सियत से बिल्कुल अलग है।
वेदिका पिंटो ने अनुराग कश्यप के साथ कौन सी फ़िल्म की है?
वेदिका पिंटो ने निर्देशक अनुराग कश्यप की फ़िल्म 'निशांची' में डांसर 'रिंकू' का किरदार निभाया है। उन्होंने बताया कि इस फ़िल्म के दौरान उन्हें खुद को स्वीकार करना सीखने को मिला, जो उनके करियर का सबसे बड़ा सबक रहा।
वेदिका पिंटो को 'निशांची' कैसे मिली?
वेदिका पिंटो को 'निशांची' नेटवर्किंग के ज़रिये मिली — उनके मैनेजर ने अनुराग कश्यप के साथ मीटिंग अरेंज की, जिसके बाद कश्यप ने उनमें कुछ ऐसा देखा जिसकी वजह से उन्हें फ़िल्म में लिया गया।
क्या सोशल मीडिया फ़ॉलोअर्स से कास्टिंग तय होती है?
वेदिका पिंटो के मुताबिक वे हमेशा एक्टिंग और सोशल मीडिया को अलग रखती हैं। उनका मानना है कि एक्टिंग उनका मुख्य प्रोफेशन है, जबकि सोशल मीडिया विज़िबिलिटी गुज़ारे और अतिरिक्त आय के अवसरों के लिए ज़रूरी है।
'मुसाफिर कैफे' वेब सीरीज़ किस बारे में है?
'मुसाफिर कैफे' एक हिंदी वेब सीरीज़ है जिसमें वेदिका पिंटो मुख्य भूमिका में हैं। इस सीरीज़ में उनका किरदार 'सुधा' एक ऐसी लड़की है जो अपने इंस्टिंक्ट पर भरोसा करती है और ज़िंदगी को बिना ज़्यादा सोचे जीती है।
राष्ट्र प्रेस
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