क्या अमेरिका में मौजूदा सीजन में फ्लू के 18 मिलियन से ज्यादा मामले सामने आए?
सारांश
Key Takeaways
- फ्लू से 18 मिलियन लोग प्रभावित
- 230,000 अस्पताल में भर्ती
- 9,300 मौतें
- सीडीसी की सलाह: टीकाकरण जरूरी
- एच3एन2 वायरस का प्रभाव
लॉस एंजेल्स, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका में वर्तमान फ्लू सीजन में अब तक लगभग 18 मिलियन लोग फ्लू से प्रभावित हो चुके हैं। इनमें से लगभग 230,000 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है और लगभग 9,300 लोगों की जान चली गई है। यह जानकारी अमेरिका के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने साझा की है।
सीडीसी के अनुसार, पूरे देश में मौसमी फ्लू का प्रभाव अभी भी जारी है, हालांकि पिछले दो हफ्तों में इसके मामलों में कमी आई है या स्थिति स्थिर बनी हुई है। इस मौसम में अमेरिका में सबसे अधिक फैलने वाला वायरस इन्फ्लुएंजा ए (एच3एन2) है।
10 जनवरी को समाप्त सप्ताह में फ्लू से जुड़े 15 बच्चों32 हो गई है। सीडीसी ने बताया कि फ्लू से जान गंवाने वाले बच्चों में से करीब 90 प्रतिशत को फ्लू का पूरा टीका नहीं लगा था।
अमेरिका में फ्लू का मौसम आमतौर पर शरद ऋतु और सर्दियों में आता है, जिसमें इसका सबसे अधिक असर दिसंबर से फरवरी के बीच देखा जाता है।
सीडीसी ने सभी लोगों से, जो छह महीने या उससे अधिक उम्र के हैं और जिन्होंने अभी तक इस मौसम का फ्लू टीका नहीं लगवाया है, अपील की है कि वे जल्द से जल्द टीकाकरण कराएं। यह जानकारी सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने दी है।
मौसमी फ्लू एक तेजी से फैलने वाला सांस संबंधी संक्रमण है, जो इन्फ्लुएंजा वायरस के कारण होता है। यह बीमारी विश्व के लगभग हर हिस्से में पाई जाती है। अधिकतर लोग बिना किसी विशेष इलाज के ठीक हो जाते हैं। फ्लू खांसी या छींकने से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैलता है। इससे बचाव का सबसे अच्छा तरीका टीकाकरण है।
फ्लू के सामान्य लक्षणों में अचानक बुखार, खांसी, गले में दर्द, शरीर में दर्द और अत्यधिक थकान शामिल हैं। फ्लू का इलाज आमतौर पर लक्षणों को कम करने पर आधारित होता है। फ्लू होने पर व्यक्ति को आराम करना चाहिए और अधिक मात्रा में तरल पदार्थ पीना चाहिए। अधिकांश लोग एक सप्ताह के भीतर अपने आप ठीक हो जाते हैं। गंभीर मामलों में या पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
इन्फ्लुएंजा वायरस के चार प्रकार होते हैं- ए, बी, सी और डी। इनमें से ए और बी प्रकार के वायरस हर साल फैलने वाले मौसमी फ्लू का कारण बनते हैं।
फ्लू दूसरी पुरानी बीमारियों को और गंभीर बना सकता है। गंभीर स्थिति में यह निमोनिया और रक्त संक्रमण जैसी खतरनाक बीमारियों का कारण भी बन सकता है। जिन लोगों को पहले से कोई बीमारी है या जिनमें लक्षण बहुत गंभीर हैं, उन्हें तुरंत चिकित्सा सलाह लेनी चाहिए।
एच3एन2, इन्फ्लुएंजा ए वायरस का ही एक प्रकार है, जो मौसमी फ्लू फैलाता है। यह तेजी से फैलता है और बुखार, खांसी, गले में दर्द और शरीर दर्द जैसे लक्षण पैदा करता है। भारत में एच3एन2 वायरस की लहरें अक्सर मानसून और सर्दियों के मौसम में देखी जाती हैं।