11 अक्टूबर 2026
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कांगो में इबोला: 25 मरीज ठीक होकर घर लौटे, डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने दी चेतावनी — खतरा अभी टला नहीं

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कांगो में इबोला: 25 मरीज ठीक होकर घर लौटे, डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने दी चेतावनी — खतरा अभी टला नहीं

सारांश

कांगो में इबोला की लड़ाई में एक सतर्क उम्मीद — इसिरो से 25 मरीजों की छुट्टी और 9,000 से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों का टीकाकरण सकारात्मक संकेत हैं। पर डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस की चेतावनी साफ है: कुछ इलाकों में आग अभी भी भड़क रही है और राहत अभियान को और तेज़ करना होगा।

मुख्य बातें

डब्ल्यूएचओ महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने 10 अक्टूबर 2026 को डीआरसी में इबोला की स्थिति पर अपडेट दिया।
इसिरो के उपचार केंद्र से 25 मरीज (13 महिलाएं, 12 पुरुष) 9 अक्टूबर को स्वस्थ होकर घर लौटे।
उपचार केंद्र की क्षमता 10 बेड के विस्तार के साथ 50 बेड हो गई; डब्ल्यूएचओ ने एक टन से अधिक चिकित्सा सामग्री प्रदान की।
अब तक 9,000 से अधिक अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मियों को एर्वेबो वैक्सीन दी जा चुकी है; 211 कर्मियों को बुनिया केंद्र में प्रशिक्षण मिला।
डब्ल्यूएचओ ने चेतावनी दी — कुछ क्षेत्रों में प्रकोप धीमा, लेकिन अन्य इलाकों में अभी भी सक्रिय ।
वैक्सीन प्रभावकारिता मंच परीक्षण आने वाले हफ्तों में शुरू होने की उम्मीद।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को बताया कि डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में इबोला के विरुद्ध चल रही लड़ाई में उल्लेखनीय प्रगति हुई है — इसिरो स्थित डब्ल्यूएचओ-समर्थित उपचार केंद्र से 25 स्वस्थ मरीजों को छुट्टी दी गई है। हालाँकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि जहाँ कुछ क्षेत्रों में महामारी की रफ्तार धीमी पड़ी है, वहीं अन्य इलाकों में प्रकोप अभी भी फैल रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

हौत-उएले प्रांत की राजधानी इसिरो में स्थित डब्ल्यूएचओ-समर्थित इबोला उपचार केंद्र से शुक्रवार, 9 अक्टूबर को 13 महिलाओं और 12 पुरुषों सहित कुल 25 मरीजों को उपचार के बाद छुट्टी दी गई। इन मरीजों को बुंडीबुग्यो वायरस रोग (बीवीडी) से संक्रमण हुआ था, जो वर्तमान प्रकोप का कारण बन रहा है।

यह उपचार केंद्र मेडिसिन्स सैन्स फ्रंटियर्स (एमएसएफ) के सहयोग से संचालित है और हाल ही में इसमें 10 अतिरिक्त बेड जोड़े गए हैं, जिससे इसकी कुल क्षमता 50 बेड हो गई है। डब्ल्यूएचओ ने इसिरो जनरल रेफरल अस्पताल को एक टन से अधिक चिकित्सा सामग्री भी उपलब्ध कराई है, जिसमें ऑक्सीजन उपकरण, स्वास्थ्यकर्मियों के लिए दस्ताने, मास्क, बिस्तर और गद्दे शामिल हैं।

टीकाकरण अभियान की स्थिति

टेड्रोस के अनुसार, दक्षिण कैरोलिना सरकार के नेतृत्व वाले टीकाकरण कार्यक्रम के तहत हौत-उएले प्रांत के पहले 100 अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मियों को एर्वेबो वैक्सीन का टीका लगाया गया। यह वैक्सीन इबोला जैरे स्ट्रेन से सुरक्षा प्रदान करने में सिद्ध है, और वर्तमान प्रकोप के कारणभूत बुंडीबुग्यो वायरस के विरुद्ध इसकी प्रभावशीलता का अध्ययन जारी है। अब तक इस अभियान के तहत 9,000 से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों को एर्वेबो का टीका दिया जा चुका है।

इसके अतिरिक्त, एमएसएफ और उसके साझेदारों ने 'ब्रावो' अध्ययन के अंतर्गत कम से कम 870 अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं को एर्वेबो का टीका लगाया है। यह अध्ययन बीवीडी से होने वाली गंभीर बीमारी और मृत्यु को रोकने में वैक्सीन की भूमिका का आकलन कर रहा है। डब्ल्यूएचओ एर्वेबो और बीवीडी-विशिष्ट टीकों दोनों के लिए एक वैक्सीन प्रभावकारिता मंच परीक्षण का समर्थन कर रहा है, जिसके आने वाले हफ्तों में शुरू होने की उम्मीद है।

स्वास्थ्यकर्मियों का प्रशिक्षण

डब्ल्यूएचओ ने इटुरी प्रांत की राजधानी बुनिया में अपने नैदानिक प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से अब तक 211 स्वास्थ्यकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया है। इसके साथ ही, संगठन जल्द ही उत्तरी किवू में एक नया प्रशिक्षण केंद्र खोलने की तैयारी में है, जो प्रकोप-प्रभावित अन्य क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ाएगा।

डब्ल्यूएचओ की चेतावनी और आगे की राह

टेड्रोस ने स्पष्ट किया कि कुछ क्षेत्रों में महामारी की रफ्तार धीमी होने के बावजूद, अन्य इलाकों में प्रकोप अभी भी सक्रिय है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत आवश्यक है कि राहत कार्य को न केवल बनाए रखा जाए, बल्कि उन क्षेत्रों तक बढ़ाया भी जाए जहाँ संक्रमण पहले से मौजूद है और जहाँ यह आगे फैल सकता है।

डब्ल्यूएचओ डीआरसी सरकार और तमाम अंतर्राष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर प्रकोप को जल्द-से-जल्द नियंत्रण में लाने के प्रयासों में जुटा है। गौरतलब है कि यह प्रकोप डीआरसी में इबोला के इतिहास में एक और गंभीर कड़ी है — एक ऐसा देश जो पिछले तीन दशकों में कई बार इस वायरस की चपेट में आ चुका है। इस बार बुंडीबुग्यो स्ट्रेन की उपस्थिति और प्रभावी वैक्सीन की सीमित उपलब्धता स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए अतिरिक्त चुनौती बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

संसाधन सीमित और वैक्सीन परीक्षण तब तक अधूरे जब तक संकट गहरा न हो जाए। इस बार बुंडीबुग्यो स्ट्रेन के विरुद्ध एर्वेबो की प्रभावकारिता अभी भी अनिश्चित है — 'ब्रावो' अध्ययन और मंच परीक्षण चल रहे हैं, जो बताता है कि लड़ाई विज्ञान के मोर्चे पर भी पूरी तरह तैयार नहीं है। 9,000 से अधिक टीकाकृत स्वास्थ्यकर्मी एक उत्साहजनक संख्या है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या यह गति उन क्षेत्रों तक पहुँच पाएगी जहाँ प्रकोप अभी भी फैल रहा है — और क्या अंतर्राष्ट्रीय समुदाय तब तक धन व ध्यान बनाए रख सकता है जब तक खबरें सुर्खियों में हैं।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीआरसी में इबोला का वर्तमान प्रकोप किस स्ट्रेन से है?
वर्तमान प्रकोप बुंडीबुग्यो वायरस रोग (बीवीडी) के कारण हो रहा है, जो इबोला परिवार का एक अलग स्ट्रेन है। यह इबोला जैरे स्ट्रेन से भिन्न है, जिसके लिए एर्वेबो वैक्सीन पहले से सिद्ध है।
इसिरो के इबोला उपचार केंद्र की स्थिति क्या है?
इसिरो में डब्ल्यूएचओ और एमएसएफ के सहयोग से संचालित इबोला उपचार केंद्र की क्षमता बढ़ाकर 50 बेड कर दी गई है। 9 अक्टूबर 2026 को यहाँ से 25 स्वस्थ मरीजों को छुट्टी दी गई।
एर्वेबो वैक्सीन बुंडीबुग्यो वायरस पर कितनी कारगर है?
एर्वेबो वैक्सीन इबोला जैरे स्ट्रेन के विरुद्ध प्रभावी साबित हो चुकी है, लेकिन बुंडीबुग्यो स्ट्रेन पर इसकी प्रभावकारिता का अध्ययन अभी जारी है। 'ब्रावो' अध्ययन और डब्ल्यूएचओ-समर्थित मंच परीक्षण आने वाले हफ्तों में शुरू होने की उम्मीद है।
डब्ल्यूएचओ ने कितने स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित और टीकाकृत किया है?
डब्ल्यूएचओ ने बुनिया स्थित प्रशिक्षण केंद्र में अब तक 211 स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित किया है। टीकाकरण अभियान के तहत 9,000 से अधिक अग्रिम पंक्ति के कर्मियों को एर्वेबो वैक्सीन दी जा चुकी है।
क्या डीआरसी में इबोला प्रकोप नियंत्रण में आ गया है?
नहीं, स्थिति आंशिक रूप से सुधरी है। डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में महामारी धीमी पड़ी है, लेकिन अन्य इलाकों में प्रकोप अभी भी सक्रिय है और राहत कार्य को और बढ़ाने की जरूरत है।
राष्ट्र प्रेस
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