आयुष्मान भारत योजना से जालना में थैलेसीमिया पीड़ित दो भाई-बहनों को मिला मुफ्त इलाज
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के जालना जिले में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) एक गरीब परिवार के लिए संजीवनी बनकर सामने आई है। नूतन वसाहत इलाके के निवासी संदीप साबले के दो बच्चे — बेटा संबोधि और बेटी संघप्रिया — थैलेसीमिया जैसी गंभीर आनुवंशिक बीमारी से पीड़ित हैं, और दोनों का इलाज अब संजीवनी अस्पताल में इस केंद्रीय स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत निःशुल्क हो रहा है।
बीमारी का पता और परिवार पर आर्थिक संकट
साबले परिवार की मुश्किलें तब शुरू हुईं जब बेटे संबोधि को लगभग एक वर्ष की आयु में स्वास्थ्य समस्याएँ होने लगीं। जाँच के बाद डॉक्टरों ने थैलेसीमिया की पुष्टि की — एक ऐसी आनुवंशिक रक्त विकार, जिसमें शरीर पर्याप्त स्वस्थ हीमोग्लोबिन नहीं बना पाता और नियमित रक्ताधान (ब्लड ट्रांसफ्यूजन) की जरूरत पड़ती है।
शुरुआती दौर में परिवार ने अपनी जमा-पूँजी से इलाज का खर्च उठाया, परंतु बार-बार की चिकित्सा लागत धीरे-धीरे उनकी आर्थिक सामर्थ्य से बाहर होती चली गई।
आयुष्मान भारत योजना ने दिखाई राह
इसी दौरान संजीवनी अस्पताल के चिकित्सकों ने साबले परिवार को आयुष्मान भारत योजना के प्रावधानों से अवगत कराया। इसके बाद संबोधि का उपचार इस योजना के दायरे में आ गया और परिवार पर पड़ने वाला वित्तीय भार काफी हद तक कम हुआ।
परिस्थितियाँ तब और जटिल हो गईं जब लगभग चार वर्ष बाद उनकी बेटी संघप्रिया को भी थैलेसीमिया होने का पता चला। दूसरे बच्चे में भी यही बीमारी सामने आने के बाद परिवार के समक्ष दोनों बच्चों की एक साथ नियमित चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करने की गंभीर चुनौती उत्पन्न हुई। तत्पश्चात संघप्रिया का इलाज भी इस योजना के अंतर्गत आरंभ हो गया।
हर 21 दिन पर रक्ताधान की जरूरत
परिवार के अनुसार, दोनों बच्चों को लगभग हर 21 दिन पर रक्ताधान कराना पड़ता है, जिससे उन्हें निरंतर चिकित्सा निगरानी की आवश्यकता रहती है। यह स्थिति किसी भी सामान्य परिवार के लिए आर्थिक रूप से अत्यंत कठिन होती है, विशेषकर जब दोनों बच्चों का इलाज एक साथ चल रहा हो।
गौरतलब है कि थैलेसीमिया के ऐसे मामलों में आजीवन उपचार की जरूरत होती है और बोन मैरो ट्रांसप्लांट को छोड़कर फिलहाल नियमित रक्ताधान ही मुख्य प्रबंधन विकल्प है, जिसकी लागत कम आय वाले परिवारों पर भारी पड़ती है।
परिवार ने जताया आभार, दूसरों से की अपील
संदीप साबले ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत मिली सहायता से परिवार का आर्थिक बोझ उल्लेखनीय रूप से घटा है और इससे यह सुनिश्चित हुआ है कि दोनों बच्चों को समय पर आवश्यक उपचार मिलता रहे।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके परिवार को विकट परिस्थिति में संबल दिया। साबले ने आर्थिक तंगी का सामना कर रहे अन्य पात्र परिवारों से भी अपील की कि वे इस योजना की जानकारी लें और इसका लाभ उठाएँ।
जालना का यह मामला इस बात की मिसाल है कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाएँ ज़मीनी स्तर पर कैसे जीवन बदल सकती हैं — बशर्ते पात्र परिवारों तक जानकारी और पंजीकरण की सुविधा समय पर पहुँचे।