वेनेजुएला भूकंप: 'ऑपरेशन अमिस्ताद' में भारतीय सेना के फील्ड अस्पताल की पीड़ितों ने की तारीफ
सारांश
मुख्य बातें
काराकस में 5 जुलाई 2026 को सामने आई तस्वीरें और बयान बता रहे हैं कि वेनेजुएला के विनाशकारी भूकंप पीड़ित भारतीय सेना के फील्ड अस्पताल में मिल रही चिकित्सा सेवाओं की मुक्त कंठ से सराहना कर रहे हैं। 'ऑपरेशन अमिस्ताद' के तहत तैनात भारतीय मेडिकल टीमें चौबीसों घंटे सर्जरी, ट्रॉमा केयर और आपातकालीन सेवाएं प्रदान कर रही हैं। यह मिशन 24 जून 2026 को आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दोहरे भूकंपों के बाद शुरू किया गया था।
मुख्य घटनाक्रम
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें कई भूकंप पीड़ित भारतीय डॉक्टरों और मेडिकल टीम के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते दिखे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि भारतीय सेना का फील्ड अस्पताल 'मानवता और सेवा' का प्रतीक बनकर काम कर रहा है।
पीड़ितों की आवाज़
एक घायल मरीज की माँ लिजेट रोड्रिगेज ने बताया, 'मैंने अपने बेटे एंथनी अगिलार्ते को फीमर फ्रैक्चर के इलाज के लिए भारतीय सेना के फील्ड अस्पताल में भर्ती कराया। सोच यही थी कि बेहतरीन मेडिकल टीम मेरे बच्चे को अच्छी तरह ट्रीट करेगी और ऐसा हुआ। भारत सरकार और मेडिकल टीम का धन्यवाद कि उन्होंने इस कठिन समय में हमें मदद पहुंचाई।'
एक अन्य घायल योए गार्सिया ने बताया कि भूकंप में हाथ और पैर में गंभीर चोट लगने के बाद भारतीय मेडिकल टीम ने उनका सफल ऑपरेशन किया, जिससे वह अब ठीक हो रहे हैं। गौरतलब है कि ये बयान उस भरोसे को रेखांकित करते हैं जो पीड़ित जनता ने भारतीय चिकित्सा दल पर जताया है।
भारतीय सेना का अभियान
भारतीय सेना की एडीजीपीआई के अनुसार, फील्ड अस्पताल 24 घंटे सक्रिय है और सर्जरी, ट्रॉमा केयर तथा आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहा है। यह मिशन भारत की मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) नीति की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत ने हाल के वर्षों में तुर्किये, नेपाल और श्रीलंका जैसे देशों में भी इसी तरह की त्वरित राहत भेजी है।
वेनेजुएला में तबाही का पैमाना
24 जून 2026 को आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंपों में अब तक लगभग 2,954 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग घायल और बेघर हैं। वेनेजुएला सरकार ने राहत कार्यों के लिए 80 अस्थायी शिविर स्थापित किए हैं और हजारों बचावकर्मी खोज एवं राहत अभियान में जुटे हैं।
आगे क्या
भारतीय मेडिकल टीम की तैनाती जारी रहने की संभावना है क्योंकि राहत और पुनर्वास कार्य अभी भी चल रहे हैं। 'ऑपरेशन अमिस्ताद' भारत की विदेश नीति में 'वसुधैव कुटुम्बकम' के सिद्धांत को व्यावहारिक रूप देने का एक और उदाहरण बनता जा रहा है।