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क्या पीएम सुरक्षित मातृत्व अभियान से मातृ-शिशु सुरक्षा में सुधार हो रहा है?

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क्या पीएम सुरक्षित मातृत्व अभियान से मातृ-शिशु सुरक्षा में सुधार हो रहा है?

सारांश

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत बुरहानपुर में गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित हुआ। 40 महिलाओं की निशुल्क जांच की गई, जिसमें से 10 को उच्च जोखिम गर्भावस्था का सामना करना पड़ा। यह अभियान मातृ-शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।

मुख्य बातें

गर्भवती महिलाओं की निशुल्क स्वास्थ्य जांच की गई।
उच्च जोखिम गर्भावस्था का चिन्हन किया गया।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह और उपचार प्रदान किया गया।
स्वास्थ्य सेवाओं की जागरूकता बढ़ाई गई।
मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के प्रयास।

बुरहानपुर, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत मध्‍य प्रदेश के बुरहानपुर जिला चिकित्सालय की एएनसी ओपीडी में एक विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और मातृ-शिशु सुरक्षा को मजबूत करना था।

इस शिविर में कुल 40 गर्भवती महिलाओं की शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य जांच की गई, जिनमें से 10 महिलाओं को उच्च जोखिम गर्भावस्था की श्रेणी में चिन्हित किया गया। इन सभी महिलाओं को तत्काल आवश्यक उपचार, नियमित निगरानी और विशेषज्ञ चिकित्सकों का परामर्श उपलब्ध कराया गया, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की जटिलता से बचा जा सके।

स्थानीय महिला मंगला भगत ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं को सही समय पर टीकाकरण, पोषाहार और संतुलित आहार के महत्व के बारे में जानकारी दी जाती है।

उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान किस अवस्था में आराम जरूरी है, क्या खाना चाहिए और किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए, यह सब शिविर में विस्तार से समझाया गया, जिससे महिलाओं को काफी लाभ मिल रहा है।

मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रतिभा बागर ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत नियमित रूप से इस तरह के शिविर आयोजित किए जाते हैं, जिनमें गर्भवती महिलाओं को बुलाकर सोनोग्राफी समेत सभी आवश्यक जांचें निशुल्क की जाती हैं। जिन महिलाओं को पहले से प्रसव में जटिलता की आशंका होती है, उन्हें पहले ही चिन्हित कर लिया जाता है, ताकि समय रहते उचित इलाज और समाधान उपलब्ध कराया जा सके।

डॉ. बागर के अनुसार इस योजना को काफी अच्छा फीडबैक मिल रहा है और इसके चलते मातृ मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को अब समय पर इलाज और परामर्श की सुविधा मिलने लगी है।

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की फील्ड ऑफिसर वंदना मिस्सी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि यह कार्यक्रम पूरी योजना और तैयारी के साथ आयोजित किया जाता है, जिससे इसकी सफलता सुनिश्चित होती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भाग लेती हैं और निशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाती हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान से न केवल गर्भवती महिलाओं में जागरूकता बढ़ी है, बल्कि सुरक्षित मातृत्व की दिशा में भी यह एक मजबूत कदम साबित हो रहा है।

शिविर के दौरान गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को प्रसव पूर्व चार अनिवार्य जांचों की अहमियत, गर्भावस्था के दौरान मानसिक स्वास्थ्य की भूमिका, उसकी पहचान और सुरक्षित मातृत्व के लिए संस्थागत प्रसव की अनिवार्यता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

इसके साथ ही सीसीपी, एफसीसी और पीएमएच कार्यक्रमों के अंतर्गत उपलब्ध 24 घंटे निशुल्क सहायता सेवाओं, टोल-फ्री नंबर और टेली मानस जैसी सुविधाओं के बारे में भी जागरूक किया गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान हर महीने नियमित रूप से संचालित किया जाता है, जिससे गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, उपचार और निगरानी संभव हो सके और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में निरंतर कमी लाई जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इस तरह के शिविरों से उन्हें सही समय पर जांच और उपचार मिल रहा है। यह पहल देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव ला सकती है।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान क्या है?
यह एक सरकारी योजना है जिसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
इस शिविर में कितनी महिलाओं की जांच की गई?
इस शिविर में कुल 40 गर्भवती महिलाओं की निशुल्क स्वास्थ्य जांच की गई।
क्या गर्भवती महिलाओं को विशेष उपचार दिया गया?
हाँ, जिन महिलाओं को उच्च जोखिम गर्भावस्था के श्रेणी में चिन्हित किया गया, उन्हें विशेष उपचार और देखभाल दी गई।
इस अभियान का लाभ किस प्रकार होता है?
यह अभियान मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करने और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद करता है।
क्या इस प्रकार के शिविर नियमित रूप से आयोजित होते हैं?
जी हाँ, यह शिविर हर महीने नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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