DRC में इबोला प्रकोप: 344 मामले, 60 मौतें; WHO प्रमुख टेड्रोस बोले — स्थिति पर पकड़ बन रही
सारांश
मुख्य बातें
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने 4 जून को जिनेवा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो (DRC) में जारी इबोला प्रकोप से निपटने की कोशिशें अब स्थिति को संभालने लगी हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 344 मामलों की पुष्टि हुई है, जिनमें 60 लोगों की मौत हो चुकी है, और संदिग्ध मामलों की संख्या पिछले हफ्ते के 1,000 से घटकर 116 रह गई है।
मौजूदा हालात और आँकड़े
टेड्रोस के अनुसार, पुष्ट मामले तीन प्रांतों के 24 स्वास्थ्य क्षेत्रों में सामने आए हैं। DRC सरकार ने मंगलवार को बताया कि सोमवार तक छह मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। हाल ही में DRC के दौरे से लौटे टेड्रोस ने कहा, ‘जो मैंने वहाँ देखा, उससे मुझे उम्मीद मिली है, हालाँकि अभी भी कई चुनौतियाँ बाक़ी हैं।’
WHO का जोखिम आकलन
WHO प्रमुख ने स्पष्ट किया कि जोखिम आकलन पहले जैसा ही है — देश के भीतर ‘बहुत ज़्यादा’, क्षेत्रीय स्तर पर ‘ज़्यादा’ और वैश्विक स्तर पर ‘कम’। उन्होंने स्वीकार किया कि शुरुआती दौर में प्रतिक्रिया देर से हुई, लेकिन अब DRC सरकार के नेतृत्व में स्थिति पर पकड़ बन रही है।
चुनौतियाँ अभी भी बरकरार
टेड्रोस ने कई बाधाओं का ज़िक्र किया — मामलों की पुष्टि में देरी कम करने के लिए प्रयोगशाला और जाँच क्षमता बढ़ाने की ज़रूरत, संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की पहचान, यात्रा प्रतिबंधों से आपूर्ति श्रृंखला में रुकावटें, समुदाय का अविश्वास, और यह तथ्य कि ‘बुंडीबुग्यो इबोलावायरस’ स्ट्रेन के लिए फ़िलहाल कोई लाइसेंस्ड टीका या विशिष्ट उपचार उपलब्ध नहीं है।
गोमा में राहत की ख़बर
उत्तर किवू प्रांत की राजधानी गोमा में इबोला से संक्रमित एक मरीज़ को बुधवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉक्टरों ने उसे पूरी तरह स्वस्थ घोषित किया। चिकित्सा सहायता संस्था डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स ने सोमवार को बताया कि उत्तर किवू में पहले की महामारियों के दौरान बनाई गई व्यवस्थाओं के आधार पर ही काम चल रहा है। गोमा में 80 बिस्तरों वाला एक इबोला उपचार केंद्र स्थापित किया गया है।
सुरक्षा संकट और आगे की राह
गौरतलब है कि पूर्वी DRC का प्रमुख शहर गोमा 2025 की शुरुआत से मार्च 23 मूवमेंट (M23) नामक विद्रोही समूह के नियंत्रण में है। लगातार सुरक्षा समस्याओं के कारण उत्तर किवू के कई इलाक़ों तक पहुँच मुश्किल बनी हुई है। WHO ने बुधवार को कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद उसकी टीम किवू क्षेत्र में लगातार काम कर रही है। आने वाले हफ़्तों में संपर्क-ट्रेसिंग और प्रयोगशाला क्षमता का विस्तार ही प्रकोप पर अंतिम नियंत्रण की कुंजी होगा।