कूलर के पानी में फिटकरी डालें, मच्छरों और बदबू से पाएं तुरंत राहत

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कूलर के पानी में फिटकरी डालें, मच्छरों और बदबू से पाएं तुरंत राहत

सारांश

कूलर के पानी में फिटकरी का छोटा टुकड़ा डालने से बदबू, बैक्टीरिया और मच्छरों के लार्वा से राहत मिलती है। विशेषज्ञों के अनुसार यह सस्ता घरेलू उपाय डेंगू-मलेरिया के खतरे को भी कम कर सकता है, बशर्ते नियमित सफाई भी की जाए।

Key Takeaways

  • फिटकरी (Alum) कूलर के पानी में मौजूद गंदे कणों को तली में बैठाकर पानी साफ रखती है।
  • फिटकरी के हल्के एंटीसेप्टिक गुण बैक्टीरिया कम करते हैं और पानी की दुर्गंध से राहत दिलाते हैं।
  • मादा मच्छर रुके हुए पानी में अंडे देती है — फिटकरी लार्वा पनपने की संभावना कुछ हद तक कम करती है।
  • कूलर के बड़े टैंक में केवल एक छोटा टुकड़ा फिटकरी ही पर्याप्त है, अधिक मात्रा नुकसानदेह हो सकती है।
  • फिटकरी के साथ-साथ हर ३-४ दिन में पानी बदलना और टैंक-पैड्स की सफाई अनिवार्य है।
  • यह उपाय डेंगू, मलेरिया और वायरल संक्रमण के खतरे को कम करने में सहायक है, खासकर गर्मी और मानसून सीजन में।

नई दिल्ली: भीषण गर्मी और उमस भरे मौसम में कूलर सबसे सस्ता और असरदार राहत देने वाला उपकरण है, लेकिन कूलर के टैंक में दिनों तक भरा रहने वाला पानी मच्छरों के लार्वा, बदबू और बैक्टीरिया का घर बन जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, फिटकरी (Alum) का एक छोटा टुकड़ा कूलर के पानी में डालने से यह समस्या काफी हद तक हल हो सकती है।

क्यों बनता है कूलर का पानी खतरनाक?

कूलर में कई दिनों तक एक ही पानी भरा रहने पर उसमें सूक्ष्म जीव, फंगस और गंदे कण जमा होने लगते हैं। धीरे-धीरे पानी से दुर्गंध आने लगती है और यही रुका हुआ पानी मादा मच्छरों के अंडे देने की आदर्श जगह बन जाता है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि गर्मी और बरसात के मौसम में डेंगू, मलेरिया और वायरल संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ते हैं, जिसकी एक बड़ी वजह घरों में ही रुके हुए पानी में पनपते मच्छर होते हैं। कूलर का टैंक इस दृष्टि से सबसे अनदेखी जगहों में से एक है।

फिटकरी कैसे करती है काम?

वैज्ञानिक भाषा में 'एलम' (Alum) कहलाने वाली फिटकरी का उपयोग सदियों से पानी शुद्ध करने के लिए होता आया है। यह पानी में मौजूद छोटे गंदे कणों को आपस में जोड़ती है, जिससे वे भारी होकर तली में बैठ जाते हैं और ऊपर का पानी अपेक्षाकृत साफ दिखने लगता है।

फिटकरी में हल्के एंटीसेप्टिक गुण भी पाए जाते हैं। ये गुण पानी में बैक्टीरिया की संख्या को नियंत्रित करने में मदद करते हैं, जिससे दुर्गंध कम होती है और कूलर के पैड भी अधिक समय तक सही स्थिति में रहते हैं।

मच्छरों पर फिटकरी का प्रभाव

विशेषज्ञों के अनुसार, मादा मच्छर रुके हुए साफ पानी में अंडे देती है। जब पानी लंबे समय तक बिना बदले पड़ा रहे तो उसमें लार्वा तेजी से पनपते हैं। फिटकरी पानी की भौतिक और रासायनिक गुणवत्ता को बदलती है, जिससे मच्छरों के लार्वा के पनपने की संभावना कुछ हद तक कम हो जाती है।

हालांकि विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि फिटकरी पूरी तरह मच्छर-रोधी नहीं है। यह एक सहायक उपाय है और इसके साथ नियमित सफाई भी जरूरी है।

सही तरीका और सावधानियां

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कूलर के बड़े टैंक में केवल एक छोटा टुकड़ा फिटकरी ही पर्याप्त है। अत्यधिक मात्रा में फिटकरी डालने से पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

इसके अलावा हर ३-४ दिन में कूलर का पानी पूरी तरह बदल देना चाहिए। टैंक और पैड्स की नियमित सफाई भी अनिवार्य है ताकि फंगस और जमी हुई गंदगी से बचा जा सके। जब पानी साफ रहता है तो कूलर से आने वाली हवा भी ताजा और ठंडी महसूस होती है।

व्यापक संदर्भ: घरेलू उपाय और सार्वजनिक स्वास्थ्य

यह उपाय ऐसे समय में और भी प्रासंगिक हो जाता है जब भारत में हर साल गर्मियों के मौसम में डेंगू और मलेरिया के लाखों मामले सामने आते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम बार-बार यह दोहराते हैं कि घरों में रुके हुए पानी को नियमित रूप से साफ करना मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम का सबसे प्रभावी तरीका है।

फिटकरी जैसे सस्ते और सुलभ घरेलू उपाय उन परिवारों के लिए विशेष रूप से उपयोगी हैं जो महंगे रासायनिक उत्पादों का खर्च नहीं उठा सकते। आने वाले मानसून सीजन से पहले कूलर की सफाई और रखरखाव पर ध्यान देना स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत जरूरी है।

Point of View

जबकि बचाव का सबसे बड़ा हथियार — घर में रुके पानी की सफाई — सबसे ज्यादा अनदेखा रहता है। कूलर, गमले और छत पर जमा पानी जैसे स्रोतों पर ध्यान न देना एक सामूहिक लापरवाही है जिसकी कीमत आम परिवार चुकाते हैं। सरकारी अभियानों से परे, यह व्यक्तिगत जागरूकता का विषय है जिसे हर घर में प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
NationPress
27/04/2026

Frequently Asked Questions

कूलर के पानी में फिटकरी डालने से क्या फायदा होता है?
फिटकरी पानी के गंदे कणों को तली में बैठा देती है, बैक्टीरिया की संख्या कम करती है और दुर्गंध को नियंत्रित करती है। इससे कूलर का पानी अपेक्षाकृत साफ रहता है और मच्छरों के लार्वा पनपने की संभावना कम होती है।
कूलर में कितनी फिटकरी डालनी चाहिए?
बड़े कूलर टैंक में केवल एक छोटा टुकड़ा फिटकरी पर्याप्त है। अधिक मात्रा में फिटकरी डालने से पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, इसलिए सीमित मात्रा में ही उपयोग करें।
क्या फिटकरी मच्छरों को पूरी तरह खत्म कर देती है?
नहीं, फिटकरी मच्छरों को पूरी तरह नहीं मारती। यह केवल एक सहायक उपाय है जो लार्वा पनपने की संभावना कम करता है। नियमित रूप से पानी बदलना और टैंक की सफाई करना सबसे जरूरी है।
कूलर का पानी कितने दिन में बदलना चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार हर ३ से ४ दिन में कूलर का पानी पूरी तरह बदल देना चाहिए। साथ ही टैंक और पैड्स की सफाई भी नियमित रूप से करनी चाहिए ताकि फंगस और गंदगी न जमे।
कूलर के पानी से बदबू क्यों आती है?
कूलर में लंबे समय तक एक ही पानी रहने से उसमें सूक्ष्म जीव और बैक्टीरिया पनपने लगते हैं, जो दुर्गंध का कारण बनते हैं। फिटकरी के एंटीसेप्टिक गुण इन बैक्टीरिया को नियंत्रित कर बदबू कम करने में मदद करते हैं।
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