'मुसाफिर कैफे' की वेदिका पिंटो: 'मैं किरदार इमेज नहीं, जुड़ाव देखकर चुनती हूं'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री वेदिका पिंटो इन दिनों नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही वेब सीरीज 'मुसाफिर कैफे' को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में एक विशेष बातचीत में उन्होंने अपने किरदार चुनने के तरीके, इंडस्ट्री के दबाव और खुद से सीखे सबक पर बेबाकी से बात की।
किरदार चुनने का नज़रिया
वेदिका का मानना है कि अभिनय में कोई 'सुरक्षित विकल्प' नहीं होता। उन्होंने कहा, 'सच कहूं, तो मैं हर तरह के रोल करना पसंद करूंगी, क्योंकि मेरा मानना है कि 'सुरक्षित विकल्प' जैसी कोई चीज नहीं होती — एक्टर, प्रोड्यूसर और यहां तक कि प्लेटफॉर्म भी इसका अंदाजा नहीं लगा सकते कि जनता को कौन-सा प्रोजेक्ट पसंद आ जाए। इसलिए मैं बस खुद को चुनौती देना चाहती हूं, खुद को हैरान करना चाहती हूं और काम करते रहना चाहती हूं।'
यह नज़रिया उनके हालिया काम में साफ़ दिखता है। 'मुसाफिर कैफे' में उन्होंने सुधा का किरदार निभाया, जबकि इससे पहले 'निशांची' में वे रिंकू के रूप में नज़र आई थीं — दोनों ही किरदार स्वभाव और परिस्थितियों में एक-दूसरे से बिल्कुल अलग।
जटिल किरदारों से जुड़ाव
वेदिका ने स्पष्ट किया कि वे भूमिकाएं इमेज-बिल्डिंग के नज़रिए से नहीं चुनतीं। उनके शब्दों में, 'अगर आप 'मुसाफिर कैफे' में मेरा सुधा का किरदार देखें और 'निशांची' में रिंकू का, तो दोनों ही किरदार कई परतों वाले, जटिल और कमियों वाले हैं। मैं रोल यह सोचकर नहीं चुनती कि वे मेरी इमेज कैसे बदलेंगे। मैं उन्हें इसलिए चुनती हूं क्योंकि मैं उनसे जुड़ाव महसूस करती हूं।'
गौरतलब है कि बहुस्तरीय और 'flawed' किरदारों के प्रति यह झुकाव उन्हें समकालीन OTT अभिनेत्रियों की उस पीढ़ी में रखता है जो ग्लैमरस भूमिकाओं की जगह मनोवैज्ञानिक गहराई को प्राथमिकता देती हैं।
प्रतिस्पर्धा और मानसिक दृष्टिकोण
तेज़ी से बढ़ती OTT इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा के सवाल पर वेदिका ने कहा, 'मेरा मानना है कि असली कॉम्पिटिशन खुद से ही होता है। हर एक्टर का सफर अलग होता है, इसलिए मैं कभी खुद की तुलना दूसरों से नहीं करती।' यह सोच उनकी करियर-रणनीति की बुनियाद लगती है — बाहरी तुलना की जगह आंतरिक विकास पर ध्यान।
अपने पुराने रूप को सलाह
जब उनसे पूछा गया कि वे अपने करियर की शुरुआत में खुद को क्या सलाह देतीं, तो वेदिका ने सीधे जवाब दिया — 'बस यही कहती: आगे बढ़ती रहो। मैं आगे बढ़ती रही, और इसीलिए आज मैं यहां बैठी हूं।' यह सरल लेकिन दृढ़ संदेश उनके अब तक के सफर का सार है।
'मुसाफिर कैफे' के बारे में
लोकप्रिय रोमांटिक ड्रामा वेब सीरीज 'मुसाफिर कैफे' लेखक दिव्य प्रकाश दुबे के चर्चित उपन्यास पर आधारित है। इसका निर्देशन रोचर अरुण ने किया है और इसमें विक्रांत मैसी, वेदिका पिंटो और महिमा मकवाना मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह सीरीज 24 जुलाई से नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है और दर्शकों के बीच सकारात्मक प्रतिक्रिया पा रही है।