कोलेस्ट्रॉल को संतुलित करने के लिए बिना दवा के अपनाएं ये सरल उपाय
सारांश
Key Takeaways
- मेथी के पानी से शुरू करें।
- ओट्स और राजमा जैसे खाद्य पदार्थ शामिल करें।
- रिफाइंड तेल का सेवन कम करें।
नई दिल्ली, 28 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। वर्तमान समय की आधुनिक जीवनशैली में शारीरिक गतिविधियों की कमी होना आम हो गया है, क्योंकि अधिकांश लोग दिनभर एक जगह पर बैठे रहते हैं। इस स्थिति के कारण, शरीर धीरे-धीरे कई बीमारियों का शिकार होने लगता है। विशेष रूप से, बढ़ता कोलेस्ट्रॉल आज एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुका है।
30 वर्ष की आयु के बाद, युवाओं में लिवर से संबंधित समस्याएं और कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। आमतौर पर, चिकित्सक इसके लिए दवाओं का उपयोग करते हैं, जो रक्त को पतला करने में सहायक होती हैं। लेकिन आयुर्वेद में इस समस्या को नियंत्रित करने के लिए कई प्राकृतिक और प्रभावी उपाय मौजूद हैं, जो बिना दवाओं के भी स्वास्थ्य में सुधार कर सकते हैं।
बढ़ता हुआ कोलेस्ट्रॉल शरीर में कई बीमारियों को आमंत्रित करता है। इससे स्ट्रोक और दिल के दौरे का खतरा बढ़ जाता है। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर आमतौर पर कम लक्षण सामने आते हैं। कोलेस्ट्रॉल की वृद्धि के संकेतों में पलकों पर धब्बे, सीने में दर्द, सांस लेने में कठिनाई, थकान और पैरों में ऐंठन शामिल है। आयुर्वेद में प्रारंभिक अवस्था में कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए कई उपाय बताए गए हैं, जिन्हें अपनाकर बुरे कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित किया जा सकता है।
दिन की शुरुआत मेथी के पानी से करें। रात को मेथी के दानों को पानी में भिगोकर रखें और उसमें एक लहसुन की कली डालें। इस पानी को छानकर पीने से रक्त में जमा कोलेस्ट्रॉल धीरे-धीरे कम हो जाता है और कोलेस्ट्रॉल बनने की प्रक्रिया भी धीमी हो जाती है। अगर चाहें, तो सुबह लहसुन को भूनकर भी खा सकते हैं।
नाश्ते में ओट्स का सेवन भी फायदेमंद रहेगा। ओट्स में उपस्थित बीटा-ग्लूकन और अलसी का ओमेगा-3 कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मददगार साबित होता है। यह दिल पर पड़ने वाले दबाव को भी कम करता है और खराब कोलेस्ट्रॉल को बाहर निकालता है। अपने आहार में राजमा और दालों को शामिल करें। राजमा में पौधों का प्रोटीन और फाइबर होता है, जो कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को रोकता है और दिल की कार्यक्षमता को बढ़ाता है। इसके साथ ही, रिफाइंड तेल का सेवन कम करें, क्योंकि यह कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने का एक प्रमुख कारण है।