क्या अंकुरित आहार हर किसी के लिए है फायदेमंद? जानें महत्वपूर्ण बातें
सारांश
Key Takeaways
- अंकुरित अनाज सेहत के लिए फायदेमंद है।
- इसे सही तरीके से और सही मात्रा में लेना चाहिए।
- पाचन मंद लोगों को इससे बचना चाहिए।
- बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह उपयुक्त नहीं है।
- आयुर्वेद के अनुसार, इसे पकाकर ही खाना चाहिए।
नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रोटीन और फाइबर शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ मजबूती भी प्रदान करते हैं। ये दोनों तत्व मांसपेशियों के विकास और कोशिकाओं के निर्माण के लिए आवश्यक हैं, लेकिन इन्हें नियमित रूप से आहार में शामिल करना एक चुनौती हो सकती है। ऐसे में लोग अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए कई प्रकार के खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं, जिनमें अंकुरित अनाज सबसे अधिक प्रचलित है। हालांकि, अधिकांश लोग इसके सेवन का सही तरीका नहीं जानते हैं।
अंकुरित आहार सेहत के लिए फायदेमंद है, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार इसे सही तरीके से और सही व्यक्ति को ही लेना चाहिए। आयुर्वेद के अनुसार, अंकुरित अनाज पचने में थोड़ा भारी होता है और इसका अधिक सेवन वात दोष और गैस की समस्या को बढ़ा सकता है। इससे शरीर का रूखापन भी बढ़ सकता है। इसीलिए, स्प्राउट्स को हमेशा हल्का पकाकर, घी या तेल के साथ और सीमित मात्रा में ही लेना सबसे अच्छा होता है। सही तरीके से लिया गया अंकुरित आहार शरीर को शक्ति देता है, लेकिन गलत तरीके से लेने पर नुकसान भी कर सकता है।
अब जानते हैं कि किन लोगों को अंकुरित अनाज नहीं लेना चाहिए। जिनका पाचन धीमा है और जिन्हें कब्ज की समस्या है, उन्हें अंकुरित आहार से बचना चाहिए। पाचन मंद होने पर आहार शरीर में सड़ने लगता है, जिससे शरीर में विषाक्त पदार्थों की वृद्धि होती है। बच्चों और बुजुर्गों को अंकुरित आहार देने से बचना चाहिए, क्योंकि इस उम्र में पाचन बहुत कमजोर होता है।
इसके अलावा, वात प्रवृत्ति के लोगों को भी अंकुरित आहार का सेवन कम करना चाहिए, क्योंकि यह वात में वृद्धि कर सकता है। इसीलिए, सीमित मात्रा में ही सेवन करें। आयुर्वेद में अंकुरित आहार के सेवन के तरीके भी बताए गए हैं।
आयुर्वेद के अनुसार, अंकुरित आहार को कच्चा खाने से बचें और कोशिश करें कि इसे उबालकर घी या तेल में पकाकर ही खाएं। इसके साथ ही, अंकुरित होते ही इसे खा लेना चाहिए। ज्यादा लंबे समय तक अंकुरित होने पर आहार के पोषक तत्वों में अंतर आ सकता है।