दिनभर में चाय का कितना सेवन है सही? जानिए स्वास्थ्य पर प्रभाव
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत में सुबह की शुरुआत अक्सर चाय के साथ होती है। यहाँ चाय केवल थकान मिटाने का उपाय नहीं, बल्कि बातचीत का एक बहाना भी है। सुबह अखबार के संग चाय, ऑफिस में ब्रेक के दौरान चाय और शाम को परिवार के साथ चाय... यह आदत लगभग हर घर में देखने को मिलती है। लेकिन, यदि चाय का सेवन अत्यधिक किया जाए तो यह सेहत के लिए समस्या बन सकती है। आयुर्वेद और विज्ञान दोनों की मान्यता है कि अधिक चाय पीने से शरीर का संतुलन बिगड़ सकता है।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से, एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए दिनभर में दो से तीन कप चाय का सेवन उचित माना जाता है। एक कप चाय में लगभग तीस मिलीग्राम कैफीन होती है। यदि चाय का सेवन अत्यधिक किया जाए, तो कैफीन की मात्रा बढ़ जाती है। जब शरीर में कैफीन की मात्रा जरूरत से ज्यादा हो जाती है, तो इसका सीधा असर मस्तिष्क और नींद पर पड़ता है। इससे व्यक्ति को बेचैनी, घबराहट, और रात में नींद न आने की समस्याएँ होने लगती हैं। कभी-कभी हाथ-पैर में हल्का कंपन भी महसूस होता है, जो कैफीन के बढ़ते दबाव का संकेत है।
चाय में एक तत्व टैनिन भी होता है, जो आयरन के अवशोषण में रुकावट डालता है। यदि कोई व्यक्ति खाने के तुरंत बाद या खाने के साथ चाय पीता है, तो उसे भोजन से मिलने वाला आयरन पूरी तरह से नहीं मिल पाता। लंबे समय तक ऐसा होने पर खून की कमी (एनीमिया) की समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि चाय हमेशा भोजन से कम से कम एक घंटा पहले या एक घंटा बाद ही पीनी चाहिए।
आयुर्वेद के अनुसार, चाय का स्वभाव उष्ण यानी गर्म होता है। चाय का अधिक सेवन पेट में गर्मी बढ़ा सकता है, जिससे एसिडिटी, गैस, और सीने में जलन जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। खासकर खाली पेट चाय पीना सबसे ज्यादा नुकसानदायक माना जाता है। सुबह-सुबह खाली पेट चाय पीने से पाचन अग्नि असंतुलित हो जाती है, जिससे मेटाबॉलिज्म गड़बड़ाने और दिनभर भारीपन या मतली महसूस होने की संभावना बढ़ जाती है।
दूध और चीनी वाली चाय अगर सीमित मात्रा में ली जाए तो नुकसान नहीं करती, लेकिन अधिकता होने पर वजन बढ़ सकता है। चीनी शरीर में अतिरिक्त कैलोरी जोड़ती है और दूध वाली चाय बार-बार पीने से शरीर को अनावश्यक फैट मिल सकता है। यही कारण है कि जो लोग वजन कम करना चाहते हैं या डायबिटीज से जूझ रहे हैं, उन्हें चाय की मात्रा और उसमें मिलाई जाने वाली चीनी पर ध्यान देना चाहिए।