बांग्लादेश में डेंगू से 70 मौतें: 24 घंटे में 3 की जान गई, 805 नए मरीज भर्ती
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश में मच्छर जनित बीमारी डेंगू का प्रकोप गहराता जा रहा है। स्वास्थ्य महानिदेशालय (डीजीएचएस) के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से 16 अगस्त 2026 के बीच देश भर में कुल 70 लोगों की डेंगू से मौत हो चुकी है, जबकि केवल एक दिन में 3 मौतें और 805 नए मरीज अस्पतालों में भर्ती हुए।
मुख्य घटनाक्रम
रविवार सुबह 8 बजे तक के 24 घंटों में दर्ज तीनों मौतें ढाका साउथ सिटी कॉर्पोरेशन (डीएससीसी) क्षेत्र में हुईं। इसी अवधि में 701 मरीजों को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दी गई।
1 जनवरी 2026 से अब तक देश भर के अस्पतालों में कुल 23,978 डेंगू मरीज भर्ती हो चुके हैं। इनमें से 22,159 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं, जबकि 1,749 मरीज अभी भी विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन हैं।
चटगांव में तेज़ी से बढ़े मामले
बांग्लादेश के चटगांव जिले में स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है। अगस्त के पहले 11 दिनों में ही चटगांव में 361 मामले सामने आए। ऐतिहासिक आंकड़े बताते हैं कि चटगांव में 2022 में 2,640 मामले, 2023 में 12,003, 2024 में 2,737 और 2025 में 3,060 मामले दर्ज हुए थे।
इस साल जनवरी में प्रति माह 68 मामले थे, जो जुलाई तक बढ़कर 536 हो गए — यानी छह महीनों में लगभग आठ गुना वृद्धि।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
चटगांव के सिविल सर्जन डॉ. जहांगीर आलम ने बताया कि जुलाई और अगस्त की शुरुआत में दर्ज मामलों की संख्या पिछले छह महीनों के कुल मामलों से लगभग दोगुनी रही। उन्होंने कहा, 'बार-बार होने वाली मॉनसून की बारिश एडीज मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल होती है। यही कारण है कि मरीजों की संख्या बढ़ती है।'
यह ऐसे समय में आया है जब स्वास्थ्य विशेषज्ञ जुलाई से अक्टूबर के बीच के महीनों को डेंगू के लिए सबसे संवेदनशील अवधि मानते हैं। गौरतलब है कि मॉनसून के दौरान जलजमाव एडीज मच्छरों के प्रजनन के लिए आदर्श वातावरण तैयार करता है।
आम जनता पर असर
डेंगू का यह प्रकोप बांग्लादेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव बढ़ा रहा है। 1,749 सक्रिय मरीजों के साथ अस्पतालों में बेड और संसाधनों की माँग बनी हुई है। डीएससीसी क्षेत्र में केंद्रित मौतें शहरी इलाकों में मच्छर नियंत्रण की चुनौती को उजागर करती हैं।
क्या होगा आगे
अगले कुछ हफ्ते निर्णायक साबित हो सकते हैं, क्योंकि मॉनसून का मौसम सितंबर तक जारी रहने की संभावना है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने नागरिकों से घरों में और आसपास पानी जमा न होने देने की अपील की है। डीजीएचएस की निगरानी टीमें प्रतिदिन आंकड़े जारी कर रही हैं।