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बांग्लादेश में खसरे का कहर: 4 और मौतें, मृतक संख्या 605 पहुँची; 75,708 मामले दर्ज

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बांग्लादेश में खसरे का कहर: 4 और मौतें, मृतक संख्या 605 पहुँची; 75,708 मामले दर्ज

सारांश

बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप थम नहीं रहा — 15 मार्च से अब तक 605 मौतें और 75,708 मामले। UNICEF की चेतावनियाँ नज़रअंदाज़ कर वैक्सीन खरीद प्रक्रिया बदलने का आरोप, और सत्तारूढ़ सरकार पर प्रतिक्रिया में देरी का इल्ज़ाम — यह संकट अब सिर्फ स्वास्थ्य का नहीं, शासन का भी है।

मुख्य बातें

4 जून 2026 को बांग्लादेश में खसरे से 4 और मौतें; 15 मार्च से कुल मृतक संख्या 605 ।
पुष्टि की गई मौतें 91 , संदिग्ध मौतें 514 ; कुल मामले 75,708 , पुष्ट मामले 9,260 ।
सितंबर 2025 में अंतरिम सरकार ने कथित तौर पर UNICEF की वैक्सीन खरीद प्रणाली छोड़ी — बार-बार की चेतावनियों के बावजूद।
अवामी लीग ने इसे 'शासन की मानव निर्मित विफलता' बताया; BNP सरकार पर चार माह में अपर्याप्त प्रतिक्रिया का आरोप।
माँग: राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषणा, आपातकालीन टीकाकरण अभियान और खरीद विफलताओं की स्वतंत्र जाँच।

बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप गंभीर होता जा रहा है — 4 जून 2026 को चार और मौतें दर्ज होने के साथ 15 मार्च से अब तक पुष्टि और संदिग्ध मौतों की कुल संख्या 605 तक पहुँच गई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इनमें से एक मौत खसरे से होने की पुष्टि हुई, जबकि तीन अन्य खसरे जैसे लक्षणों के साथ हुईं।

ताज़ा आँकड़े और स्थिति

स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 1,136 नए संदिग्ध मामले सामने आए, जिससे कुल संदिग्ध मामलों की संख्या 75,708 हो गई है। इसी अवधि में 69 नए पुष्ट मामले दर्ज हुए, और पुष्ट मामलों की कुल संख्या 9,260 पर पहुँच गई। पुष्टि की गई मौतें 91 और संदिग्ध मौतें 514 हो चुकी हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब ढाका सहित देशभर के अस्पतालों में बाल चिकित्सा आईसीयू, आइसोलेशन वार्ड और वेंटिलेटरी देखभाल पर असाधारण दबाव है। बांग्लादेश के डेली स्टार के एक संपादकीय में चेताया गया है कि इस प्रकोप के कारण विशेष रूप से छोटे बच्चों में जटिलताएँ और मृत्यु दर बढ़ रही है।

वैक्सीन खरीद विवाद: संकट की जड़

गौरतलब है कि सितंबर 2025 में तत्कालीन अंतरिम शासन के दौरान अधिकारियों ने कथित तौर पर संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) के माध्यम से स्थापित विश्वसनीय वैक्सीन खरीद प्रणाली को छोड़कर एक 'खुली निविदा प्रक्रिया' अपना ली। यह कदम UNICEF की बार-बार की चेतावनियों — जिनमें कई औपचारिक पत्र और उच्च स्तरीय बैठकें शामिल थीं — के बावजूद उठाया गया।

आलोचकों का कहना है कि इस निर्णय के परिणामस्वरूप लाखों बच्चों, विशेषकर पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों में, टीकाकरण में भारी अंतर पैदा हुआ — और यही वर्ग अब मृतकों और पीड़ितों का सबसे बड़ा हिस्सा है।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप

अवामी लीग ने इस संकट को 'प्राकृतिक आपदा' नहीं, बल्कि 'शासन की मानव निर्मित विफलता' करार दिया है। पार्टी का आरोप है कि यह संकट मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के कार्यकाल में शुरू हुआ और अब बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (BNP) के नेतृत्व वाली सरकार के अंतर्गत भी जारी है।

अवामी लीग के अनुसार, प्रधानमंत्री तारिक रहमान और BNP सरकार ने फरवरी 2026 में उभरते संकट की पूरी जानकारी के साथ पदभार संभाला, लेकिन बीते चार महीनों में प्रतिक्रिया 'चिंताजनक रूप से अपर्याप्त' रही है। पार्टी ने कहा, 'स्वतंत्र जाँचकर्ताओं ने इसे प्रशासनिक अहंकार और अक्षमता के कारण रचा गया मानव निर्मित नरसंहार बताया है।'

तत्काल माँगें

अवामी लीग ने बांग्लादेश सरकार से स्पष्ट समयसीमा, लक्ष्य और दैनिक सार्वजनिक रिपोर्टिंग के साथ राष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करने की माँग की है। साथ ही, त्वरित आपातकालीन टीकाकरण अभियान, पूर्ण पारदर्शिता, अंतरराष्ट्रीय निगरानी के साथ उपचार और अंतरिम सरकार के कार्यकाल में हुई वैक्सीन खरीद विफलताओं की स्वतंत्र व समयबद्ध जाँच की भी माँग की गई है।

बांग्लादेश में खसरे का यह प्रकोप दक्षिण एशिया में सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र की कमज़ोरियों को उजागर करता है — और जब तक व्यापक टीकाकरण अभियान ज़मीन पर नहीं पहुँचता, मृतक संख्या में और वृद्धि की आशंका बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली सवाल यह है कि पाँच साल से कम उम्र के वे बच्चे जो इस प्रकोप में सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं, उनके लिए जवाबदेही कब और कैसे सुनिश्चित होगी।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप कितना गंभीर है?
15 मार्च 2026 से अब तक बांग्लादेश में खसरे और खसरे जैसे लक्षणों से कुल 605 मौतें हो चुकी हैं, जिनमें 91 पुष्टि की गई और 514 संदिग्ध हैं। कुल मामलों की संख्या 75,708 तक पहुँच गई है, जिनमें 9,260 पुष्ट मामले शामिल हैं।
बांग्लादेश में खसरे के प्रकोप की मुख्य वजह क्या बताई जा रही है?
आलोचकों का कहना है कि सितंबर 2025 में अंतरिम सरकार ने UNICEF की बार-बार की चेतावनियों के बावजूद स्थापित वैक्सीन खरीद प्रणाली छोड़कर खुली निविदा प्रक्रिया अपनाई। इससे लाखों बच्चों, विशेषकर पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों में, टीकाकरण में भारी अंतर पैदा हुआ।
अवामी लीग ने इस संकट पर क्या कहा है?
अवामी लीग ने इसे 'शासन की मानव निर्मित विफलता' बताया है और कहा है कि यह संकट मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार में शुरू हुआ और BNP सरकार के तहत भी जारी है। पार्टी ने BNP सरकार पर फरवरी 2026 में पदभार संभालने के बाद भी चार माह में अपर्याप्त प्रतिक्रिया का आरोप लगाया है।
बांग्लादेश सरकार से क्या माँगें की गई हैं?
अवामी लीग ने स्पष्ट समयसीमा और दैनिक सार्वजनिक रिपोर्टिंग के साथ राष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करने, त्वरित आपातकालीन टीकाकरण अभियान चलाने और अंतरिम सरकार के कार्यकाल की वैक्सीन खरीद विफलताओं की स्वतंत्र जाँच की माँग की है।
बांग्लादेश में खसरे का सबसे ज़्यादा असर किस पर पड़ा है?
पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चे इस प्रकोप में सबसे अधिक प्रभावित हैं और मृतकों व पीड़ितों का बड़ा हिस्सा इसी आयु वर्ग का है। देशभर में बाल चिकित्सा आईसीयू, आइसोलेशन वार्ड और वेंटिलेटरी देखभाल पर भारी दबाव है।
राष्ट्र प्रेस
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